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HPSC Assistant Professor Hindi Exam (Screening Test) - Hindi
Duration: 120 · Questions: 100 · Max Marks: 100 · Language: 3
Hindi
1
सूखे ईधन आग ज्यों स्वच्छ नीर की रीति ।
झलकें अच्छर अरथ जो सो प्रसाद गुण नीति ।।
प्रसाद गुण का लक्षण किस आचार्य का है ?
झलकें अच्छर अरथ जो सो प्रसाद गुण नीति ।।
प्रसाद गुण का लक्षण किस आचार्य का है ?
2
आगम वे अ पुराणे पंडित मान बहंति । पक्का सिरिफल अलि अ जिम वाहेरित भ्रमयंति। ये काव्य पंक्तिया किसकी है?
3
सूर समाना चंद में दहूं किया घर एक। मन का चिंता तब भया कछू पुरबिला लेख ।।
इन पंक्तियों के रचनाकार हैः
इन पंक्तियों के रचनाकार हैः
4
द्वैतवाद के प्रणेता है :
5
‘रौजतुल हकायक ’ के रचयिता है :
6
इनमें से किस कवि ने प्रबंधात्मक वीर काव्य की भी रचना की है :
7
इनमें से किस कवि ने सतसई की रचना नही की है?
8
‘भ्रमरदूत’ के रचनाकार हैः
9
काम मंगल से मंडित श्रेय सर्ग इच्छा का है परिणाम ; तिरस्कृत कर उसको तुम भूल बनाते हो असफल भवधाम।
उपर्युक्त काव्य पंक्तियां ‘ कामायनी’ के किस सर्ग की है?
उपर्युक्त काव्य पंक्तियां ‘ कामायनी’ के किस सर्ग की है?
10
निम्नलिखित में से जयशंकर प्रसाद का कौन-सा नाटक कल्हण की ‘राजतंरगिणी’ पर आधारित है?
11
‘मुड मुड कर देखता हुं’ किसकी आत्मकथा है?
12
‘मर्णिककर्णिका के लेखक हैः
13
‘महाकाल’ उपन्यास के लेखक हैः
14
‘कामरेड का कोट’ कहानी के लेखक हैः
15
भारतेन्दु हरिश्चंद्र के निम्नलिखित रूपकों में से ‘भाण’ कौन-सा है?
16
‘सूरदास जब अपने प्रिय विषय का वर्णन शुरू करते हैं तो मानो अंलकारशास्त्र हाथ जोडकर उनके पीछे- पीछे दौडा करता है। उपमाओं की बाढ आ जाती है रूपकों की वर्षा होने लगती है।’
उपर्युक्त कथन किस आलोचक का है?
उपर्युक्त कथन किस आलोचक का है?
17
भरत मुनि के रस सूत्र के व्याख्याता भट्टनायक के सिद्धांत का नाम हैः
18
वक्रोक्ति सिद्धांत के प्रवर्तक आचार्य हैः
19
अभिव्यंजनावादी सिद्धांत के प्रवर्तक हैः
20
‘प्रेमचंद और उनका युग’ के लेखक हैः
21
रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम हैः
22
जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम हैः
23
जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम हैः
24
मैथिलीशरण गुप्त की निम्नलिखित काव्यकृतियों का सही अनुक्रम हैः
25
प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित काव्य- संग्रहों का सही अनुक्रम हैः
26
प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम हैः
27
प्रकाशन वर्ष के अनुसार फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यासों का सही अनुक्रम हैः
28
रमेशचन्द्र शाह के उपन्यासों का सही अनुक्रम हैः
29
प्रकाशन वर्ष के अनुसार उषा प्रियंवदा के उपन्यासों का सही अनुक्रम हैः
30
लेखनकाल के अनुसार निम्नलिखित पाश्चात्य आलोचकों का सही अनुक्रम हैः
31
निम्नलिखित पात्रों को सम्ब़द्ध काव्य ग्रंथों के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) चंदा (i) बीसलदेव रासो
