नरौरा 

यह उत्तर प्रदेश राज्य के बुलन्दशहर जिले में गंगा नदी के तट पर बसा एक गाँव है जो अपने ’नाभिकीय विद्युत संयन्त्र’ के लिए जाना जाता है। इस संयन्त्र की दो इकाई है और प्रत्येक इकाई की विद्युत उत्पादन क्षमता 220 मेगावाट हैं यहाँ स्थित ’नरौरा बाँध’ से बहुत ही मनोहारी दृश्य दिखाइ्र देते हैं। इसके अलावा यहाँ ’श्री सांगवेद संस्कृत महाविद्यालय’ भी है जिसकी स्थापना वर्ष 1903 में ब्रह्मश्री जीवन दत्त जी महाराज द्वारा की गई थी।