लाल  किला 

मुगल  शासक  शाहजहाँ  ने  1638 ई. में  दिल्ली  को  अपनी  राजधानी  बनाया  तथा  एक  नए  शहर  शाहजहाँनाबाद  की  नींव  रखी । यह  शहर  दिल्ली  का  सातवाँ  शहर  था । लाल  किला  मुख्य  रूप  से  शाहजहाँनाबाद  का  महल  था । इस  किले  में  नक्कार  खाना, दीवान - ए - आम, नहर  बहिश्त,  रंगमहल,  खास  महल, दीवान  खास, मोती  मस्जिद  तथा  हयात  बख्श  बाग  स्थित  हैं । इसका  लाल  किला  नाम  इसके  लाल  बलुआ  पत्थर  की  प्राचीन  एवं  दीवार  के  कारण  पड़ा । इस  किले  के  पश्चिमी  द्धार  को  "लाहौरी  दरवाजा" तथा  दक्षिणी  को  "दिल्ली  दरवाजा  ( गेट )  कहते  हैं । इस  ऐतिहासिक  किले  को  ब्रिटिश  सरकार  ने  छावनी  के  रूप  में  प्रयोग  किया  गया  था । वर्ष  2007  में  युनेस्को  द्धारा  इसे  विश्व  विरासत  स्थल  घोषित  किया  गया ।