(b) नागमती (ii) चंदायन
(c) राजमती (iii) ढोला- मारू रा दूहा
(d) मालवणी (iv) पृथ्वीराज रासो
(v) पद्मावत
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) चंदा (i) बीसलदेव रासो
(b) नागमती (ii) चंदायन
(c) राजमती (iii) ढोला- मारू रा दूहा
(d) मालवणी (iv) पृथ्वीराज रासो
(v) पद्मावत
कोड :
32
निम्नलिखित रचनाकारों को उनके आश्रयदाता राजाओं के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) चंदबरदाई (i) छत्रसाल
(b) बिहारी (ii) परमाल
(c) जगनिक (iii) जयसिंह
(d) भूषण (iv) पृथ्वीराज चौहान
(v) बीसलदेव
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) चंदबरदाई (i) छत्रसाल
(b) बिहारी (ii) परमाल
(c) जगनिक (iii) जयसिंह
(d) भूषण (iv) पृथ्वीराज चौहान
(v) बीसलदेव
कोड :
33
निम्नलिखित काव्यकृतियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) मुक्तिप्रसंग (i) लीलाधर जगूड़ी
(b) खुशबू के शिलालेख (ii) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(c) अनुभव के आकाश में चांद (iii) राजकमल चौधरी
(d) रेणुका (iv) नरेश सक्सेना
(v) भवानीप्रसाद मिश्र
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) मुक्तिप्रसंग (i) लीलाधर जगूड़ी
(b) खुशबू के शिलालेख (ii) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(c) अनुभव के आकाश में चांद (iii) राजकमल चौधरी
(d) रेणुका (iv) नरेश सक्सेना
(v) भवानीप्रसाद मिश्र
कोड :
34
निम्नलिखित काव्यकृतियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) आत्मजयी (i) सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
(b) खूंटियों पर टंगे लोग (ii) श्रीकांत वर्मा
(c) मगध (iii) राजेश जोशी
(d) पहाड़ पर लालटेन (iv) कुंवर नारायण
(v) मंगलेश डबराल
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) आत्मजयी (i) सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
(b) खूंटियों पर टंगे लोग (ii) श्रीकांत वर्मा
(c) मगध (iii) राजेश जोशी
(d) पहाड़ पर लालटेन (iv) कुंवर नारायण
(v) मंगलेश डबराल
कोड :
35
निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) पराधीन रहकर अपना सुख शोक (I) मैथलीशरण गुप्त
न कह सकता है। वह अपमान जगत में
केवज पशु ही सह सकता है। (b) धरती हिल कर नींद भाग दे। (II) जगन्नाथदास रत्नाकर
वज्रनाद से व्योम जगा दे।
दैव ,और कुछ लाग लगा दे।
(c) दिवस का अवसान समीप था (III) नाथूराम शर्मा शंकर
गगन था कुछ लोहित हो चला।
(d) भेजे मनभावन के ऊधव क (iv) नरेश सक्सेना
आवन की, सुधि ब्रज- गांवनि
मैं पावन जबै लगीं।
(v) अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) पराधीन रहकर अपना सुख शोक (I) मैथलीशरण गुप्त
न कह सकता है। वह अपमान जगत में
केवज पशु ही सह सकता है। (b) धरती हिल कर नींद भाग दे। (II) जगन्नाथदास रत्नाकर
वज्रनाद से व्योम जगा दे।
दैव ,और कुछ लाग लगा दे।
(c) दिवस का अवसान समीप था (III) नाथूराम शर्मा शंकर
गगन था कुछ लोहित हो चला।
(d) भेजे मनभावन के ऊधव क (iv) नरेश सक्सेना
आवन की, सुधि ब्रज- गांवनि
मैं पावन जबै लगीं।
