Complete Guide: Online TDS/TCS Payment Under the New Income Tax Act 2025 (Financial Year 2026-27)

भारतीय कर प्रणाली (Indian Taxation System) में 1 अप्रैल 2026 से एक ऐतिहासिक बदलाव आया है। नए वित्तीय वर्ष (FY 2026-27) की शुरुआत के साथ ही नया आयकर अधिनियम 2025 (New Income Tax Act 2025) पूरी तरह से प्रभावी (Effective) हो चुका है। इस नए अधिनियम के आने से टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) के पुराने सेक्शन्स बदल गए हैं, टैक्स डिडक्शन की दरें संशोधित हुई हैं, और ऑनलाइन चालान भुगतान का पूरा ढांचा अपडेट कर दिया गया है।
करदाताओं, व्यवसायियों और लेखाकारों (Accountants) की सुविधा के लिए Softcom Computer Institute, Kota की विशेषज्ञ Softcom Computer Team ने इस विस्तृत गाइड को तैयार किया है। इस लेख में आप बिना किसी तकनीकी उलझन के, नए नियमों के अनुसार टीडीएस और टीसीएस की ऑनलाइन लाइव पेमेंट करने की चरण-दर-चरण (Step-by-Step) प्रक्रिया सीखेंगे।
नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत मुख्य बदलाव (Key Changes & Rules)
भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने से पहले, Softcom Computer Team आपको कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण नियमों और बदलावों से अवगत कराना चाहती है ताकि चालान भरते समय आपसे कोई त्रुटि न हो:
1. पुराने बनाम नए अधिनियम का चयन (Old Act vs. New Act)
i. 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी: यदि आप 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद काटे गए टीडीएस/टीसीएस का भुगतान कर रहे हैं, तो आपको केवल Income Tax Act 2025 (नया अधिनियम) का चयन करना होगा।
ii. पिछला बकाया (Past Dues): यदि आप वित्तीय वर्ष 2025-26 या उससे पहले की किसी अवधि का पुराना टीडीएस बकाया चुका रहे हैं, तो आपको Income Tax Act 1961 (पुराना अधिनियम) चुनना होगा।
2. मल्टीपल सेक्शंस की सुविधा (Multiple Section Codes Feature)
नए ई-फाइलिंग पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब आपको अलग-अलग सेक्शन्स के लिए बार-बार अलग चालान जनरेट नहीं करने पड़ेंगे। आप एक ही श्रेणी के डिडक्टी (जैसे - Non-Corporate / Individuals) के लिए एक ही चालान के भीतर अधिकतम 20 अलग-अलग सेक्शन कोड जोड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपने किसी व्यक्ति की प्रोफेशनल फीस (Section 393) और उसी व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्तिगत वेंडर के कमीशन पर टीडीएस काटा है, तो दोनों राशियों को एक ही चालान में अलग-अलग हेड बनाकर भरा जा सकता है।
3. सेपरेट चालान के नियम (Separate Challan Mandate)
मल्टीपल सेक्शंस की छूट मिलने के बावजूद, निम्नलिखित परिस्थितियों में आपको अनिवार्य रूप से बिल्कुल अलग-अलग चालान बनाने होंगे:
i. कॉर्पोरेट बनाम नॉन-कॉर्पोरेट (Corporate vs. Non-Corporate): यदि डिडक्टी कंपनी (Company) है तो उसका चालान अलग बनेगा, और यदि डिडक्टी व्यक्ति, फर्म, या एचयूएफ (Individual/HUF) है तो उसका चालान अलग बनेगा।
ii. निवासी बनाम अनिवासी (Resident vs. Non-Resident): भारत में रहने वाले वेंडर्स (Residents) और विदेशों में रहने वाले वेंडर्स (Non-Residents) के लिए एक साथ मिक्स चालान नहीं बनाया जा सकता। उनके लिए सेपरेट भुगतान करना होगा।
