Question With Answer CTET & TET Peper 1
1. शिक्षण में अध्यापको के द्वारा विद्यार्थियों का आकलन इस अन्तर्दृष्टि को विकसित करने के लिए किया जा सकता है(अ) उन विद्यार्थियों की पहचान करना जिन्हें उच्चतर कक्षा में प्रोन्नत करना है
(ब) उन विद्यार्थियों को प्रोन्नत न करना जो विद्यालय के स्तर के अनुकूल नही है
(स) द्शिक्षार्थियों की आवश्यकता के अनुसार शिक्षण उपागम में परिवर्तन करना
(द) कक्षा में ‘प्रतिभाशाली’ तथा ‘कमजोर’ विद्यार्थियों के समूह बनाना
उत्तर : स
2. अधिगम अनुभवों को इस प्रकार से आयोजित किया जाना चाहिए जिससे अधिगम को सार्थक बनाया जा सके। नीचे दिए गए अधिगम अनुभवों में से कौन-सा बच्चों के लिए सार्थक अधिगम को सुगम नही बनाता है?
(अ) विषय-वस्तु की केवल याद करने के आधार पर पुनरावृति
(ब) विषय-वस्तु पर प्रश्न बनाना
(स) प्रकरण पर परिचर्चा और वाद-विवाद
(द) प्रकरण पर प्रस्तुतीकरण
उत्तर : अ
3. बच्चों को शाब्दिक या गैर-शाब्दिक दण्ड देने का परिणाम होता है
(अ) उन्हें कार्यो करने के लिए प्रेरित करना
(ब) बच्चें की छवि की सुरक्षा करना
(स) उनके अंको मे ंसुधार करना
(द) उनके स्वंय के प्रति अवधारणा को नष्ट करना
उत्तर : द
4. निम्नलिखित में से कौन प्रारम्भिक बाल्यावस्था अवधि के दौरान उन भूमिकाओं एंव व्यवहारो के बारे में जानकारी प्रदान करते है जो एक समूह में स्वीकार्य है?
(अ) भाई -बहन एंव अध्यापक
(ब) अध्यापक एंव साथी
(स) साथी एंव माता-पिता
(द) माता-पिता एंव भाई -बहन
उत्तर : द
5. विद्यार्थियों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने हेतु उन्हें स्वच्छता समिति का सदस्य बनाना, प्रतिबिम्बित करता है
(अ) प्रेरणा की सामाजिक-सांस्कृतिक संकल्पनाएं
(ब) प्रेरणा की व्यवहारवादी उपागम
(स) प्रेरणा का मानवतावादी उपागम
(द) प्रेरणा का संज्ञानात्मक उपागम
उत्तर : अ
6. निम्नलिखित में से कौन-सा आयु समूह परवर्ती बाल्यावस्था श्रेणी के अन्तर्गत आता है?
(अ) 11 से 18 वर्ष
(ब) 18 से 24 वर्ष
(स) जन्म से 6 वर्ष
(द) 6 से 11 वर्ष
उत्तर : द
7. आर्जव तर्क देता है कि भाषा विकास व्यक्ति की नैसर्गिक प्रवृति से प्रभावित होता है जबकि सोनाली महसूस करती है कि यह परिवेश से प्रभावित होतो है। आर्जव और सोनाली के बीच यह चर्चा किस विषय में है?
(अ) चुनौतीपूर्ण तथा संवेदनशील भावना
(ब) स्थिरता तथा अस्थिरता पर बहस
(स) सतत् तथा असतत् अधिगम
(द) प्रकृति तथा पालन-पोषण पर वाद-विवाद
उत्तर : द
8. अध्यापिका ने ध्यान दिया कि पुष्पा अपने -आप किसी एक समस्या का समाधान नही कर सकती है। फिर भी वह एक वयस्क या साथी के मार्गदर्शक की उपस्थिति में ऐसा करती है। इस मार्गदर्शक को कहते है
(अ) पार्श्वकरण
(ब) पूर्व -क्रियात्मक चिन्तन
(स) समीपस्थ विकास का क्षेत्र
(द) सहारा देना
उत्तर : द
9. अध्यापिका ने एक कमेटी के प्रधान को ‘सभापति’ के स्थान पर ‘सभाध्यक्ष’ लिखा। यह सकेंत करता है कि अध्यापिका
(अ) एक अधिक उपयुक्त पारिभाषिक शब्द का पालन करती है
(ब) भाषा पर अच्छा अधिकार रखती है
(स) एक लिंग-मुक्त भाषा का प्रयोग कर रही है
(द) लिंग पूर्वग्रह से ग्रस्त है
उत्तर : स
10. सतत् एंव व्यापक मूल्याकंन किसलिए आवश्यक है?
(अ) शिक्षण के साथ परीक्षण का ताल-मेल बैठाने के लिए
(ब) शिक्षा बोर्ड की जवाबदेही कम करने के लिए
(स) जल्दी-जल्दी की जाने वाली गलतियों कीतुलना मे कम अन्तराल पर की जाने वाली गलतियों को सुधारना
(द) यह समझने के लिए कि अधिगम का किस प्रकार अवलोकन किया जाता है, दर्ज किया जाता है व सुधार किया जा सकता है
उत्तर : द
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