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CUET PG Nyaya Vaisheshika Exam - Sanskrit

Duration: 90 · Questions: 75 · Max Marks: 300 · Language: 1

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Nyaya Vaisheshika

1
न्याय दर्शन की रचना किसने की थी?
  1. A. गोविंद
  2. B. कपिल
  3. C. बुद्ध
  4. D. गौतम (अकṣपाद)
2
न्याय दर्शन की प्रमुख ग्रंथ क्या है?
  1. A. वैशेषिकसूत्र
  2. B. उपनिषद
  3. C. न्यायसूत्र
  4. D. भगवद्गीता
3
गौतम का न्यायसूत्र मुख्य रूप से किस विषय पर आधारित है?
  1. A. धर्म और नीति
  2. B. योग और ध्यान
  3. C. तर्क और ज्ञानमीमांसा
  4. D. कर्मकाण्ड
4
न्याय दर्शन किस दर्शन के साथ परस्परपूरक है?
  1. A. सांख्य
  2. B. योग
  3. C. वैशेषिक
  4. D. मिमांसा
5
न्याय दर्शन में ज्ञान प्राप्ति के कितने साधन माने गए हैं?
  1. A. 4
  2. B. 3
  3. C. 2
  4. D. 5
6
न्याय दर्शन में 'प्रमाण' का अर्थ क्या है?
  1. A. आचार का नियम
  2. B. ज्ञान प्राप्ति का साधन
  3. C. कर्म का फल
  4. D. ध्यान का अभ्यास
7
न्याय दर्शन की परंपरा को कितने चरणों में विभाजित किया गया है?
  1. A. 3
  2. B. 2
  3. C. 4
  4. D. 5
8
प्राचीन न्याय दर्शन की विशेषता क्या है?
  1. A. अनुभव पर अधिक ध्यान
  2. B. भक्ति पर केंद्रित
  3. C. ध्यान और योग पर आधारित
  4. D. तर्क और प्रमाण पर जोर
9
मध्यकालीन न्याय दर्शन किस समय में विकसित हुआ?
  1. A. 1-5 शताब्दी ई.पू.
  2. B. 17-19 शताब्दी ई.
  3. C. 13-16 शताब्दी ई.
  4. D. 6-12 शताब्दी ई.
10
नव्य न्याय दर्शन किसने प्रतिपादित किया?
  1. A. गंगाधर
  2. B. गोविंद
  3. C. गौतम
  4. D. रामानुज
11
न्याय दर्शन में 'अर्थ' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  1. A. कर्म का फल
  2. B. जीवन का भौतिक आधार
  3. C. ज्ञान की व्याख्या
  4. D. ध्यान साधना
12
वैशेषिक और न्याय दर्शन का मुख्य संबंध क्या है?
  1. A. दोनों भौतिक पदार्थों पर ध्यान देते हैं
  2. B. दोनों योग साधना पर आधारित हैं
  3. C. दोनों तर्क और ज्ञानमीमांसा पर आधारित हैं
  4. D. दोनों कर्मकाण्ड पर आधारित हैं
13
गौतम का न्यायसूत्र किस भाषा में लिखा गया है?
  1. A. प्राकृत
  2. B. तमिल
  3. C. पाली
  4. D. संस्कृत
14
न्याय दर्शन के अनुसार, ‘सिद्धांत’ क्या है?
  1. A. नैतिक नियम
  2. B. कर्म का फल
  3. C. निश्चित और प्रमाणित ज्ञान
  4. D. ध्यान साधना
15
प्राचीन न्याय दर्शन में ज्ञान के मुख्य स्रोत क्या हैं?
  1. A. अनुभव और धर्म
  2. B. प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान और शब्द
  3. C. योग और ध्यान
  4. D. भक्ति और पूजा
16
न्याय दर्शन में ‘प्रत्यक्ष’ का क्या अर्थ है?
  1. A. अनुमान के द्वारा ज्ञान
  2. B. प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा ज्ञान
  3. C. शब्द के माध्यम से ज्ञान
  4. D. तर्क से ज्ञान
17
न्याय दर्शन में ‘अनुमान’ किसके आधार पर ज्ञान प्राप्त करता है?
  1. A. प्रत्यक्ष अनुभव
  2. B. ध्यान
  3. C. शब्द
  4. D. सामान्य नियम और लक्षण
18
न्याय दर्शन में ‘उपमान’ का प्रयोग किसके लिए किया जाता है?