4. इनऑपरेटिव पैन का जोखिम (Inoperative PAN Penalty Rate)
टीडीएस काटने से पहले हमेशा यह सुनिश्चित कर लें कि आपके वेंडर या डिडक्टी का पैन (PAN) पूरी तरह से सक्रिय और ऑपरेटिव हो। यदि डिडक्टी का पैन इनऑपरेटिव (Inoperative) या लिंक नहीं है, तो आपको नियमानुसार 20% की उच्च दर (Higher Rate) से टीडीएस काटना होगा और उसी के अनुसार भुगतान करना होगा।
चरण 1: आयकर पोर्टल पर लॉग इन और टैक्स ईयर का चयन (TAN Login & Tax Year Selection)
TDS या TCS का भुगतान हमेशा व्यवसाय के TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) के माध्यम से किया जाता है। भुगतान शुरू करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
1. पोर्टल एक्सेस: अपने कंप्यूटर के वेब ब्राउज़र में आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट `incometax.gov.in` को खोलें।
2. टैन लॉगिन: होम पेज पर दाहिनी ओर दिए गए लॉगिन बटन पर क्लिक करें। अपना टैन (TAN) नंबर और पासवर्ड दर्ज करके अपने डैशबोर्ड में प्रवेश करें।
3. ई-पे टैक्स पर जाएं: लॉगिन करने के बाद, मुख्य मेनू बार में दिख रहे e-File टैब पर कर्सर ले जाएं। वहां ड्रापडाउन सूची में से e-Pay Tax विकल्प पर क्लिक करें।
4. अधिनियम का चयन (Act Selection): स्क्रीन पर आपके सामने दो विकल्प प्रदर्शित होंगे - 'Income Tax Act 2025' और 'Income Tax Act 1961'। चूंकि हम वर्तमान वर्ष का भुगतान कर रहे हैं, इसलिए Income Tax Act 2025 पर टिक करें और नीचे दिए गए Continue बटन पर क्लिक करें।
5. न्यू पेमेंट: अगले पेज पर दाईं तरफ बने New Payment के टैब पर क्लिक करें।
6. टैक्स ईयर का चयन (Tax Year Selection): नए अधिनियम के अंतर्गत वर्तमान में आपको केवल एक ही विकल्प दिखाई देगा - Tax Year 2026-27। इस ईयर को सिलेक्ट करें। ईयर सिलेक्ट करते ही नीचे के अन्य विकल्प एक्टिव हो जाएंगे।
7. प्रोसीड करें: नीचे दिए गए 'TDS / TCS' पेमेंट वाले ब्लॉक में जाकर Proceed बटन पर क्लिक करें।
चरण 2: डिडक्टी प्रकार और श्रेणी का निर्धारण (Determining Deductee Type)
प्रोसीड बटन दबाने के बाद आपके सामने चालान का मुख्य कॉन्फ़िगरेशन पेज खुलेगा, जिसे बहुत सावधानी से भरना होता है।
1. मेजर हेड का चयन (Tax Applicable): यहाँ आपसे पूछा जाएगा कि आपका डिडक्टी किस श्रेणी का है:
i. कंपनी डिडक्टी (Company Deductees): यदि आपके वेंडर का पैन कार्ड किसी कॉर्पोरेट कंपनी के नाम पर है (जिसका चौथा अक्षर 'C' होता है), तो इस विकल्प को चुनें।
ii. अदर दैन कंपनी डिडक्टी (Other than Company Deductees): यदि आप किसी सामान्य व्यक्ति, प्रोपराइटरशिप फर्म, पार्टनरशिप, या एचयूएफ का टैक्स चुका रहे हैं, तो इसे चुनें।
2. रेसिडेंशियल स्टेटस (Residential Status): इसके ठीक नीचे आपको वेंडर की नागरिकता/स्थिति बतानी होगी। यदि वेंडर भारत का निवासी है तो Resident चुनें, अन्यथा Non-Resident चुनें।
3. कंटिन्यू: इन श्रेणियों का सटीक चयन करने के बाद नीचे दिए गए Continue बटन पर क्लिक करें।
चरण 3: टीडीएस सेक्शन और टैक्स राशि की प्रविष्टि (Selecting TDS Sections & Entering Amounts)
इस चरण में आपको उन सेक्शन्स (Sections) का चयन करना होता है जिसके तहत आपने टैक्स की कटौती की है।
टीडीएस रेट्स और नए सेक्शन्स की जांच कैसे करें?
