MP TET Secondary Teacher (Music) Syllabus 2026, Exam Pattern, Exam Date 2026
Detail Information about MP TET has published notification 2026 for the recruitment of Secondary Teacher (Music) vacancies. Those Candidates who are Interested to the following vacancy and completed all Eligibility Criteria can read the Notification & Apply Online. In this page we provide the Complete Syllabus of this Recruitment with Latest Update Exam Pattern and the Exam Date also.
MP TET Secondary Teacher Syllabus 2026 - Overview
| Board Name |
Madhya Pradesh Employee Selection Board (MP ESB) |
| Exam Name |
MP TET Varg 2 Teacher Selection Test 2026 |
| Posts |
Secondary Teacher (Music-Singing Playing) |
| Total Post |
Notified Soon |
| Mode of Application |
Online |
| Exam Date 2026 |
Notified Soon |
| Selection Process |
Written Exam |
| Category |
Syllabus and Exam Pattern |
| Job Location |
Madhya Pradesh |
| Official website |
http://www.esb.mp.gov.in/ |
| Offical Notification PDF |
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MP TET Secondary Teacher (Music) Syllabus 2026
Music :-
इकाई-1 :
काल विभाजन के आधार पर भारतीय संगीत के इतिहास का विस्तृत अध्ययन एवं विभिन्न बातों में रचितसंगीत ग्रन्थों की जानकारी:-
1. भारतीय संगीत की यात्रा वैदिक काल से आधुनिक काल तक।
2. संगीत के इतिहास काल का विभाजन।
3. उत्तरभारतीय संगीत का संक्षिप्त विवरण।
4. स्वतंत्र भारत में संगीत।
5. संगीत के प्राचीन एवं मध्यकालीन प्रमुख ग्रन्थयों की जानकारी।
इकाई-2 :
संगीत में ध्वनि एवं स्वर-शास्त्र व संगीत के सप्तक का विकास:-
1. ध्वनि, ध्वनि के प्रकार, कम्पन या आंदोलन आवृत्ति कालमान डोल, उपस्वरः
2. नाद व नाद के प्रकार, नाद के लक्षण तारता, तीव्रता, गुम।
3. सप्तक व सप्तक के प्रकार।
4. सेमीटोन, मेजर टोन व माइनस्टीन का परिचया
5. स्केल-डायटोनिक स्केल, नेचुरल स्केल टेम्पर्ड स्केल की जानकारी।
इकाई-3 :
संगीत के आधारभूत पारिभाषिक शब्दों का ज्ञान
संगीत, संगीत की पद्धति, श्रुति, स्वर व स्वर के प्रकार, ठाठ (बाट), अलंकार, राग, आरोह अवरोह, परुज, बादी, सम्वादी, विवादी, अनुबादी, राग की जातियां, आताप, बोल आलाप, तान, बोलतान भी सूरमुकटका, घसीट, जगजमा, कन्तन, गमक, भ्ठाला तोडा, कण, गत (मसीतवानी व रजाखानी विभवतिरोभाव, स्थाई, अंतरा
इकाई-4
1. हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति में ठाठ का विकास एवं
2. राम के भेद व कर्नाटक पद्धति के 72 ठाठ (मेल) की जानकारी-
3. हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति के 10 (दस) ठाठ व उनका स्वर-विवरण।
(1) कल्याण (6) मारवा
(2) विलावल (7) आसावरी
(3) खमाज (8) पूर्वी
(4) काफी (9) भैरवी
(5) भैरव (10) तोड़ी
4. शुद्ध, छायालग व संकीर्ण राग।
5. ठाठ व राग की तुलनात्मक अध्ययन।
इकाई-5 :
निम्नलिखित रागों का विस्तृत सैद्धान्तिक व क्रियात्मक ज्ञान-
