महाबलीपुरम  स्मारक

महाबलीपुरम  स्मारकों  का  समूह  7वीं - 8वीं  शताब्दी  में  पल्लव  शासको  द्धारा  निर्मित  किया  गया । जहाँ  कई  मन्दिर  हैं, "रथ  मन्दिर" कहे  जाते  हैं । इनमें  "तट  मन्दिर" और  रथ  गुफा  मन्दिर  अत्यधिक प्रसिद्ध  हैं । यह  सभी  मन्दिर  पत्थरों  को  काटकर  बनाए  गए  हैं । इसके  आठ  रथ  हैं, जिसमें  पाँच  पाण्डव  और  द्रौपदी  के  नम  पर  हैं । धर्मराज  रथ  सबसे  बड़ा  तथा  द्रौपदी  रथ  सबसे  छोटा  हैं । तट  मन्दिर  चेन्नई  के  तटीय  गाँव  में  हैं । इसे  शोर  मन्दिर  भी  कहा  जाता  हैं । यह  समुह  अपने  रथ  समूह  ( मण्डप ) विशालकाय  उभरी  हुई  नक्काशियाँ य जैसे - गंगा  के  अवतरणए शिव  की  महीमा  कों  दर्शाती  हजारों  मूर्तियों  वाले  किनारे  पर  बने  मन्दिरों  के  लिए  जाना  जाता  हैं । वर्ष  1984  में  इसे  विश्व  विरासत  स्थल  घोषित  किया  गया ।