वर्क-लाइफ बैलेंस को खोजें

दुनिया की कईं कंपनियां अपने एम्प्लॉइज के वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए वर्क फ्रॉम होम, फ्लेक्सी टाइमिंग, खुद वर्किंग अवार्ड तय करने जैसी सुविधाएं दे रही हैं। जानते हैं कि एक संस्थान एम्प्लॉइज के वर्क-लाइफ बैलेंस में किस तरह से मदद कर सकता है-

वर्किंग आवर्स तय करने दें    

आज के दौर में डिलीवरी ज्यादा महत्वपूर्ण है, न कि वर्किंग आवर्स। ऐसे में कंपनियां अपने कर्मचारियों को फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स के लिए प्रेरित कर सकती है। अगर आप बिना अटैंडेंस या ट्रेकिंग के सिर्फ प्रोडक्टिविटी पर ध्यान देंगे तो इससे एम्प्लॉइज का भरोसा बढ़ेगा। फ्लेक्सी टाइम अरेंजमेंट से एम्प्लॉइज अलग तरीके से काम करने लगते हैं। इससे एम्प्लॉइज वर्क पैटर्न खुद तय करने लगते हैं।

वैकल्पिक वर्क ऑप्शन्स

कंपनियों को बिना हिचक के स्ट्रक्चर्ड फ्लक्सिबल व वैकल्पिक वर्क अरेंजमेंट करने चाहिए। अगर कंपनियां अपने एम्प्लॉइज के लिए वैकल्पिक वर्क ऑप्शन्स की व्यवस्था करती है तो इससे हर एम्प्लॉई निश्चित होकर काम पूरा कर सकता है। इससे उसे घर के कामों की भी चिंता नहीं रहती है।

कम्प्रेस वर्क वीक

अब कईं कंपनियां सप्ताह के कामकाजी दिनों की संख्या और घंटों में भी कमी कर रही हैं। इससे एम्प्लॉइज अपने सामाजिक जीवन का भी आनंद ले पा रहे हैं। इससे एम्प्लॉइज कंपनी के प्रति खुशी जाहिर करते है। और वर्कप्लेस पर बेहतर तरीके से काम पूरा करते हैं।

पैशन पूरा करने में मदद

अगर कंपनी एम्प्लॉइज के प्रति अपनी केयर दर्शाना चाहती है तो वह एम्प्लॉइज से अपना पैशन पूरा करने के लिए कह सकती है। कंपनी के कुछ एम्प्लॉइज उच्च शिक्षा लेना चाहते हैं, कुछ अपने निजी शौक पूरा करना चाहते हैं। आप चाहें तो इसके लिए उन्हें इजाजत और छुट्टी दे सकते हैं।

फन एक्टिविटीज प्रमोट करें

फन एक्टिविटीज की मदद से एम्प्लॉइज की एक-दूसरे से बॉन्डिंग होती है और इससे इनोवेशन को प्रमोशन मिलता है। कंपनियों को एम्प्लॉइज को अपने साथ जोड़े रखने के लिए नए तरीकों को काम में लेना चाहिए। फन एक्टिविटीज से नए आइडिया सामने आते हैं। इससे वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने में मदद मिलती है।