  1. A. तुलनात्मक ज्ञान प्राप्ति
  2. B. शब्दार्थ की व्याख्या
  3. C. भौतिक वस्तु का अध्ययन
  4. D. कर्म की व्याख्या
19
न्याय दर्शन में ‘शब्द’ का क्या अर्थ है?
  1. A. केवल भाषा
  2. B. ध्यान का साधन
  3. C. तर्क का आधार
  4. D. प्रमाण के रूप में शास्त्र
20
न्याय दर्शन में ‘विवेक’ का महत्व किसमें है?
  1. A. कर्म करने में
  2. B. ध्यान में
  3. C. भक्ति में
  4. D. ज्ञान प्राप्ति में
21
न्याय दर्शन में ‘अभ्यास’ का अर्थ क्या है?
  1. A. योग साधना
  2. B. भक्ति की साधना
  3. C. सतत अभ्यास द्वारा सिद्धांत की समझ
  4. D. कर्मकाण्ड
22
प्राचीन न्याय दर्शन में ‘तत्व’ को किस रूप में देखा गया है?
  1. A. केवल भौतिक
  2. B. भौतिक और आध्यात्मिक
  3. C. केवल आध्यात्मिक
  4. D. केवल नैतिक
23
न्याय दर्शन में ‘भूत’ किसे कहते हैं?
  1. A. कर्म
  2. B. आत्मा
  3. C. पदार्थ
  4. D. ज्ञान
24
न्याय और वैशेषिक दर्शन के अनुसार, ‘सृष्टि’ का आधार क्या है?
  1. A. ईश्वर
  2. B. योग
  3. C. पदार्थ
  4. D. कर्म
25
न्याय दर्शन में ‘कारण’ का प्रमुख प्रकार क्या है?
  1. A. प्रभावकारक
  2. B. निष्क्रिय
  3. C. केवल आध्यात्मिक
  4. D. केवल नैतिक
26
मध्यकालीन न्याय दर्शन में ‘प्रत्यय’ का महत्व क्या है?
  1. A. भक्ति का साधन
  2. B. कर्मकाण्ड का नियम
  3. C. ज्ञान प्राप्ति का आधार
  4. D. ध्यान का साधन
27
नव्य न्याय दर्शन में तर्क की प्रमुख विशेषता क्या है?
  1. A. अनुभव पर आधारित
  2. B. केवल भौतिक
  3. C. सूक्ष्म और विश्लेषणात्मक
  4. D. केवल आध्यात्मिक
28
न्याय दर्शन में ‘सत्य’ का प्रमुख मापदंड क्या है?
  1. A. कर्म
  2. B. भक्ति
  3. C. अनुभव और तर्क
  4. D. ध्यान
29
न्याय दर्शन के अनुसार, ‘असत्य’ क्या है?
  1. A. केवल भ्रम
  2. B. ध्यान की कमी
  3. C. वास्तविकता के विरुद्ध ज्ञान
  4. D. भक्ति की कमी
30
न्याय दर्शन में ‘अव्यक्त’ का अर्थ क्या है?
  1. A. अप्रकटित या अदृश्य
  2. B. प्रत्यक्ष अनुभव
  3. C. अनुमान
  4. D. शब्द
31
न्याय दर्शन में ‘साध्य’ का अर्थ क्या है?
  1. A. प्रमाण
  2. B. ज्ञाता
  3. C. ज्ञेय वस्तु
  4. D. अनुमान
32
न्याय दर्शन में ‘साधक’ किसे कहते हैं?
  1. A. ज्ञेय वस्तु
  2. B. अनुमान
  3. C. प्रमाण
  4. D. ज्ञाता
33
न्याय दर्शन में ‘साधन’ का क्या अर्थ है?
  1. A. ज्ञेय वस्तु
  2. B. ज्ञाता
  3. C. अनुमान
  4. D. ज्ञान प्राप्ति का उपाय
34
न्याय दर्शन में ‘अभाव’ का अर्थ क्या है?
  1. A. असत्य
  2. B. अनुमान
  3. C. अनुपस्थिति
  4. D. शब्द
35
न्याय दर्शन में कितने प्रकार के ‘अभाव’ माने गए हैं?
  1. A. 2
  2. B. 4
  3. C. 3
  4. D. 5
36
न्याय दर्शन में प्रत्यक्ष ज्ञान के कितने प्रकार बताए गए हैं?
  1. A. 1
  2. B. 2
  3. C. 3
  4. D. 4
37
न्याय दर्शन में ‘समान्य प्रत्यक्ष’ किसे कहते हैं?
  1. A. व्यक्तिगत अनुभव
  2. B. सामान्य नियम से अनुभव
  3. C. अनुमान
  4. D. उपमान
38
न्याय दर्शन में ‘विशेष प्रत्यक्ष’ का क्या अर्थ है?
