Cultural Anthropology in India
पुरानी पीढ़ियों का खुलासा :-
क्या आपको पता है कि दुनिया भर में मुर्गे की बांग को सुबह के अलार्म की तरह क्यों देखा जाता था? मनुष्य के लिए संदेशवाहक के तौर पर कबूतरों की क्या भूमिका थी? मानवशास्त्रियों के पास इनके जवाब हैं। मध्यकाल के विपरीत अब हमें इस बात का वैज्ञानिक कारण पता है कि मुर्गा सुबह बांग क्यों देता है।
मनुष्य और जानवरों के बीच लंबे समय से संबंध चले आ रहे है। उनके व्यवहार के आधार पर अपने जीवन का ढाला व अनुशासित किया है, उन्हें प्रशिक्षित किया, तैयार किया और उनका उपचार करना भी सीखा। मानवशास्त्री वे पेशेवर हैं जो इन संबंधो का अध्ययन करते हैं केवल मानव व जीवों के बीच ही नहीं बल्कि विभिन्न संस्कृतियों के लोगों के बीच भी। यह संपूर्ण मानवता का इसकी समग्र विविधता में अध्ययन करना है। क्या लोगों और संस्कृतियों की विविधता में आपकी रूचि है? यदि हां तो मानवशास्त्री बनने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।
भूमिका :-
एंथ्रोपोलाॅजिस्ट समाज विज्ञानी होते हैं जो मनुष्यों के शरीरिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास का अध्ययन करते हैं। एंथ्रोपोलोजिस्ट सर्वे आॅफ इंडिया भारत में मानवशास्त्रियों का सबसे बड़ा नियोक्ता है, राज्य स्तर पर भी और केंद्र में भी। कई अन्य रिसर्च संस्थान हैं जो भारत में मानवशास्त्रियों को नियुक्त करते है, एनजीओ, आदिवासी, मामले मंत्रालय, रिसर्च कंपनियों, मीडिया हाउस भी इन्हें हायर करती हैं। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ युनेक्को और यूनिसेफ में भी जाॅब के अच्छे अवसर होते हैं। एंट्री लेवल पर आप 15,000-25,000 रु. वेतन की उम्मीद कर सकते है लेकिन अनुभव के साथ वेतन काफी अधिक हो सकता है।
क्या है एंथ्रोपोलाॅजी :-
एंथ्रोपोलाॅजी मानव नस्ल का अध्ययन है। सरल भाषा में कहें तो यह मानव जाति के उद्भव विकास, रिति-रिवाज और आस्थाओं का इतिहास है। यह अतीत और वर्तमान का अध्ययन है। अतीत को एंथ्रोपोलाॅजी, आर्कियोलाॅजी और शारिरिक या बायोलाॅजिकल एंथ्रोपोलाॅजी से पढ़ा जा सकता है। तो वर्तमान को सामाजिक-ंसंस्कृतिक शाखा से पढ़ा जा सकता है।
मैं पढ़ सकता हूं एथ्रोपोलाॅजी :-
आप 10$2 में अपनी स्ट्रीम के अनूसार एंथ्रोपोलाॅजी में बीए या बीएससी कर सकते हैं। दाखिला सामान्यतः क्वालिफाइंग परीक्षा की मेरिट के आधार पर दिया जाता है। कुछ काॅलेज इंटरव्यू या लिखित परीक्षा भी लेते हैं।
क्या पढे़गे :-
आप सभी ब्रांचो के बेसिक कांसेप्ट्स पढे़गे। आप बायोलाॅजिकल, सोशियो कल्चर, आर्कियोलाॅजिकल लिंग्विस्टिक एंथ्रोपोलोजी और इंडियन एंथ्रोपोलाॅजी का भी अध्ययन करेंगे। थ्योरी, रिसर्च मेथडोलाॅजी, फील्ड स्टडी भी कॅरिकुलम का अभिन्न हिस्सा होते है।
ग्रैजुएशन के बाद अवसर :-
बैचलर्स करने के बाद आप या तो जाॅब तलाश सकते हैं या आगे पढ़ना चाहते हैं तो एडवांस्ड मास्टर्स डिग्री, एमफिल और पीएचडी कर सकते हैं। इसके बाद अध्ययन करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
विदेश जाने की संभावना :-
एंथ्रोपोलाॅजी की विदेशो में बहुत संभावना है। एंथ्रोपोलाॅजिस्ट के रूपमें आप कई सेक्टर में काम तलाश सकते हैं- स्कूल और काॅलेज से लेकर यूनिवर्सिटीज और सरकारी विभागों तक। विदेशी यूनिवर्सिटी मे तो आपको बिजनेस, शिक्षा, डिजाइन यहां तक कि जन स्वस्थ्य में भी पढाने के अवसर मिल सकता है। गैर-सरकारी संगठनों, स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं में भी आपकी मांग रहेगी। इंटरनेशनल स्टडी़ज, लिंग और जातीय अध्ययन जैसे इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में भी आपका योगदान महत्वपूर्ण हो सकता है। आप म्यूजियम में काम कर सकते है या स्वतंत्र रूप से रिसर्च कर सकते हैं या युएनओं और वल्र्ड बैंक की एजेंसियों में जाॅब तलाश सकते हैं।
एक नजर में :-
कॅरियर विकल्पः एंथ्रोपोलाॅजिस्ट, मानवाधिकार कार्यकर्ता, मानव संसाधन प्रबंधक, एथनोग्रफर मार्केट/सोशल रिसर्चर प्रोग्रामः बीए/बीएससी (एंथ्रोपोलाॅजी) अवधिः तीन वर्ष (दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलावा) योग्यताः 12वीं उŸाीर्ण।