मीटिंग में लेट आते हैं एम्प्लॉई
अगर किसी जरूरी मीटिंग में टीम मेंबर्स देरी से आएं तो गुस्सा आना स्वाभाविक है। इससे मीटिंग तो प्रभावित होती ही है, विचारों का फ्लो भी बिगड़ जाता है। जानते हैं मीटिंग्स में लगातार लेट आने वाले एम्प्लॉइज से किस तरह डील किया जाए।
उदाहरण पेश करें
अगर सीनियर मैनेजमेंट समय पर मीटिंग में पहुंचता है तो इस बात की बहुत कम आशंका है कि अन्य एम्प्लॉइज लेट पहुंचें। अगर सीनियर्स सबके सामने समय पर पहुंचने का उदाहरण पेश करेंगे तो सब लोगों उनसे प्रेरणा लेंगे।
फ्लेक्सीबिलिटी की इजाजत
कईं बार ट्रेफिक, मौसम या निजी समस्या के कारण मीटिंग में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में टेक्नोलॉजी की मदद ली जा सकती है। टेक्नोलॉजी की मदद से एम्प्लॉई मीटिंग अटैंड कर सकता है। स्काई के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग की जा सकती है। ध्यान रहे कि ऐसा बहुत मुश्किल स्थिति में करना चाहिए।
मीटिंग को चलने दें
कईं बार ऐसा होता है कि मीटिंग चलती रहती है और एम्प्लॉइज आते रहतें हैं। ऐसे में हर बार बात को दोहराना पड़ता है। इससे बचने का रास्ता है कि मीटिंग शुरू होने पर दरवाजे बंद कर दिए जाएं। इससे सबको संदेश चला जाएगा कि लेट आने वाले एम्प्लॉइज का स्वागत नहीं किया जाएगा।
समय का करें सम्मान
समय पर न पहुंचना परफॉर्मेंस से जुड़ा विषय है। अगर टीम का कोई सदस्य हर बार मीटिंग में लेट पहुंचता है और उससे कारण पता करें। अगर वह किसी समस्या में है तो उसकी मदद करने की कोशिश करें। टाइम मैनेजमेंट के बारे में उसे संदेंश भेजें और मीटिंग का महत्व समझाने का प्रयास करें।
सख्त रहें
टीम के कुछ एम्प्लॉईज सोचते है। कि मीटिंग का काम में कोई महत्व नहीं है। इसलिए वे चलाकर मीटिंग्स में देरी से पहुंचते हैं। आप ऐसे लोगों को पहचानने की कोशिश करें, जो मीटिंग्स को महत्व नहीं देते। आप चाहें तो उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी कर सकते हैं। शुरूआत में आपको सिर्फ मौखिक हिदायत देनी चाहिए। अगर वे फिर भी न मानें, तो आपको उनसे लिखित में इसका कारण पूछना चाहिए।