यूरोप
भौगोलिक स्वरूप
भौगोलिक स्वरूप
1. क्षेत्रफल की दृष्टि से यूरोप महाद्वीप का विश्व में छठा स्थान है। इस महाद्वीप की स्थिति उत्तरी गोलारर्द्ध के मध्य में है।
2. इस महाद्वीप के उत्तर में उत्तरी ध्रुव सागर, दक्षिण में भूमध्य सागर और पश्चिम में अटलाण्टिक महासागर है। पूर्व में यूराल पर्वत, काकेशस पर्वत तथा कैस्पियन सागर इसे एशिया से अलग करते हैं।
3. यूरोप को चार प्रमुख भौतिक विभागों में बाँटा गया है- उत्तर पश्चिमी उच्च भूमि, यूरोप का उत्तरी मैदान, मध्यवर्ती उच्च भूमि और आल्पस पर्वतमाला। आल्पस नवीन वलित पर्वत श्रेणी है, जिसकी सर्वोच्च चोटी माउण्ट ब्लाक (4807 मी ) है।
4. वोल्गा, राइन, सीन, नीपर, डॉन तथा डेन्यूब यूरोप की प्रमुख नदियाँ हैं। डन्यूब नदी के तट बुखारेस्ट, बुडापेस्ट, वियना, ब्रातिस्लावा तथा बेलग्रेड जैसे शहर स्थित हैं। स्कैण्डिनेवियन देशों में आइसलैण्ड, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैण्ड और डेनमार्क शामिल हैं।
निवासी एवं मानव संसाधन
1. इस महाद्वीप की कुल जनसंख्या जहाँ लगभग 74 करोड़ है। वहीं इसका औसतन घनत्व 70 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
2. यूरोप विश्व का सबसे अधिक घना बसा हुआ महाद्वीप है, हालाँकि यहाँ जनसंख्या का वितरण काफी असमान है।
3. यूरोप के अधिकांश लोग काकेशस प्रजाति के हैं। यहाँ की अधिकतर भाषाएँ इण्डो-यूरोपियन समूह से संबधित है। अंग्रजी, फ्रेंच, स्पेनिश, जर्मन एवं रसियन यहाँ की प्रमुख भाषाएँ हैं। यूरोप में सर्वाधिक जनघनत्व वाला देश मोनाको (25718 व्यक्ति/वर्ग किमी) है, वहीं सबसे कम जन-घनत्व वाला देश आइसलैण्ड (3 व्यक्ति/वर्ग किमी ) है।
प्राकृतिक संसाधन
1. यूरोप की जलवायु पर उच्चावन, सागरों की निकटता, पछुआ पवनें तथा उत्तरी अटलांटिक प्रवाह का महत्वपूर्ण प्रभाव है। पश्चिमी यूरोप में लगभग पूरे वर्ष भर वर्षा होती है। इस प्रकार की जलवायु को ’पश्चिमी यूरोप तुल्य जलवायु’ कहा जाता है। मध्य तथा पूर्वी यूरोप में महाद्वीपीय जलवायु पाई जाती है, जहाँ वार्षिक तापान्तर अधिक होता है।
2. दक्षिण यूरोप में भूमध्यसागरीय जलवायु पाई जाती है, जहाँ ग्रीष्म ऋतु शुष्क होती है तथा वर्षा शीत ऋतु में होती है। यूरोप के उत्तरी भाग में टुण्ड्रा जलवायु पाई जाती है। यूरोप के दक्षिणी-पूर्वी भाग में विस्तृत घास भूमियाँ (शीतोष्ण कटिबन्धीय) हैं, जिसे ’स्टेपी’ कहते हैं। हंगरी में शीतोष्ण घास के मैदान को ’पुस्टाज’ कहते हैं।
अर्थव्यवस्था
1. यूरोप की सबसे प्रमुख फसल गेहूँ है। यूक्रेन, यूरोप का उत्तरी मैदान, हंगरी का मैदान और इटली में पो-नदी की घाटी गेहूँ के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं। स्पेन, इटली, फ्रांस, स्विट्जरलैण्ड, नॉर्वे और स्वीडन जल- विद्युत बनाने वाले प्रमुख देश हैं। आइसलैण्ड, भूतापीय ऊर्जा का प्रमुख उत्पादक है।
2. यूरोप में कोयला ब्रिटेन में पाया जाता है। इसके अलावा फ्रांस से लेकर पोलैण्ड तक कोयले का निक्षेप है। सबसे अच्छा कोयला जर्मनी के रूर तथा फ्रांस के सार बेसिन में पाया जाता है। पेट्रोलियम मुख्यतः रूस में पाया जाता है। यूरोप में लौह-अयस्क के प्रमुख केन्द्र फ्रांस, रूस, जर्मनी तथा ब्रिटेन हैं। बेल्जियम का एण्टवर्प शहर उत्तरी सागर में स्थित विश्व प्रसिद्ध पत्तन तथा हीरा तराशने का प्रमुख केन्द्र हैं।
विकास के पैमाने पर
1. वर्ल्ड हैपिनेस इण्डेक्स 2017 के अनुसार, यूरोव महाद्वीप के नॉर्वे, डेनमार्क, आइसलैण्ड, स्विट्जरलैण्ड तथा फिनलैण्ड जैसे देश इस महाद्वीप के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर क्रमशः प्रथम से पाँचवें स्थान पर हैं।
2. अल्बानिया (109), बुल्गारिया (105), पुर्तगाल (89), क्रोएशिया (77) तथा हंगरी (75) इस सूची में निम्न स्तरीय यूरोपीय देश है।
3. मानव विकास रिपोर्ट-2017 के अनुसार, यूरोपीय देश नॉर्वे, स्विट्जरलैण्ड, जर्मनी, डेनमार्क तथा नीदरलैण्ड्स वैश्विक स्तर पर क्रमशः पहले,चौथे, पाँचवें तथा सातवें स्थान पर हैं।
4. यूरोपीय देश अल्बानिया, सर्बिया तथा बेलारूस क्रमशः इस सूची में वैश्विक स्तर पर 75वें, 66वें तथा 52वें स्थान पर है।