यदि आपको नए अधिनियम 2025 के सेक्शन्स या उनके टैक्स रेट्स को लेकर कोई संशय है, तो आप सरकार के आधिकारिक ट्रेसेस पोर्टल (`tracesdspc.gov.in`) पर जा सकते हैं। वहां उपलब्ध New Rate Chart पर क्लिक करके टैक्स ईयर 2026-27 के लिए तय की गई थ्रेशहोल्ड लिमिट (Threshold Limit) और सटीक टैक्स दरों की जांच कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, नए अधिनियम में प्रोफेशनल सर्विसेज और डायरेक्टर्स की फीस के लिए भुगतान को Section 393 के तहत वर्गीकृत किया गया है।
चालान में डेटा भरने की प्रक्रिया:
1. सेक्शन कोड चुनें: स्क्रीन पर दिख रही लिस्ट में से संबंधित सेक्शन (जैसे - Section 393 for Professional Services) को ढूंढकर सिलेक्ट करें।
2. टैक्स राशि दर्ज करें: सेक्शन चुनते ही आपके सामने अमाउंट बॉक्स खुल जाएगा। आपने कुल जितना टीडीएस काटा है (उदाहरण के लिए ₹10,000), वह राशि Tax वाले कॉलम में टाइप करें।
3. अतिरिक्त शुल्क (यदि लागू हो): यदि लागू हो तो सरचार्ज (Surcharge) या एजुकेशन सेस (Education Cess) की राशि डालें, अन्यथा इन्हें शून्य (0) रहने दें।
4. ऐड करें (Add to Grid): राशि भरने के बाद बगल में दिए गए Add बटन पर क्लिक करें। ऐसा करते ही वह सेक्शन नीचे ग्रिड (Grid) में जुड़ जाएगा।
5. मल्टीपल सेक्शंस जोड़ना (वैकल्पिक): यदि इसी डिडक्टी टाइप के लिए आपको कोई अन्य टैक्स भी चुकाना है (जैसे कमीशन का टैक्स), तो दोबारा ऊपर जाकर दूसरा सेक्शन कोड चुनें, राशि भरें और फिर से 'Add' पर क्लिक करें।
6. ब्याज और लेट फीस (Interest & Late Fees): यदि आप टीडीएस काटने या जमा करने में लेट हो गए हैं, तो नीचे दिए गए विशिष्ट बॉक्स में Interest (ब्याज) या Late Fee (लेट फीस) की राशि मैनुअली अवश्य दर्ज करें ताकि भविष्य में डिफ़ॉल्ट का नोटिस न आए।
7. कंटिन्यू: सभी राशियों का टोटल चेक करने के बाद Continue बटन पर क्लिक करें।
चरण 4: पेमेंट मोड का चयन (Selecting the Payment Mode)
कंटिन्यू करने पर पोर्टल आपको पेमेंट गेटवे (Payment Gateway) पर ले जाएगा। यहाँ आपको भुगतान के कई आसान और सुरक्षित डिजिटल माध्यम मिलेंगे:
i. Net Banking (नेट बैंकिंग): यदि आपका खाता स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई या किसी अन्य प्रमुख बैंक में है, तो अपने बैंक को चुनकर सीधे नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स से सुरक्षित भुगतान कर सकते हैं।
ii. Debit Card (डेबिट कार्ड): आप अपने अधिकृत बैंक के डेबिट कार्ड का उपयोग करके भी राशि ट्रांसफर कर सकते हैं।
iii. UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस): यह सबसे आधुनिक और सरल माध्यम है। आप इसे सिलेक्ट करके किसी भी भीम, गूगल पे, फोनपे, या पेटीएम ऐप के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान पूरा कर सकते हैं।
iv. Pay at Bank Counter (बैंक काउंटर पर भुगतान): यदि आप ऑनलाइन भुगतान नहीं करना चाहते, तो इस विकल्प को चुनें। ध्यान रखें कि ₹10,000 तक का टीडीएस ही काउंटर पर नकद (Cash) जमा किया जा सकता है। उससे अधिक की राशि होने पर आपको चेक (Check) या डिमांड ड्राफ्ट (DD) का विकल्प चुनकर यहीं से चालान फॉर्म जनरेट करना होगा और उसे प्रिंट करके अपनी बैंक शाखा में जमा करना होगा।
