Microbiology Courses in India

विषाणुओं के अध्ययन का पेशा :-
माइक्रोब्स हमारे रोजमर्रा के जीवन मे अच्छे, बुरे और कई बार भोंडे स्वरूप में सामने आते हैं। यानी ये हमेशा बुरे या नुकसानदेह नहीं होते। कई जीवन प्रक्रियाओं के लिए वे लाभदायक भी होते हैं। माइक्रोबायोलाॅजी माइक्रोब्स और मानव, पशु, पौधे और पर्यावरण से संबंधों का अध्ययन है। जो इन तत्वों का अध्ययन करते है उन्हें माइक्रोबायोलाॅजिस्ट कहते हैं।
भूमिका :-
माइक्रोबायोलाॅजिस्ट वे वैज्ञानिक होते है जो आर्गेनिज्म और संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं का अध्ययन करते हैं, इन सूक्ष्म जीवाणुओं को नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता। माइक्रोबायोलाॅजिस्टों का काम यह देखना होता है कि हमारा भोजन सुरक्षित है कि नहीं, इसके अलावा ग्रीन टेक्नालाॅजी विकसित करना, बीमारियों को रोकना और जलवायु परिवर्तन में माइक्रोब्स की भूमिका पर नजर रखना। स्वास्थ्य सेवा संगठन, अपराध विज्ञान लैब, पर्यावरण से जुड़े संगठनों, उच्च शिक्षा संस्थान, फार्मास्यूटिकल्स खाद्य एवं पेय कंपनियां, सरकारी विŸा पोषित रिसर्च प्रोजेक्ट आदि में माइक्रोबायोलाॅजिस्ट की सेवाएं लेते हैं। वेतन 2-3 लाख रु. सालाना होता है।
कहां पढ़े :-
दिल्ली, कालीकट यनिवर्सिटी मेडिकल माइक्रोबायोलाॅजी में स्पेशलाइज्ड डिग्री कोर्स करवाती है। एलपीयू में माइक्रोबायोलाॅजी में 5 साल का डुअल डिग्री कोर्स है। उस्मानिया यूनिवर्सिटी बीएससी डिग्री देती जहां माइक्रोबायोलाॅजी, बायोटेक्नोलाॅजी और केमिस्ट्री के संयोजन में पढ़ाई जाती है।
दाखिला कैसे लें :-
दिल्ली यमनिवर्सिटी में दाखिला 10$2 के अंको के आधार पर  दिया जाता है। कुछ यूनिवर्सिटीज 10$2 मं पीसीबी में 50 प्रतिशत अंकों की मांग करती हैं। काॅमन एंट्रेस टेस्ट के लिए यह न्यूनतम योग्यता है। वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी आॅफ टेक्नोलाॅजी और पंजाब यूनिवर्सिटी भी इसी का अनुसरण करती है।
क्या होगा कॅरिकुलम में :-
कोर्स इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह आपको माइक्रोबायल एजुकेशन और ट्रेनिंग के लिए तैयार करता है। यह बैस्टीरियोलाॅजी, वाइरोलाॅजी में स्पेशलाइजेशन कराता है। कोर्स में थ्योरी और प्रैक्टिकल कक्षाएं दोनों हैं। यह आपकों मेडिकल, इंडस्ट्रियल, फूड ऐंड डेयरी टेक्नोलाॅजी में स्पेशलाइजेशन भी प्रदान करता है। इंटर्नशिप आपको अपने भावी कॅरियर के लिए तैयार करती हैं।
जाॅब कहां मिलेगी :-
स्वास्थ्य, दवा, कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में माइक्रोबायोलिस्ट के लिए बहुत नौकरियां हैं। फार्मास्यूटिकल, फूड मैन्यमफैक्चरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग वाली कंपनियां भी युवा माइक्रोबायोलाॅजिस्टों को अच्छे अवसर देती है। आप पोस्ट ग्रैजुएट या डाॅस्टोरल का विकल्प भी चुन सकते हैं, यानी भारत ही नहीं विदेशों में भी आपके लिए एक संतोषप्रद कॅरियर और रिसर्च के पर्याप्त अवसर हैं।
एक नजर में :-
कॅरियर विकल्पः माइक्रोबायोलाॅजिस्ट, बायरोलाॅजिस्ट, पैथालाॅजिस्ट, इम्यूनोलाॅजिस्ट, बायोकेमिस्ट प्रोग्रामः बीएससी माइक्रोबायोलाॅजिस्ट, योग्यताः 10$2 पीसीबी के साथ अवधिः 3 साल कॅरियरः हेल्थ डायग्नोस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, फूड ऐंड बेवरेंज, पर्यावरण, कृषि क्षेत्रों में।