भीमबेटका
यह मध्य प्रदेश प्रान्त के रायसेन जिले में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है। भीमबेटका पाषाण आश्रय स्थल आदि मानव द्वारा बनाए गए शैल चित्रों और शैलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है। भारत के पठार के दक्षिणी किनारे पर स्थित विन्ध्याचल की पहाड़ियों के निचले छोर पर स्थित इन गुफाओं के चित्रों को पुरापाषाण काल के समय का माना जाता है। इनकी खोज वर्ष 1957-58 में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर द्वारा की गई थी। भीमबेटका पाषाण आश्रय को वर्ष 2003 में युनेस्को की ’विश्व धरोहर’ घोषित किया गया।