Career Progression in Business Development
व्यावसयिक समस्याओं के समाधानकर्ता :-
हर व्यवसाय के लिए वित्त आॅक्सीजन पहुंचसने वाल रक्त का काम करता है और बिजनेस डेवलपर यह सुनिश्चित करते है कि व्यवसाय की धमनियों में इसकी निर्बाध आपूर्ति होती रहे। बिजनेस डेवलपर किसी संस्थान की आर्थिक गतिविधियों की बुनियाद रखते हैं। ये उपयोगी ग्राहकों से संपर्क करके उन्हें व्यवसाय से जोड़ते हैं। यदि आपकी रूचि बिजनेस विशेषज्ञ बनने में है तो बिजनेस एडानिनिस्ट्रेशन (बीबीए) या बिजनेसा स्टडीज में बैचलर डिग्री आपके वाणिज्यिक रूझान वाले दिमाग को बिजनेस डेवलपर या एनालिस्ट के तौर तैयार कर कसती है।
भूमिका :-
विभिन्न तथ्यों को ध्यान में रखकर, रूझानों को पहचानते हुए, परिणामों के विश्लेषण और सुचना का प्रयोग करके ग्राहकों की संख्या मं प्रसार के जरियें कंपनी की समग्र स्थिति को बेहतर बनाना बिजनेस डेवलपर का काम है। कंपनी के वर्तमान मूल्य को बनाए रखने और भविष्य में अधिक बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभते है। छोटी, बड़ी, मझोली हर तरह की कंपनियांे, राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय व्यावसायिक घरानों, विŸाीय और लीज कंपनियों, बैंको व कंसल्टेसी संस्थाओं ़द्वारा बिजनेस डेवलपर की भर्तियां की जाती हैं। बिजनेस डेवलपर का वेतन नौकरी की जगह, कौशल और ज्ञान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। शुरूआती औसत वेतन 18-30 हजार रु. मासिक होता है।
पात्रता :-
किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या फिर यह परीक्षा देने जा रहे छात्र बीबीए के लिए पात्र हैं। कुछ संस्थान ऐसे भी है ंजो न्यूनतम 50ः अंक की शर्त रखते हैं।
संस्थान व कोर्स सामग्री :-
गुरू गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (जीजीएसआईपीयू), आईआईएम इंदौर, एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी, भरतीय विषपीठ जैसे कई संस्थानों मे बीबीए कोर्स उपलब्ध है। अधिकांश संस्थान अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, लेकिन कुछ संस्थान ऐसे भी हैं जो 12वीं में हासिल अंको के आधार पर प्रवेश देते हैं।
प्रोग्रम मोटे तौर पर तीन वर्ष का होता है। आईआईएम इंदौर में पांच वर्षीय एकीकृत मैनेजमेंट प्रोग्राम उपलब्ध है। पहले तीन वर्ष अंडरग्रैजुएट प्रबंधन शिक्षा दी जाएगी जबकि अंतिम दो वर्ष की पढाई का जोर मास्टर स्तर पर होगा। स्नातक के बाद छात्र उच्च शिक्षा यानि एमबीए का विकल्प चुन सकते हैं जो कि इन्हें बेहतर उम्मीदवार के रूप में तैयार करेगा। बीबीए के बाद एक-दो वर्ष का कामकाजी अनुभव होने पर बीबीए के दौरान पढे गए प्रबंधन के सैद्धांतिक पहलुओं को व्यावहारिक तौर पर प्रयोग करना सीख सकते है।
आय की संभावना :-
कुछ शीर्ष संस्थानों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश बीबीए प्रोग्रामों में कैंपस प्लेसमेंट मिलना बहुत आम बात नहीं है। बीबीए या समकक्ष डिग्री सेल्स, फाइनैंस, एडवर्टाइजिंग, कम्यूनिकेशन, प्रोडक्ट, पीआर, रिटेल, मर्चेंडाइजिंग जैसे कई क्षेत्रों में छात्रों को मैनेजमेंट से जुड़ी प्रवेश स्तर की विभिन्न भूमिकाओं मं जगह दिला सकती है। बीबीए छात्र शुरू में 15-30 हजार रूपये मासिक वेतन मिलने की उम्मीद कर सकते हैं।
एक नजर में :-
कॅरियर विकल्पः बिजनेस डेवलपर, बिजनेस एनालिस्ट, फाइनैंस मैनेजर, मार्केटिंग एग्जिक्युटिव, आॅपरेशन मैेनेजर, एग्जिक्युटिव असिस्टेंट प्रोग्रामः बीबीए (3 वर्ष) योग्यताः न्यूनतम 50 अंकों के साथ 12वीं कार्य क्षेत्रः फाइनैंस, मैनेजमेंट, एकांउट, मार्केटिंग