Government Jobs in Textile Industry 

हर क्षेत्र की जरूरतें पूरी करने वाले  :-
कपड़ा मिल का शोर कान फाड़ू होता हैं। यहां कई लूम (करघे) पूरी स्पीड के साथ चलते हैं और उनकी खटर-पटर असहनीय होती है। इन हालातों में हर क्षेत्र की जरूरत के लिए कपडे़ तैयार किए जाते है और टेक्सटाइल इंजीनियर जरूरत के मुताबिक अत्याधुनिक कपड़े (फैब्रिक) के विकास और जांच के लिए जिम्मेदार होते हैं।
भूमिका  :-
टेक्सटाइल इंजीनियर हर तरह के टेक्सटाइल प्रोडक्ट से जुड़े होते हैं। उनमें हर तरह का फैब्रिक तैयार करने वाला एटीट्यूड होना चाहिए- इसमें अग्निशमन दल द्वारा पहली जाने वाली फायर प्रूफ फैब्रिक (नर्स डाक्टरों के गाऊन), कार, ट्रेन, प्लेन में इस्तेमाल होने वाला ऑटोमेटिव टेक्सटाइल शामिल है। अब तो फैब्रिक का प्रायोग कृत्रिम अंग बनाने में भी इस्तेमाल किया जाने लगा है। टेक्साटाइल घरानों से संबंध रखने वाले छात्रों ने प्रैक्टिकल और थ्योरेटिकल ज्ञान का उपयोग अपना व्यवसाय बढ़ाने में किया है।
क्या मैं बन सकता हूं टेक्सटाइल इंजीनियर 
यदि आप फैब्रिक डिजाइन के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता दिखाने में रूचि रखते हैं और आप कई तरह के उद्योग-फैशन, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल आदि के लिए काम करना चाहते हैं तो टेक्साटाइल इंजीनियर का पेशा आपके लिए सही विकल्प होगा। टेक्सटाइल इंजीनियर बनने के लिए विज्ञान से 10$2 (पीसीएम) पास होना चाहिए।
क्या पढे़गे कोर्स में  :-
टेक्सटाइल अंजीनियरिंग कोर्स में टेक्सटाइल्स की केमिकल प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल फाइबर, यार्न फार्मेशन, फैब्रिक फार्मेशन, टेक्सटाइल टेस्टिंग और इंस्ट्रूमेंट आदि शामिल हैं। द्वितीय वर्ष में स्टेटिस्टिक्स और एप्लाइड मैकेनिक्स पढाया जाता है। तृतीय वर्ष में टेक्सटाइल फाइबर, यार्न तैयार करना और फैब्रिक कॅरिकुलम में शामिल है। चोथे वर्ष छात्र का परिचय टेक्सटाइल में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल सेक्टर की थ्योरी, मिल मैनेजमेंट, गार्मेट टेक्नोलॉजी, स्पेशल यार्न और सिलाई करने वाला धागा, ऊन टेक्नोलॉजी, सिल्क टेक्नोलॉजी और जूट टेक्नोलॉजी सिखाई जाती हैं।
ग्रैजुएशन के बाद क्या  :-
भारत में हजारों की संख्या में टेक्सटाइल मिलें हैं। इसके दो बड़े क्षेत्र हैं- हैंडलूम और मैकेनाइज्ड सेक्टरं। इस डोमेन में प्रशिक्षित इजीनियरों को रिक्रूट किया जाता है। टेक्सटाइल इंजीनियरों की भारी मांग बनी रहती है क्योंकि अग्निरोधक मटीरियल, हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए स्पेशल मटीरियल की जरूरत होती है। टेक्सटाइल इंजीनियरों गुणवत्ता नियंत्रण में काम कर सकते हैं। टेक्सटाइल इंजीनियरों के कुछ अन्य जॉब प्रोफाइल हैं- टेक्सटाइल इंजीनियर, सेल्स इंजीनियर, क्वालिटी कंट्रोल ट्रेनी, प्रोडक्ट डेवलपमेंट एग्जिक्युटिव और फैब्रिक डेवलपमेंट एग्जिक्युटिव।
एक नजर में  :-
कॅरियर विकल्पः टेक्सटाइल इंजीनियर, क्वालिटी कंट्रोल ट्रेनी, प्रोडक्ट डेवलपमेंट एग्जिक्युटिव, फैब्रिक डवेलपमेंट एग्जिक्युटिव प्रोग्रामः बीटेक इन टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी अवधिः 4 साल योग्यताः 10$2 पीसीएम के साथ बैचलर्स।