How to Become an Energy performance Engineer 

नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को दे रहे गति :-
नये और हरित ऊर्जा विकल्प सदियों पुराने ऊर्जा के पंरपरागत विकल्पों की जगह ले रहे हैं। कोयले और तेल की जगह हवा और सौर प्रकाश ले रहा हैं। चूंकि अधिकांश सरकारों ऊर्जा के नवीकरणीय विकल्पों जैसे कि विंड टर्बाइन, सोलर सेल, पनबिजली संयंत्र आदि पर दांव लगा रही हैं इनमें भारी निवेश कर रही हैं ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कॅरियर प्रारंभ करने का इससे बेहतर समय कोई और नहीं हो सकता है। नवीकरण ऊर्जा के अध्ययन में रूचि रखने वाले एनर्जी परफार्मेंस इंजीनियर के तौर पर कॅरियर की संभावनाएं तलाश सकते हैं।
 
भूमिका :-
एनर्जी परफॉर्मेंस इजीनियर का मुख्य काम ऊर्जा की आपूर्ति के लिए प्रभावी, स्वच्छ और निंतर स्त्रोत तलाशना होगा। ये ग्राहकों को भवन व्यवस्था मे ऊर्जा दक्ष औ बेहतर प्रदर्शन वाली व्यवस्था को प्रारंभ करने में मदद देते हैं और ये जटिल तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का उच्च स्तरीय विश्लेषण करते हैं। इन्हे एनर्जी ऐंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट, बीएचईएल, परमाणु ऊर्जा विभाग और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो जैसे संगठनों में अवसर हैं।

योग्यता :-
फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथमेटिक्स अनिवार्य विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण छात्र 4 वर्षीय बीटेक रिन्यूबल एनर्जी या बीटेक एनर्जी इंजीनियरिंग कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अवसर  :-
बाजार अनुमान बताते हैं कि दुनिया भर में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सीधे तौर पर लगभग 30 लाख अवसर हैं। कुछ देशों में तो यह जीवाश्म ईंधन उद्योग की तुलना में कही अधिक तेजी से विकास कर रहा है।
बीटेक कोर्स के बाद छात्र सौर ऊर्जा संयत्र से जुडी कंपनियों, पवन ऊर्जा, बायोडीजल निर्माता और नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों आदि में फील्ड टेक्नीशियन, इंजीनियर, साइंटिस्ट और मैनेजर आदि के तौर पर सेवाएं दे सकते हैं।

एक नजर में :-
कॅरियर विकल्पः एनर्जी परफॉर्मेस इंजीनियर, सोलर इंस्टालर, सोलर मैन्यूफैक्चरिंग टेक्नीशियन, एनर्जी एफीशिएंसी स्पेशलिस्ट, पावर प्लांट ऑपरेटर प्रोग्रामः बीटेक (रिन्यूबल एनर्जी) या बीटेक एनर्जी इंजीनियरिंग (अवधि 4 वर्ष) योग्यताः पीसीएम के साथ 12वीं उत्तीर्ण।