Career of An Actuary
 

भावी वित्तीय परिदृश्य का पूर्वानुमान करने वाले  :-
क्या आपको 2008 की वैश्विक मंदी याद है? कई लोग इसे भूल गए होंगे पर बीमा और बैकिंग क्षेत्र के लिए वित्तीय जगत दुबारा ऐसा नहीं होगा। दुनिया भर के वित्तीय व्यवस्था के चरमरा जाने की यादें वित्तीय क्षेत्र से जुड़े कई लोंगो के मानस में होगी। इस घटना के बाद दुनिया भर के एक्चुरी ने वैश्विक वित्तीय जोखिम प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए अपने विचार साझा किए। इन घटनाओं के विश्लेषण औरइनसे जुड़े अनुमान लगाने में एक्चुरी अहम भूमिका निभाते हैं।
भूमिका  :-
एक्चुरी वे पेशेवर हैं जो जोखिमों और अनिश्चिताओं का पूर्वानुमान करने, उसके आकार और उसे रोकने से संबंधित काम करते हैं। इन पेशेवरों का मुख्य काम विŸाय भविष्य को समझना यानि भावी जोखिम का अनुमान लगाना, सुचना के जरिये फैसलों की वैधता की जांच करना और सबके हितों में संतुलन बनाए रखना है। भारत में एक्युरी पेशेवरों का औसत वार्षिक वेतन 3-5 लाख रूपये होता है इन्हें बीमा, पेंशन फंड, निवेश, सरकारी नौकरियों, अकादमिक और जोखिम प्रबंधन के क्षेत्र में रोजगार मिल सकते हैं।
सामग्री  :-
एक्चुरिअल सांइस कोर्स व्यवसाय से जुडी समस्याओं को हल करने के लिए प्रबंधकीय और वित्तीय कौशलों से लैस करता है। कोर्स विषय से जुड़े सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं की समान जानकारी देने को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह सांख्यिकी और एकाउंटिंग की अवधारणों की जानकारी देता है जो कि बिजनेस इकोनॉमिक्स में मुख्य कोर्स के तौर पर विकसित होता है। कंप्यूटर से जुड़ी बुनियादी बातों जैसे एक्सेल और मैक्रोस और विजअल बेसिक आदि भी पढ़ाई जाती हैं। मूल्यांकन थ्योरी, प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट के आधार पर किया जाता है।
योग्यता :-
गणित विषय के साथ 12वीं उŸार्ण छात्र बीएससी (एक्चुरिअल सांइस) कर सकते हैं। 12वीं में अर्थशास्त्र विषय का अध्ययन कर चुके विद्यार्थी बेहतर स्थिमि में रहेंगे। कॅरियर शुरू करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुरीज ऑफ इंडिया (आईएआई) द्वारा निर्धारित पेशेवर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। गणित विषय के साथ बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र आईएआई द्वारा आयोजित 15 विषयों की परीक्षा देना प्रारंभ कर सकते हैं। और एक्चुअरी बन सकते हैं।
अवसर :-
बीमा, बैकिंग, स्टॉक बाजार और निवेश परामर्श संस्थाओं में इन्हें अवसर मिलते हैं। अधिकतर संस्थाएं 8-40 लाख रूपये वार्षिक के पैकेज पर इन पेशेवरों को भर्ती करती हैं। मिलने वाला वेतन काफी कुछ इन पेशेवरों की योग्यता और हासिल अनुभव पर निर्भर करता है। इस कोर्स को विदेशों मे बहुत महत्व दिया जाता है। एक्चुअरी करने वाले ग्रैजुएट सीधे एनवेस्टमेंट बैंक और बीमा कंपनियों में जॉब पाने की योग्यता से लैस होते हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों में सीखने के बहुत अवसर हैं।
एक नजर में  :-
कॅरियर विकल्पः एनालिस्ट, डाटा एनालिस्ट, एक्चुरिअल एनालिस्ट, रिस्क एनालिस्ट प्रोग्रामः बीएससी (एक्चुरिअल सांइस) अवधिः तीन वर्ष योग्यताः गणित के साथ 12वीं।