(v) अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
कोड :
36
जयशंकर प्रसाद के नाट्यगीतों को उनके नाटको के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) आह वेदना मिली विदाई (i) अजाशत्रु
मैंने भ्रमवश जीवन संचित
मधुकरियों की भीख लुटाई।
(b) यौवन तेरी चंचल छाया इसमें बैठ (ii) ध्रुवस्वामिनी
घूंट भर पी लूं जो रस तू है लाया।
(c) कैसी कड़ी रूप की ज्वाला पड़ता है (iii) स्कंदगुप्त
पतंग- सा इसमे मन हो कर मतवाला।
(d) स्वर्ग है नहीं दूसरा और सज्जन (iv) कामना
हृदय परम करूणामय सही एक
है ठोर।
(v) चन्द्रगुप्त
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) आह वेदना मिली विदाई (i) अजाशत्रु
मैंने भ्रमवश जीवन संचित
मधुकरियों की भीख लुटाई।
(b) यौवन तेरी चंचल छाया इसमें बैठ (ii) ध्रुवस्वामिनी
घूंट भर पी लूं जो रस तू है लाया।
(c) कैसी कड़ी रूप की ज्वाला पड़ता है (iii) स्कंदगुप्त
पतंग- सा इसमे मन हो कर मतवाला।
(d) स्वर्ग है नहीं दूसरा और सज्जन (iv) कामना
हृदय परम करूणामय सही एक
है ठोर।
(v) चन्द्रगुप्त
कोड :
37
निम्नलिखित निंबध संग्रहों को उनके लेखकां के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) आस्था और सौंदर्य (i) निर्मल वर्मा
(b) अपनी अपनी बीमारी (ii) विद्यानिवास मिश्र
(c) कला का जोखिम (iii)रामविलास शर्मा
(d) तमाल के झरोखे से (iv) हरिशंकर परसाई
(v) बालमुकुंद गुप्त
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) आस्था और सौंदर्य (i) निर्मल वर्मा
(b) अपनी अपनी बीमारी (ii) विद्यानिवास मिश्र
(c) कला का जोखिम (iii)रामविलास शर्मा
(d) तमाल के झरोखे से (iv) हरिशंकर परसाई
(v) बालमुकुंद गुप्त
कोड :
38
निम्नलिखित उपन्यासों को उनमे चित्रित गावां के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) रामदरबारी (i) गंगौली
(b) आधा गांव (ii) बेलारी
(c) मैला आंचल (iii) लखनपुर
(d) गोदान (iv) मेरीगंज
(v) शिवपालगंज
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) रामदरबारी (i) गंगौली
(b) आधा गांव (ii) बेलारी
(c) मैला आंचल (iii) लखनपुर
(d) गोदान (iv) मेरीगंज
(v) शिवपालगंज
कोड :
39
निम्नलिखित संप्रदायों को उनके आचार्यांं के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a) औचित्य (i) भरत मुनि
(b) वक्रोक्ति (ii) आनन्दवर्द्धन
(c) ध्वनि (iii) भामह
(d) रस (iv) क्षेमेन्द्र
(v) कुन्तक
कोड :
सूची-I सूची-II
(a) औचित्य (i) भरत मुनि
(b) वक्रोक्ति (ii) आनन्दवर्द्धन
(c) ध्वनि (iii) भामह
(d) रस (iv) क्षेमेन्द्र
(v) कुन्तक
कोड :
40
निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाआेंं के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-I सूची-II
(a)चर्च एण्ड स्टेट (i) मैथ्यू आर्नल्ड
(b) लिटरेचर एंड ड्रामा (ii) होरेस
(c) द फांउडेशन ऑफ एस्थेटिक्स(iii) कालरिज
(d) आर्स पोएतिका (iv) विलियम वर्ड्सवर्थ
(v) आई.ए.रिचर्ड्स
कोड :
सूची-I सूची-II
(a)चर्च एण्ड स्टेट (i) मैथ्यू आर्नल्ड
(b) लिटरेचर एंड ड्रामा (ii) होरेस
(c) द फांउडेशन ऑफ एस्थेटिक्स(iii) कालरिज