कल्याण ठाठ-भूपाली, कामोद, गौड़ सारंग।
बिलावल ठाठ-शंकरा, देशकार, अल्हैया बिलावल ।
खमाज ठाठ-तिलक कामोद, तिलंग, जयजयंवती।
काफी ठाठ-वृन्दावनी सांरग, मियाँ मल्हार शिवरंजनी।
भैरव ठाठ-विभास, रामकली, नट भैरव।
मारवा ठाठ-पूरिया, सोहनी, भटियार।
आसावरी ठाठ-दरबारी कान्हड़ा, जैनपुरी, अड़ाना।
पूर्वी ठाठ-पूरिया धनाश्री, बसंत, परज।
भैरवी ठाठ-मालकौंस, भैरवी,।
तोड़ी ठाठ-मुलतानी, तोड़ी।
इकाई-6 : स्वर लिपि एवं ताललिपि पद्धति
इकाई-7 :
प्राचीन एवं मध्यकालीन एवं आधुनिक शस्त्रकारों द्वारा श्रुति स्वर विभाजन का विस्तृत अध्ययन :-
1. 22 (बाईस) श्रुतियों पर प्राचीन पद्धति से शुद्ध स्वरों की स्थापना।
2. 22 (वाईस) युतियों पर आधुनिक पद्धति से बारह स्वरों की स्थापना।
इकाई-8 : गायन और वादन शैलियों का विस्तृत ज्ञान- निबद्ध व अनिबद्ध गान)
ध्रुपद, ध्रुपद की वाणियां, ख्याल, टप्पा, तराना, ठुमरी, लक्षण गीत, सरगम गीत, होरी, दादरा, बमसा, सादरा, लावणी कजरी, चैती, चतुरंग, तिववट, कव्वाली, गजल, भजन, कीर्तन, लोकगीत, चित्रपट संगीत।
इकाई-9 :
ताल ज्ञान व ताल के दस प्राण-
ताल संबंधी आधारभूत ज्ञान, लय व लय के प्रकार, ताल सम, बाली, ताली (भरी), मात्रा, विभाग, आवर्तन,
ठेका, टुकड़ा, ठाह, दुगुन, चौगुन, उठान, कायदा, पलटा, रेला, पेशकार, तिहाई, परन, लग्गी, मही।
निम्नलिखित तालों का विस्तृत ज्ञान -
चौताल , तीव्र, तिलवाड़ा, दीपचंदी, भूमरा, आड़ा, चारताल, घमार, तीनताल, एकताल, दादरा, कहरवा,
रूपक, भूपताल आदि (गृह दुगुन, चौगुन, आड, कुआड़ साहित
इकाई-10 :
भारतीय मतानुसार वाद्य वर्गीकरण का सामान्य परिचय एवं प्रचालित वाद्ययंत्रों की ट्यूनिंग प्रोसेस-
वाद्यों की विभिन्न श्रेणियाँ
तत् वित्त वाद्य -तानपुरा, सितार, वीणा, सरोद, सारंगी, गिटार, बायलिन आदि बाँसुरी, हार्मोनियम, क्लारनेट, शहनाई, बीन, शंख आदि
सुषिर वाद्य -बाँसुरी, हार्मोनियम, क्लारनेट, शहनाई, बीन, शंख आदि
अवनद्ध वाद्य -तबला, ढोलक, मृदंग, कोल पखावज, डमरू, नगाड़ा, खंजरी, डफली आदि।
घन वाद्य -जलरंग, मंजीरा, झांश, करताल, घुँघरू आदि
प्रचलित वाद्ययंत्रो जैसे -तानापुरा, सितार, तबला, ढोलक, गिटार व वॉयलिन को मिलाने या ट्यून करने की विधि की जानकारी।
इकाई-11 :
राग-समय सिद्धान्त एवं सन्धि प्रकाश रागे की जानकारी-
परमेल प्रवेशक राग-
स्वर एवं समय अनुसार रागों का विभाजन
-पूर्वराग
-उत्तर राग
-पूर्वागवादी राग
-उत्तरांग वादी राग
सन्धि प्रकाश रागों की जानकारी
परमेलप्रवेशक रागों की जानकारी
इकाई-12 :
रागों के लक्षणों की विस्तृत जानकारी (प्राचीन व आधुनिक)
1. गृह, अंश, न्यास, उपन्यास, मंदृत्व-तारत्व, अल्पत्य, बहुत्व, औडव- पाडव।
2. ठाठ, आरोह, अवरोह, जाति, वादी, सम्बादी, पकड़ न्यास के स्वर, पूर्वाङ्ग उत्तराड़, गायन समय, आविर्भाव-तिरोभाव, राग का रस ।
इकाई-13 :
गायन एवं वादन के घरानों का विस्तृत ज्ञान -
1. गायन के घराने ग्वालियर घराना, जयपुर घराना, पटियाला घराना, किराना घराना, आगरा घराना, दिल्ली घराना, मेवाती घराना, भिण्डी बाजार घराना।
