Career Prospects in Politics (राजनीति में कॅरियर की संभावनाएं)

आज के दौर में जब हर तरफ रोजगार, कॅरियर की बातें हो रही हैं तो एक सवाल मन में जरूर उठता है कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, टीचिंग, मार्केटिंग आदि क्षेत्रों में कॅरियर बनाया जा सकता है तो राजनीति में क्यों नहीं। यह सच है कि राजनीति में कुछ भी निश्चित नहीं होता लेकिन यह भी पूरी तरह सही है कि अगर इरादे सच्चे हों तो बाकी ज्यादातर क्षेत्रों में सिर्फ आप अपने लिए काम करते हैं जबकि राजनीति में कॅरियर बनाकर आप देश की बेहतरी में योगदान देकर आमजन की सेवा कर सकते हैं। जो युवा समाज को बदलना चाहतें हैं, उन्हें राजनीति से शुरूआत करनी चाहिए, राजनीतिक पार्टियों तथा परिवर्तन ही समाज और देश की दिशा बदलने की ताकत रखते हैं। 
भारतीय राजनीति के साथ वैश्विक स्तर की राजनीति में युवाओं का रूझान बढ़ा है। पॉलिटिकल साइंटिस्ट और थिंक टैंक जैसे कई नए पदनामों के साथ राजनीति विज्ञान ने आधुनिक दुनिया में बेहतर कॅरियर बनाने के ढ़ेरों नए अवसर पैदा किए हैं। युवाओं को अपनी किस्मत जरूर आजमानी चाहिए।
राजनीति में इनडायरेक्ट एंट्री भी है संभव :-
जरूरी नहीं कि राजनीति में आने के लिए आप नेता ही बनें, अप्रत्यक्ष रूप से भी राजनीति से जुड़ सकते है। उदाहरण के लिए सभी राजनेताओं तथा राजनीतिक दलों को ऐसे पर्सनल स्टाफ की जरूरत होती हैं जो आम जनता के बीच उनकी अच्छी छवि बनाएं। आप भी किसी दल अथवा नेता से जुड़ सकते हैं, उनके लिए स्पीच लिख सकते हैं, उनके ऑफिस का कार्यभार संभाल सकते है अथवा अन्य कार्य कर सकते हैं। ऐसा करने से भी आप राजनीति में गहरी पैठ बना सकते है। इस तरह आप आम जनता से भी जुड़ सकते हैं और राजनीति में अपना सहयोग कर सकतें हैं।
आइआइएम, बेंगलूरू भी विषय विशेष में प्रवेश लेने वाली महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व से संबंधित सर्टिफिकेट जारी करने की योजना बना रहा है। गुरूग्राम की एक विश्वविघालय में भी युवाओं को राजनीति का ककहरा सिखाया जा रहा हैं। छोटे शहरों में भी ऐसी कोशिशें देखने को मिल सकती हैं।
योग्यता -
आप वयस्क होने के साथ भारत के नागरिक हों। देश के किसी भी राज्य के वोटर हों, आपके पास आरक्षित सीट के लिए किसी भी राज्य की मान्य जाति का प्रमाण पत्र हो और पागल, विक्षिप्त या कोर्ट से चुनाव लड़ने पर बैन ना हो। इन औपचारिक योग्यताओं के अलावा सबसे बड़ी योग्यता हे आपका व्यक्तित्व, आपकी भाषा और व्यवहार। विद्वानों ने लीडर होने के जो गुण बताए है उनमें धीर, वीर और गंभीर भी है। एक अच्छे नेता का गुण है कि वह सबकी बात को अच्छी तरह सुने और संवाद बनाएं रखें। इन सबके अलावा आप में आत्मविश्वास भरपूर हो आपका टाइम मैनेजमेंट बेहतर हो और आमजन में आपके प्रति विश्वास हो तो सफल होने की संभावना बढ़ जाती है।
स्टूडेंट कोर्स करने के बाद राजनैतिक कार्यालयों में कम्यूनिकेशन मैनेजर की नौकरी पा सकते है या कम्यूनिकेशन कंसल्टेंसी एजेंसियों में काम कर सकते है। 
ऐसे करें शुरूआत -
राजनीति में शुरूआत करने के लिए छोटे-छोटे मुद्दे चुनें। अपने आस-पास की समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें। छोटी समस्याओं को जानें, उन्हें दूर करने की कोशिश करें, इसी से लोग आपके साथ आएंगे। उदाहरण के लिए अपने गांव की समस्या दूर करने के लिए सरपंच से मिलें, उनके साथ लगकर समस्याएं दूर करवाएं, जल्दी ही आम जनता के बीच आपकी पहचान बनने लगेगी।