अपनी पसंद के अनुसार मोड (जैसे - UPI) का चयन करें और Continue पर क्लिक करें।
चरण 5: प्रीव्यू, फाइनल सबमिशन और चालान डाउनलोड (Preview & Challan Download)
1. विवरणों का प्रीव्यू: भुगतान फाइनल करने से पहले स्क्रीन पर आपके द्वारा भरा गया पूरा फॉर्म समरी के रूप में दिखाई देगा। इसमें अपना टैन नंबर, टैक्स ईयर (2026-27), सेक्शंस और कुल देय राशि को एक अंतिम बार अच्छी तरह जांच लें।
2. पे नाउ (Pay Now): सब कुछ सही होने पर Pay Now बटन पर क्लिक करें। (यदि आप बाद में भुगतान करना चाहते हैं तो 'Pay Later' पर क्लिक करके इसे ड्राफ्ट में सहेज सकते हैं)।
3. नियम व शर्तें: स्क्रीन पर दिखाई देने वाले टर्म्स एंड कंडीशंस (Terms and Conditions) के पॉप-अप को नीचे स्क्रॉल करें, 'I Agree' के चेकबॉक्स को टिक करें और Submit to Bank पर क्लिक करें।
4. भुगतान पूरा करें: यदि आपने UPI चुना है, तो स्क्रीन पर प्रदर्शित QR Code को अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप से स्कैन करें और अपना गुप्त यूपीआई पिन डालकर ट्रांजैक्शन को पास करें।
5. सफलता का संदेश: जैसे ही आपके खाते से राशि कट जाएगी, इनकम टैक्स पोर्टल की स्क्रीन स्वतः रिफ्रेश होगी और आपको "Challan Payment is Successful" का संदेश दिखाई देगा।
6. चालान डाउनलोड: पेज पर उपलब्ध Download बटन पर क्लिक करके अपने चालान की पीडीएफ (PDF Receipt) को अपने कंप्यूटर में सुरक्षित सेव कर लें।
चालान रसीद की मुख्य बातें (Understanding Your TDS Challan)
Softcom Computer Team आपको विशेष रूप से सूचित करती है कि नया चालान डाउनलोड करने के बाद उस पर अंकित कुछ विवरणों को ध्यान से देखना आवश्यक है, क्योंकि टीडीएस रिटर्न (TDS Return) दाखिल करते समय इन्हीं जानकारियों की आवश्यकता होगी:
i. Tax Year (कर वर्ष): नए चालान पर स्पष्ट रूप से 'Tax Year 2026-27' लिखा होगा। पुराने चालान और नए चालान में यह एक बड़ा अंतर है, अतः असेसमेंट ईयर और टैक्स ईयर के इस बदलाव से भ्रमित न हों।
ii. BSR Code: यह आपके बैंक का एक विशिष्ट कोड होता है जो रसीद पर छपा होता है।
iii. Challan Serial Number (CIN): भुगतान की पहचान के लिए जारी किया गया सीरियल नंबर।
iv. Date of Deposit: जिस तारीख को पैसा सरकार के खाते में ट्रांसफर हुआ है।
v. Section Code: वह विशिष्ट धारा (जैसे - 393) जिसके तहत यह टैक्स जमा हुआ है।
इन सभी विवरणों को संभाल कर रखें। जब आप तिमाही (Quarterly) टीडीएस रिटर्न फाइल करेंगे, तब इन चालान डिटेल्स को सॉफ्टवेयर में मैप करना अनिवार्य होगा।
Softcom Computer Institute, Kota आशा करता है कि इस विस्तृत गाइड की सहायता से अब आप नए आयकर अधिनियम 2025 के कड़े नियमों के बावजूद बेहद आसानी से और बिना किसी गलती के अपना टीडीएस/टीसीएस ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। सजग रहें, सही समय पर टैक्स चुकाएं और देश की डिजिटल प्रगति का हिस्सा बनें।