Polymer Engineering Education and Career 

प्लास्टिक की अद्भूत दुनिया  :-
पॉलिमर टेक्नोलॉजी असल में  मॉलिक्यूल्स की लंबी शृंखला का प्रयोग है। इसमें इन उत्पादों की मैन्यूफैक्चरिंग, प्रोसेसिंग और इन उत्पादों का विश्लेषण है। कोर्स की अधितम विषयवस्तु प्लास्टिक के इस्तेमाल के गिर्द ही घूमती है। हालांकि भारत समेत कई देश प्लास्टिक पर प्रतिवंध लगाने के खिलाफ हैं लेकिन दैनिक जीवन से इसे पूरी तरह निकाल देना असंभव है। इससे पॉलिमर के विवेकपूर्ण उत्पादन और उपयोग की जरूरत महसूस होने लगी है और नई पीढ़ी के इंजीनियरों की मांग बढ़ रही है। पॉलिमर इंजीनियर प्लास्टिक डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करते हैं। वे लई किस्म के प्लास्टिक विकसित करने और उसके परीक्षण में मददगार होते है। शुरूआती वेतन 25,000 से 30,000 रु. सालाना के आसपास होता है। कोर्स में इंजीनियरिंग, मैथ्स, ग्राफिक्स टेक्नोलॉजी, पेंट टेक्नोलॉज, बायोमेडिमल एप्लीकेंशसं, एयरोस्पेस एप्लीकेशंस, इलेक्ट्रानिक्स ऐंड इलेक्ट्रिकल एप्लीकेशंस, टायर टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी मिलेगी। कुछ यूनिवर्सिटीज में अंतिम सेमेस्टर उद्योग या आर ऐंड डी को समर्पित होता है। आरती इंडस्ट्रीज लिमिटेड, बीएएसएफ कंस्ट्रक्शन, केमिकल इंडिया लिमिटेड, गुजरात फ्लोरोकेमिकल लिमि., सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया, टाटा केकिल्स आदि इनकी भर्तियां करते हैं। इन कंपनियों के टेक्निकल डिवीजन और बनाए जाने वाले उत्पादों और पॉलिमर मिक्सर बनाने से जुड़े विभागों में भी अवसर होते हैं।
एक नजर में  :-
कॅरियर विकल्पः पॉलिमर स्पेशलिस्ट, पॉलिमर टेक्नीशियन, टेस्टिंग टेक्नोलॉजिस्ट प्रोग्रामः बीएससी और बीटेक पॉलिमर इंजीनियरिंग योग्यताः 10$2 पीसीएम के साथ अवधिः बीएससी (3साल) बीटेक (4 साल)।