  1. A. तुलनात्मक ज्ञान
  2. B. अनुमान
  3. C. व्यक्तिगत अनुभव
  4. D. शब्द
39
न्याय दर्शन में अनुमान के कितने प्रकार माने गए हैं?
  1. A. 2
  2. B. 5
  3. C. 4
  4. D. 3
40
न्याय दर्शन में ‘पूर्वानुमान’ का अर्थ क्या है?
  1. A. किसी वस्तु का अनुभव
  2. B. भक्ति
  3. C. शब्द से ज्ञान
  4. D. पूर्व ज्ञान से अनुमान
41
न्याय दर्शन में ‘अनुमेय’ का क्या अर्थ है?
  1. A. ज्ञेय वस्तु
  2. B. अनुमान करने योग्य वस्तु
  3. C. ज्ञाता
  4. D. अनुभव
42
न्याय दर्शन में ‘संयोग’ का क्या अर्थ है?
  1. A. केवल ध्यान
  2. B. केवल अनुमान
  3. C. केवल भौतिक पदार्थ
  4. D. कारण और प्रभाव का मिलन
43
न्याय दर्शन में ‘विपरीत संयोग’ का अर्थ क्या है?
  1. A. अनुमान
  2. B. अनुपस्थिति का संबंध
  3. C. भौतिक वस्तु
  4. D. ध्यान
44
न्याय दर्शन में उपमान कितने प्रकार का होता है?
  1. A. 1
  2. B. 2
  3. C. 3
  4. D. 4
45
न्याय दर्शन में ‘सम्भव उपमान’ किसे कहते हैं?
  1. A. भक्ति
  2. B. अनुमान
  3. C. वास्तविक वस्तु का तुलनात्मक ज्ञान
  4. D. ध्यान
46
न्याय दर्शन में ‘असाध्य उपमान’ का अर्थ क्या है?
  1. A. अनुपलब्ध वस्तु का तुलनात्मक ज्ञान
  2. B. अनुमान करने योग्य वस्तु
  3. C. प्रत्यक्ष ज्ञान
  4. D. शब्द
47
न्याय दर्शन में शब्द प्रमाण कितने प्रकार का होता है?
  1. A. 1
  2. B. 4
  3. C. 3
  4. D. 2
48
न्याय दर्शन में ‘प्रामाणिक शब्द’ किसे कहते हैं?
  1. A. अनुभव
  2. B. ज्ञाता द्वारा दिया गया प्रमाण
  3. C. अनुमान
  4. D. ध्यान
49
न्याय दर्शन में ‘अप्रामाणिक शब्द’ का क्या अर्थ है?
  1. A. मिथ्या या असत्य शब्द
  2. B. अनुमान
  3. C. भौतिक वस्तु
  4. D. ध्यान
50
न्याय दर्शन में ‘सिद्धि’ का अर्थ क्या है?
  1. A. ध्यान
  2. B. सिद्धांत की प्राप्ति
  3. C. भक्ति
  4. D. कर्म
51
न्याय दर्शन में ‘असिद्धि’ का अर्थ क्या है?
  1. A. ध्यान की कमी
  2. B. अनुमान
  3. C. भक्ति की कमी
  4. D. सिद्धांत की अभाव
52
न्याय दर्शन में ‘दर्शन’ का मूल अर्थ क्या है?
  1. A. दृष्टि
  2. B. ज्ञान प्राप्ति की पद्धति
  3. C. भक्ति
  4. D. ध्यान
53
न्याय दर्शन के अनुसार, ‘तर्क’ का क्या महत्व है?
  1. A. केवल भौतिक अध्ययन
  2. B. ध्यान का साधन
  3. C. भक्ति का माध्यम
  4. D. ज्ञान सिद्धि का साधन
54
न्याय दर्शन में ‘साधक’ और ‘साध्य’ का क्या संबंध है?
  1. A. ज्ञाता और ज्ञेय वस्तु
  2. B. कर्म और फल
  3. C. ध्यान और भक्ति
  4. D. अनुमान और शब्द
55
न्याय दर्शन में ‘कारण’ को किस रूप में देखा गया है?
  1. A. केवल भौतिक
  2. B. केवल आध्यात्मिक
  3. C. भौतिक और मानसिक
  4. D. केवल नैतिक
56
न्याय दर्शन में ‘फल’ का क्या अर्थ है?
  1. A. ध्यान
  2. B. अनुमान
  3. C. भक्ति
  4. D. कर्म का परिणाम
57
न्याय दर्शन में ‘संयोग’ और ‘विपरीत संयोग’ में क्या भेद है?
