Career in Physiotherapy After 12th
(डिप्लोमा इन फिजियोथैरेपी)

डिप्लोमा इन फिजियोथैरेपी (DPT) मेडिकल नर्सिंग में एक व्यावसायिक कोर्स है, जिसे किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक बोर्ड से विज्ञान स्ट्रीम में कक्षा-12 उत्तीर्ण करने के बाद किया जा सकता है। इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष होती है। इस कोर्स को करने के बाद लेक्चरर, रिसर्चर, प्रोफेसर, थैरेपी मैनेजर, रिसर्च असिस्टेण्ट, कस्टमर केयर असिस्टेण्ट, असिस्टेण्ट फिजियोथैरेपिस्ट, स्पोर्ट्स फिजियो रिहबिलिटेटर और सेल्फ एम्पलॉएड प्राइवेट फिजियोथैरेपिस्ट आदि के रूप में कार्य कर सकते हैं। केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के स्वास्थ्य विभागों के तहत चलाए जा रहे अस्पतालों, स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य सम्बन्ध, सरकारी परियोजनाओं, रक्षा मन्त्रालय के विभागों, खेल प्राधिकरणों, रेलवे, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि में भी फिजियोथैरेपिस्ट की आवश्यकता होती है। सरकारी क्षेत्र में फिजियोथैरेपिस्ट को रू 35400 से रू 112400 के अनुसार वेतन दिया जाता है, जबकि निजी क्षेत्र में एक फिजियोथैरेपिस्ट का औसत वार्षिक वेतन रू 3-20 लाख तक होता है।