Bachelor In Audiology 

संवाद करने में सक्षम बनाने का पेशा :-
जब आंखे कमजोर हो जाती हैं तो हमें चश्में की जरूरत होती है। इसी तरह जब सुनने या बोलने में समस्या होती है तो सहायक युक्तियों की जरूरत होती है। ऑडियोलॉजिस्ट वे पेशेवर हैं जो मशीनों का प्रयोग करके सुनने से ग्रस्त लोगों की पहचान करने, मुल्यांकन करने और उनके स्थापित करने का काम इनके द्वारा किया जाता है। यदि सब रोचक लगे तो ऑडियोलॉजिस्ट का पेशा उपयुक्त रहेगा।
भूमिका :-
ये मूल तौर पर कान से संबंधित समरूयाओं के विशेषज्ञ होते हैं। सुनने, संतुलन बनाने और कान से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले मरीजों के साथ काम करते हैं। ईएनटी से जुड़े स्वास्थ्य क्षेत्र, न्यूरोलॉजी, साइकियाट्रिक, पीडियाट्रिक्स, सर्जरी, ओंकोलॉजी विभागों, शोध व शिक्षा संस्थानों में रोजगार पा सकते हैं। स्नातक डिग्री पूरी करने के गाद इन पेशेवरों का प्रारंभिक औसत वेतन 18-25 हजार रु. मासिक तक होता है। मास्टर डिग्री के बाद जॉब करने पर यह राशि 25-35 हजार रु. मासिक तक होती है।
एक नजर में :-
कॅरियर विकल्पः ऑडियोलॉजिस्ट, स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट, हियरिंग काउंसलर, रिसर्चर प्रोग्रामः बीए (ऑडियोलॉजी ऐंड स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी)/बीएससी (स्पीच ऐंड हियरिंग) अवधिः 4 वर्ष योग्यताः विज्ञान समूह के साथ 12वीं