गोलकुण्डा फोर्ट
यह फोर्ट हैदराबाद के समीप हैं । पूर्व में यह किला मिटटी से बना था, किन्तु कुतुबशाही वंश के शासन काल में इसे ग्रेनाइट पत्थरों से निर्मित कराया गया । दक्कन के पठार का यह सबसे बड़ा किला हैं । 7 किमी की बाहरी दीवारों के साथ चार अलग - अलग किले में हैं । 8 प्रवेश द्धार तथा 87 बुर्ज हैं । इस किले में कई इमारतें हैं : जैसे - हथियार घरए हब्षी कमान्स, ऊँट अस्तबल, तारामती मस्जिद, किलवट ( निजी कक्ष ) नगीना बाग, रामसासा का कोठा, मुर्दा स्नान घर, अम्बर खाना तथा दरबार कक्ष । किले में स्वदेशी जल आपूर्ति प्रणाली थी । यह किला वारंगल, बहमनी, कुतुबशाही तथा निजामों के अघीन रहा । गोलकुण्डा का क्षेत्र हीरे की खानों के लिए प्रसिद्ध हैं ।