Career Path in Marine Engineering
(डिप्लोमा इन मरीन इंजीनियरिंग)
(डिप्लोमा इन मरीन इंजीनियरिंग)
डिप्लोमा इन मरीन इंजीनियरिंग 1-3 वर्ष का पूर्णकालिक कोर्स है। इसमें प्रवेश के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ कक्षा-12 उत्तीर्ण है। यह कोर्स विशेष रूप से समुद्र में एक पेशेवर करियर बनाने की चाह रखने वाले उम्मीदवारों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। इस कोर्स का पाठ्यक्रम नौवहन संचालन को समझने के साथ-साथ समुद्री परिचालन के व्यापारिक पहलुओं को विस्तार से जानने में सहायता करता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI), बोरेल पार्सन्स, कोस्टल मैरीन कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग लिमिटेड, आदि में पोर्ट मैनेजर, मैरीटाइम एजुकेटर, सेकण्ड मरीन इंजीनियर, शिप ऑपरेटर, चीफ मरीन इंजीनियर, मरीन सर्वेयर, टेक्निकल सुपरिण्टेण्डेण्ट, आदि के रूप में करियर बनाया जा सकता है, और औसतन रू 4ण्5-7 लाख वार्षिक वेतन प्राप्त किया जा सकता है।