  1. A. उपस्थित और अनुपस्थित का संबंध
  2. B. अनुमान
  3. C. भक्ति
  4. D. ध्यान
58
न्याय दर्शन में ‘प्रत्यय’ का अर्थ क्या है?
  1. A. अनुमान
  2. B. भक्ति
  3. C. ज्ञान प्राप्ति का कारक
  4. D. ध्यान
59
न्याय दर्शन में ‘पूर्वानुमान’ और ‘अनुमेय’ में क्या भेद है?
  1. A. केवल भौतिक
  2. B. दोनों समान
  3. C. एक अनुमान, दूसरा अनुमान करने योग्य वस्तु
  4. D. केवल आध्यात्मिक
60
न्याय दर्शन में ज्ञान के कितने प्रकार बताए गए हैं?
  1. A. 4
  2. B. 3
  3. C. 2
  4. D. 5
61
न्याय दर्शन में ‘प्रत्यक्ष’ के प्रकार कौन से हैं?
  1. A. अनुमान और उपमान
  2. B. सामान्य और विशेष
  3. C. शब्द और अभाव
  4. D. कारण और फल
62
न्याय दर्शन में ‘अनुमान’ का प्रयोग किस लिए होता है?
  1. A. कर्मकाण्ड
  2. B. भक्ति
  3. C. ध्यान
  4. D. प्रत्यक्ष के अभाव में ज्ञान
63
न्याय दर्शन में अनुमान के प्रकार कौन से हैं?
  1. A. भौतिक, मानसिक, आध्यात्मिक
  2. B. सामान्य, विशेष, तुलनात्मक
  3. C. प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, शब्द
  4. D. पूर्वानुमान, अनुमानित, पश्चानुमान
64
न्याय दर्शन में ‘उपमान’ के कितने प्रकार हैं?
  1. A. 1
  2. B. 4
  3. C. 3
  4. D. 2
65
न्याय दर्शन में ‘शब्द’ के प्रकार कौन से हैं?
  1. A. कारण और फल
  2. B. अनुमान और प्रत्यक्ष
  3. C. सामान्य और विशेष
  4. D. प्रामाणिक और अप्रामाणिक
66
न्याय दर्शन में ‘सत्य’ का क्या महत्व है?
  1. A. भक्ति
  2. B. ध्यान
  3. C. ज्ञान की प्राप्ति
  4. D. कर्म
67
न्याय दर्शन में ‘असत्य’ का क्या अर्थ है?
  1. A. भ्रमित ज्ञान
  2. B. ध्यान
  3. C. भक्ति
  4. D. कर्मकाण्ड
68
न्याय दर्शन में ‘साधक’ का अर्थ क्या है?
  1. A. शब्द
  2. B. ज्ञेय
  3. C. अनुमान
  4. D. ज्ञाता
69
न्याय दर्शन में ‘साध्य’ का अर्थ क्या है?
  1. A. ज्ञेय वस्तु
  2. B. ज्ञाता
  3. C. कारण
  4. D. फल
70
न्याय दर्शन में ‘साधन’ का अर्थ क्या है?
  1. A. भक्ति
  2. B. अनुमान
  3. C. ज्ञान प्राप्ति का उपाय
  4. D. ध्यान
71
न्याय दर्शन में ‘अभाव’ के प्रकार कौन से हैं?
  1. A. प्रामाणिक, अप्रामाणिक
  2. B. सामान्य, विशेष
  3. C. अनुमान, उपमान
  4. D. पूर्व, पश्चात, स्वभाव, सामान्य
72
न्याय दर्शन में ‘सिद्धि’ का अर्थ क्या है?
  1. A. अनुमान
  2. B. सिद्धांत की प्राप्ति
  3. C. भक्ति
  4. D. ध्यान
73
न्याय दर्शन में ‘असिद्धि’ का अर्थ क्या है?
  1. A. सिद्धांत की अभाव
  2. B. अनुमान
  3. C. ध्यान
  4. D. भक्ति
74
न्याय दर्शन में ‘दर्शन’ का अर्थ क्या है?
  1. A. भक्ति
  2. B. ज्ञान प्राप्ति की पद्धति
  3. C. ध्यान
  4. D. कर्म
75
न्याय दर्शन में ‘तत्व’ किसे कहते हैं?
  1. A. ध्यान
  2. B. अनुमान
  3. C. भक्ति
  4. D. पदार्थ और गुण
Question for CUET PG Nyaya Vaisheshika 2027 - Quiz / Questions / MCQ - Toppersexam