चोल  मन्दिर

महान  चोल  मन्दिरों  का  निर्माण  चोल  सम्राटों  द्धारा  कराया  गया । चोल  मन्दिर  दक्षिण  भारत  के  साथ - साथ  कुछ  पड़ोसी  द्धीपो  पर  भी  बने  हुए  हैं । इन  मन्दिरों  में  11वीं - 12वीं  शताब्दी  के  निर्मित  मन्दिर  - तंजाबुर  का  वृहदेश्वर  मन्दिर  गंर्गी  कोण्ड  चोल  मन्दिर  तमिलनाडु  के  तन्जौर ( तंजाबुर ) में  स्थित  है, जिसे  11वीं  शताब्दी  में  राजराज  चोल  प्रथम  ने  बनवाया  था । इसलिए  इसे  राजराजेश्वर  मन्दिर  भी  कहा  जाता  है । यह मन्दिर  शिव  को  समर्पित  हैं । यह  तेरह  मंजिला  हैं । वृहदेश्वर  मन्दिर  को  युनेस्को  द्धारा  वर्ष  1987  में  विश्व  धरोहर  स्थल  घोषित  किया  गया । ऐरावतेश्वर  मन्दिर  का  निर्माण  राजराजा  को  युनेस्को  द्धारा  2004  में  विश्व  धरोहर  सूची  से  जोड़ा  गया । मन्दिर  नाम  दिया  गया  हैं ।