(d) आर्स पोएतिका (iv) विलियम वर्ड्सवर्थ
(v) आई.ए.रिचर्ड्स
कोड :
41
निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उससे सम्बधित प्रश्नों के दिए गए बहुविकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए : श्रद्धा द्वारा हम दूसरें के महत्व के किसी अंश के अधिकारी नहीं हो सकते हैं, पर भक्ति द्वारा हो सकते हैं। श्रद्धालु महत्व को स्वीकार करता है, पर भक्त महत्व की ओर अग्रसर होता है। श्रद्धालु अपने जीवन - क्रम को ज्यों का त्यों छोड़ता है,पर भक्त उनकी काट - छांट में लग जाता है। अपने आचरण द्वारा दूसरों की भक्ति के अधिकारी होकर ही संसार के बडे़-बडे़ महात्मा समाज के कल्याण - साधन में समर्थ हुए हैं। गुरु गोविन्द सिंह को यदि केवल दण्डवत् करने वाले और गद्दी पर भेंट चढ़ाने वाले श्रद्धालु ही मिलते, दिन रात साथ रहने वाले - अपने सारे जीवन को अर्पित करने वाले - भक्त न मिलते जो वे अन्याय- दमन में कभी समर्थ न होते। इससे भक्ति के सामाजिक महत्व को, इसकी लोक- हितकारिणी शक्ति को स्वीकार करने में किसी को आगा- पीछा नही हो सकता। सामाजिक महत्व के लिए आवश्यक है कि या तो आकर्षित करो या आकर्षित हो। जैसे इस आकर्षण - विधान के बिना अणुओं द्वारा व्यक्त पिण्डों का आविर्भाव नहीं हो सकता , वैसे ही मानव-जीवन की विशद् अभिव्यक्ति भी नहीं हो सकती ।
42
‘चौपाई’ छद का पूर्व रूप है :
43
‘‘ डिगंल कवियों की वीर-गाथाएं, निर्गुणिया संतो की वाणियां, कृष्ण भक्त या रागागुना भक्तिमार्ग के साधकों के पद , राम- भक्त या वैधी भक्तिमार्ग के उपासकों की कविताएं, सूफी साधना से पुष्ट मुसलमान कवियों के तथा ऐतिहासिक हिन्दी कवियों के रोमांस और रीति काव्य- ये छहों धाराएं कविता का स्वाभाविक विकास हैैैैै।’’- यह कथन किसका है?
44
कुंडलिनी के उद्बुद्ध होने पर जो स्फोट होता है, उसे क्या कहते हैं?
45
स्वामी अग्रदास का संबंध किस भक्ति- शाखा से है?
46
जायसी ने अपनी किस काव्यकृति में कयामत का वर्णन किया है?
47
विशिष्टाद्वैत के प्रस्तोता आचार्य हैः
48
गौड़ीय संप्रदाय के संस्थापक हैंः
49
‘हितचौरासी’ के रचयिता हैः
50
‘‘यह सूचित करने की आवश्यकता नहीं है कि न तो सूर का अवधी पर अधिकार था और न जायसी का ब्रजभाषा पर।’’ यह कथन किसका है?
51
‘गिरा अरथ, जल बीचि सम कहियत भिन्न न भिन्न । बंदौ सीताराम पद जिनहि परम प्रिय खिन्न।।’ उक्त काव्य पक्तियां किस कवि की है?
52
‘‘धर्म का प्रवाह कर्म, ज्ञान और भक्ति, इन तीन धाराओं में चलता है। इन तीनों के सामंजस्य से धर्म अपनी पूर्ण सजीव दशा में रहता है। किसी एक के अभाव से वह विकलांग रहता है।’’- यह कथन किस आलोचक का है?
53
इनमें से किसी कवि ने ‘नखशिख’ शीर्षक से काव्य ग्रंथ की रचना नहीं की ?
54
‘अंग दर्पण’ किस कवि की रचना है?
55
‘चिरजीवो जोरी जुरै क्यों न सनेह गंभीर। को घटि ये वृषभानुजा वे हलधर के बीर।।
‘वृषभानुजा ’ और ‘हलधर’ में कौन- सा अलंकार है?
‘वृषभानुजा ’ और ‘हलधर’ में कौन- सा अलंकार है?
56
‘पानिप अपार घन आनंद उकति ओछी जतन जुगति जोन्ह कौन पै नपति है। उक्त काव्यांश में कवि क्या कहना चाहता है?