2. वादन (तबला) के घराने वाराणसी घराना, दिल्ली घराना, अजराड़ा घराना, लखनऊ घराना, पंजाब घराना, फरुखाबाद घराना,
इकाई-14 :
गायन एवं वादको के गुण-दोषों का विस्तृत अध्ययन :-
1. गायन- स्वर संबंधी, श्रुति संबंधी, आवाज, लय, ताल, मुद्रा, भाव, रस, अभ्यास, नियम, उच्चारण, स्वास संबंधी गुण एवं दोष
2. वादन-लय, ताल, समय, स्वर, दृढ़ता, ध्वनि संतुलन, शास्त्र संबंधी गुण एवं दोष
3. (नोट - इसके अतिरिक्त सभी गुण दोषो का अध्ययन आवश्यक है।)
इकाई-15 :
संगीत और रस/राग और ऋतुये/ताल और रस रागों का रस एवं भावों से संबंध -
1. स्वर अनुसार राग का रस से संबंध।
जैसे- थुगार, वीर, करूण, हास्य, वीभत्स, भयानक, अद्भुत, शांत, रोड,
2. ऋतुओं के अनुसार रागों की जानकारी-
3. विभिन्न ताल एवं रस का अन्र्तसंबंध ।
4. मनुष्य के मनोभावों का संगीत से संबंध ।
इकाई-16 :
भारत के प्रसिद्ध संगीतज्ञों का संगीत के क्षेत्र में योगदान (गायन/वादन) -
1. तानसेन, सदारंग-अदारंग, उस्ताद अलाउद्दीन खॉ, पं. विष्णु नारायण भातखण्डे, जाकिर हुसैन, उस्ताद अमजद अली खाँ, विलायत बाँ, डॉ. एन. राजम, अल्ला रक्या खॉ, पंडित रविशंकर, हरिप्रसाद चौरसिया,
2. संगीत में भारत रत्न विभूषित संगीतकारों का योगदान
इकाई-17 राष्ट्रगान :
राष्ट्रीयगीत, मध्यप्रदेश गान, एवं प्रचलित देश भक्ति गीतों की विस्तृत जानकारी -
1. रचयिता/गीतकार
2. संगीतकार ।
3. गायक/गायिका / कोरस ।
4. आधारभूत राग एवं ताल ।
इकाई-18 :
मध्यप्रदेश का लोक संगीत (गायन/वादन) :
1. मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोकगीत जैसे- मालवी, निमाड़ी, बघेली, बुन्देलखण्डी आदि।
2. पारम्परिक वाद्य यंत्र।
इकाई-19 :
1. संगीत के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान / पुरुस्कार एवं समारोहों की जानकारी
2. सम्मान/पुरुस्कार संगीत नाटक एकेडमी पुरुस्कार, तानसेन सम्मान, कालिदास सम्मान, लता मंगेशकर
3. सम्मान, किशोरकुमार सम्मान, शिखर सम्मान, कुमार गंधर्व सम्मान एवं अन्य।
4. समोरोह - तानसेन समारोह, अलाउद्दीन खाँ समारोह, आमिर वाँ समारोह, कुमार गंधर्व समारोह कालीदास समारोह एवं अन्य।
इकाई-20:
संगीत शिक्षण में कौशलात्मक विकास -
(स्वर ज्ञान, अलंकार, राग, ठाठ, ताल संबंधी कौशलात्मक प्रश्न)
जैसे
1. स्वर-समूहों के माध्यम से ठाठ व रागों की पहचान।
2. ताल के बोलों को पूरा करना।
3. किसी ताल में खाली, भरी, सम दिखाने का कौशल।
4. स्वर लिपि व ताललिपि में दुगुन, चौगुन, अठगुन करने का कौशल।
5. स्वर समूह में स्वरों की संख्या के आधार पर राग की जाति पहचानना। स्वरों की प्रधानता के आधार पर पूर्वांगवादी व उत्तरांगवादी राग पहचानना।
6. लय एवं लयकारी से संबंधित कौशल आधारित प्रश्न।
7. किसी स्वर की आंदोलन संख्या देकर अगले स्वरों की आंदोलन संख्या ज्ञात करना।
8. संबंधित कौशलात्मक प्रश्न
MP TET Secondary Teacher (Music) Exam Pattern 2026
Duration : 120 Minutes
| S.No |
Subject |
No.of Question |
Marks |
| 1 |
Music-Singing Playing |
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