कंपनी में मेंटर कल्चर को बढ़ावा

ज्यादातर संस्थान मेंटरिंग कल्चर को विकसित करने में लगे हुए हैं। इससे कंपनी के एम्प्लॉइज की क्षमताओं का विकास होता है। जानते हैं कि किस तरह से कंपनियां ऐसा माहौल तैयार कर सकती हैं कि एम्प्लॉइज अपनी कंपनी के अनुभवी एम्प्लॉइज से गाइडेंस और ट्रेनिंग प्राप्त कर सकें -

परिणाम को परिभाषित करें

मेटरिंग की सफलता के लिए सबसे पहले परिणाम को परिभाषित करना जरूरी है। अगर आप किसी मेटरिंग प्रोग्राम को एग्जीक्यूट करना चाहते हैं तो कंपनी के लक्ष्यों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी होना जरूरी है। इससे मेंटर्स को पता होगा कि हमें किस तरफ जाना है।

फॉर्मल स्ट्रक्चर

हर कंपनी में मेटरिंग होती है, पर आपको कंपनी में मेटरिंग कल्चर को विकसित करने के लिए एक फॉर्मल स्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए। इससे एम्प्लॉइज खुद अपने लिए उपयोगी मेंटब्र को खोज पाएंगे। साथ ही मेंटर्स को ही ग्रुप मेंटरिंग और वन-टू-वन मेटरिंग के मौके मिल पाएंगे। वैसे हर किसी के लिए मेंटरिंग की जरूरत नहीं होती है। जो अपनी क्षमताओं के तेजी से विकास में रुचि लेता है, उसे मेंटर जरूर मिलना चाहिए।

एजेंडा में शामिल करें

मेंटरिंग के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जरूरी है कि इसे कंपनी के ट्रेनिंग और डवलपमेंट प्रोग्राम के एजेंडे में शामिल किया जाए। ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म मेंटरिंग कल्चर को सपोर्ट करने योग्य होना चाहिए। इसमें स्किल ट्रेनिंग और शैक्षिक अवसर भी शामिल होने चाहिए।

कम्युनिकेशन चैनल

मेंटरिंग के पार्ट के रूप् में संवाद महत्वपूर्ण है। मेंटरिंग के दौरान जीवन की वैल्यू के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए। सीखने वाले व्यक्ति को सही फीडबैक दिया जाना चाहिए कि लॉन्ग टर्म में इसके क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। इसके लिए बेहतर कम्युनिकेशन मैकेनिज्म होना बहुत जरूरी है।

अच्छा इंसान बनें

सबसे अच्छा मेंटर सबसे पहले गलती करता है और सबक सीखता है। अच्छा मेंटर सिखाता है कि जीवन को ज्यादा गंभीरता से लेना अच्छा नहीं है। जीवन का हर दौर गुजर जाता है। जिंदगी में जो सबक मिले हैं, उन्हें सहेजना जरूरी है।