Job Career in Horticulturist in India
पौधों के स्वास्थ्य के विशेषज्ञ :-
अलग-अलग तरह के पौधोंख् वृक्षों, फूलो और फलों के जरिये पृथ्वी को सुंदर बनाने के क्षे़त्र में कॅरियर बनाना क्या आप पसंद करेंंगे? वृक्षारोपण अभियान, जुताई करने, फसल उगाने, पादप प्रजनन जैसे विचार आको रोमांचक लगते है? यदि ऐस है तो हॉर्टीकल्चरिस्ट (बागवानी विशेषज्ञ) का कॅरियर आपके अच्छा लग सकता है। बागवानी विशेषज्ञ पादपों को स्वस्थ रखने के लिए काम करते हैं। कुछ नर्सरी या उद्यानों में काम करते हैं तो कुछ की सेवाएं लैंडस्केपिंग संस्थाओं द्वारा ली जाती है या फिर अपनी संस्था खुद खेल सकते है, पार्क, कॉमर्शियल संपिŸायां और नीजि आवासों को डिजाइन करने का काम कर सकते हैं। कोर्स पूरा करने के बाद बागवानी विशेषज्ञ टर्फ मैनेजमेंट, पेस्ट कंट्रोल, फार्म, बाग या अंगूरों बाग के प्रबंधन, शोध आदि क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इन्हें विशेषज्ञ, पौधे रोग विशेषज्ञ, सजावटी पौधों के विशेषज्ञ की भूमिकाएं मिलती हैं।
क्या है बागवानी? :-
असल में यह कृषि का वह क्षेत्र है जिसमें पौधों को उगाने और उनके देखभाल पर जोर दिया जाता है। बागवानी सामाजिक तौर पर अहम है क्योंकि खाने और मानव की अन्य जरूरतों के लिए पौधों का कैसे प्रयोग करें इसमें बेहतरी लाने के साथ ही पर्यावरण को बेहतर बनाने में भी यह उपयोगी है।
कोर्स सामग्री :-
तीन वर्षीय बीएससी हॉर्टीकल्चर कोर्स के दौरान मृदा विज्ञान, बागवानी की बुनियादी बातों, पादप परजीवी, कीड़ो, पादप प्रसार, ऊष्णकटिबंधिय फलों और खाद्य प्रौद्योगिकी आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। दुसरे वर्ष बागवानी फसलों की वृद्धि में विकास, आनुवांशिकी के सिद्धांतो, सब्जियों, फसल, शीतोष्ण फलों, मसालों और सजावटी बागवानी से जुड़े विषय पढ़ने को मिलेंगे। तीसरे वर्ष के दौरान फूलों की व्यावसायिक खेती, कृषिवानिकी, जैव रसायनख् पौध रोपण फसलों, औषधिय और सुंगंधित पौधों, भूस्खलन संभावित क्षेत्र, पादप जैव प्रौद्योगिकी, बागवानी व्यवसाय प्रबंधन, प्रजनन और बीज उत्पादन आदि के बारे में जाननें को मिलेगा।
अवसर :-
बागवानी शिक्षा का महत्व नौकरियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह कृषि उद्यमिता बाजार तक जाता है। देखा गया है कि कई बागवानी विशेषज्ञों ने उद्यमिता की राह पकड़ने को वरीयता देते हैं क्योंकि ग्राहक विशेष की मांग पर आधारित उत्पादों की मांग बहुत है। उच्च अध्ययन के विकल्प का भी चुनाव किया जा सकता है। इस डिग्री के साथ बाजार में उतरने वाले छात्र पादप रोगविज्ञानी, बागवानी कंसल्टेंट जैसी विविधतापूर्ण भूमिकाओं में नजर आते हैं।
ये पेशेवर उत्पादन, प्रबंधन, विपणन, शिक्षा और शोध आदि क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं। ये फल या सब्जी उत्पादक, पौध रखरखाव से जुडी कंपनी, नर्सरों, ग्रीनहाउस और उद्यान केंद्र आदि के रूप में अपना व्यवसाय भी प्रारंभ कर सकते हैं
एक नजर में :-
कॅरियर विकल्पः हॉटीकल्चरिस्ट, प्लांट पैथोलॉजिस्ट, हॉर्टीकल्चर कंसल्टेंट, ऑर्नामेंटल हॉटीकल्चरिस्ट प्रोग्रामः बीएससी इन हॉटीकल्चर अवधिः 3 वर्ष योग्यता पीसीबी के साथ 12वीं