Career in The Field of Ayurveda
(आयुर्वेद के क्षेत्र में बनाए करियर)
(आयुर्वेद के क्षेत्र में बनाए करियर)
आयुर्वेद देश की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्वतियों में से एक है। आयुर्वेद को बढ़ावा देने व होम्योपैथी में रिसर्च के लिए अब सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन सीसीआरआईएमएच ;इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथीद्ध, आयुष ;मिनिस्ट्री ऑफ आयुर्वेद, योग एंड नैचुरोपैथी, युनानी, सिद्वा एंड होम्योपैथीद्ध जैसे संस्थान और विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
मुख्य कोर्सेज -
इंटरनल मेडिसिन, सर्जरी पीडियाट्रिक्स, साइकैट्री, ईएनटी, आई, हैड केयर, टॉक्सिकोलॉजी, जेरेंटोलॉजी आदि इसके प्रमुख क्षेत्र हैं। आप आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी, सिद्वा मेडिसिन एंड सर्जरी जैसे क्षेत्रों में बैचलर्स डिग्री कोर्सेज, आयुर्वेद फार्मेसी में एमबीए, डॉक्टर ऑफ मेडिसिन इन आयुर्वेद एमडी, मास्टर ऑफ सर्जरी इन आयुर्वेद एमएस जैसे मास्टर्स डिग्री कोर्सेज और आयुर्वेद व आयुर्वेद सिद्वांत क्षेत्रों में डॉक्टोरल व एमफिल कोर्सेज कर सकते हैं। इस क्षेत्र में चरक संहिता, स्त्रीरोग व प्रसूति तंत्र पंचकर्म, रोग निदान, नाड़ी परीक्षा, धातु चिकित्सा, द्रव्य गुण विज्ञान, पदार्थ विज्ञान, संस्कृत जैसे विषयों में से किसी एक में पढ़ाई करना अनिवार्य हैं। आयुष मंत्रालय सहित कई संस्थान शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्सेज भी करवाते हैं।
अन्य कोर्सेज -
आप आयुर्वेदिक मेडिसिन प्रैक्टिशनर्स कैटेगरी के तहत 4500 घंटे की अवधि का फुल आयुर्वेदिक एजुकेशन ;बीएएमएस डिग्री कोर्सद्ध कर सकते हैं। इस कोर्स में आपको तीन प्रोफेशनल एग्जाम्स देने पड़ते हैं और किसी अस्पताल से एक हजार घंटे की इंटर्नशिप करनी पड़ती हैं। इसी तरह आप 2500 घंटे ;500 घंटे की इंटर्नशिनद्ध अवधि का डिप्लोमा कर सकते है जिसमें भी तीन प्रोफेशनल एग्जाम्स देने पड़ते है। आप 1500 घंटे अवधि का सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं। इसमें दो प्रोफेशनल एग्जाम और 500 घंटे की इंटर्नशिप भी है। आप आयुर्वेदिक थैरेपिस्ट कैटेगरी के तहत पंचकर्म थैरेपी, आयुर्वेदिक डायटेटिक्स एवं आयुर्वेद फार्मेसी में फुल टाइम या पार्ट टाइम लिमिटेड एजुकेशन कोर्स कर सकते है जिनके तहत 600 घंटे की क्लासेज और 400 घंटे की इंटर्नशिप भी होती हैं। इस कैटेगरी में सेल्फ हेल्थकेयर के लिए भी 200 घंटे का लिमिटेउ आयुर्वेदिक कोर्स व इंटर्नशिप हैं।