नेप्च्यून (वरूण)
1. सौरमण्डल का सबसे दूरस्थ ग्रह है।
2. यह गैसीय पिण्ड है जिसे पहली बार वर्ष 1846 में देखा गया। यह अपने अक्ष पर सबसे तीव्र घूर्णन करने वाला ग्रह है। हाइड्रोजन हीलियन तथा मीथेन से बना बड़ा खगोलीय पिण्ड है।
3. नेप्च्यून पर एक विरल वातावरण अवस्थित है।
4. गणितीय गणनाओं के आधार पर नेप्च्यून की अवस्थिति का पता लगाया गया।
5. यह पहला ग्रह है जिसका पता गणितीय गणना से लगाया गया नेप्च्यून का रंग नीला दिखता है जो वातावरण में मीथेन गैस की उपस्थिति के कारण है।
6. नेप्च्यून के कोर में अस्थित मैग्नेटिक फील्ड पृथ्वी से 27 गुना तीव्र है। नेप्च्यून अपनी कक्षा के सापेक्ष अपने अक्ष पर 47 झुका है।
7. इसके 13 उपग्रहों का पता अब तक लगाया जा चुका है।
विषुवतीय व्यता 49528 किमी
धु्रवीय व्यास 48682 किमी
द्रव्यमान 1.02 10 किग्रा
उपग्रह 14
परिभ्रमण काल 164.8 वर्ष
प्रभावीतापक्रम 214