57
‘‘ अष्टछाप में सूरदास के पीछे इन्हीं का नाम लेना पड़ता है। इनकी रचना भी बड़ी सरस और मधुर है। इनके संबंध में यह कहावत प्रसिद्ध है कि ‘‘ और कवि गढ़िया, नंददास जड़िया ।’’’’- यह कथन किस आलोचक का है?
58
निम्नलिखित में से मैथिलीशरण गुप्त की कौन- सी रचना नायिका प्रधान नहीं है?
59
‘छोड़ द्रुमों की म्दु छाया तोड़ प्रकृति से भी माया बाले! तेरे बाल- जाल में कैसे उलझा दूं लोचन ?’’ इन काव्यपंक्तियों के रचयिता हैः
60
दिनकर की किस कृति का कथनात्मक कर्ण है?
61
‘अब तक क्या किया, जीवन क्या जिया, ज्यादा जिया और दिया बहुत- बहुत कम........उपर्युक्त पंक्तियों के रचयिता हैः
62
‘मौन भी अभिव्यंजना हैः जितना तुम्हारा सच है’ उतना ही कहो।’ ‘मौन’ के इस रचनात्मक संदर्भ की अभिव्यक्ति अज्ञेय ने अपनी किस काव्य कृति में की है?
63
‘विद्रोहिणी अम्बा’ नाटक के रचयिता हैः
64
निम्नलिखित में से किस नाटक का प्रच्छन्न नायक गौतम बुद्ध हैं?
65
निम्नलिखित में से कौन-सा नाटककार सर्वाधिक नाटको का रचयिता हैं?
66
‘पूस की रात’ कहानी का प्रमुख पात्र हैः
67
‘सूरज का सांतवा घोड़ां ’के लेखक हैः
68
‘आवारा मसीहा’ औपन्यासिक जीवनी किसके जीवन पर आधारित है?
69
‘इनमें से कौन -सा उपन्यास भीष्म साहनी द्वारा रचित नही’ है?
70
‘नागार्जुन द्वारा रचित मछुआरों के जीवन पर आधारित उपन्यास हैः
71
स्थापना (Asseration) (A) : परंपरा आधुनिकता की विरोधी है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि परंपरा पुरातनता को पोषित कर भविष्य का मार्ग अवरूद्ध करती है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि परंपरा पुरातनता को पोषित कर भविष्य का मार्ग अवरूद्ध करती है।
72
हम दूसरे के महत्व के अधिकारी कैसे हो सकते है?
73
स्थापना (Asseration) (A): मिथक विगत का आलेख है जिसका संबंध केवल धर्म और इतिहास से है।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए मिथक का प्रयोजन केवल सामाजिक व्यवस्था के संरक्षण और संचालन से है, रचनात्मक स्वतंत्रता से नहीं।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए मिथक का प्रयोजन केवल सामाजिक व्यवस्था के संरक्षण और संचालन से है, रचनात्मक स्वतंत्रता से नहीं।
74
महात्मा अन्याय का दमन करने में कैसे समर्थ होते हैं?
75
स्थापना (Asseration) (A) : धर्म और विज्ञान की तरह साहित्य में प्रतीक एक निश्चित अर्थ का प्रतिपादक होता है।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए रचनात्मक स्तर पर साहित्यिक प्रतीक के संबध में पाठक और प्रयोक्ता के बीच मतभेद नहीं हो सकता।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए रचनात्मक स्तर पर साहित्यिक प्रतीक के संबध में पाठक और प्रयोक्ता के बीच मतभेद नहीं हो सकता।
76
समाज कल्याण संभव हो पाता है, यदि :
77
स्थापना (Asseration) (A) : काव्य के संदर्भ में ‘ काव्यानुभूति’, ‘रसानुभूति’ और ‘सौदर्यानुभूति’ का उल्लेख प्रायः समान अर्थ में किया जाता है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि सच्ची काव्यानुभूति भावानुभूति से ही सम्पृक्त होती है, जीवन की यथार्थ अनुभूति से नहीं।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि सच्ची काव्यानुभूति भावानुभूति से ही सम्पृक्त होती है, जीवन की यथार्थ अनुभूति से नहीं।
78
भक्ति के सामाजिक महन्व का अभिप्राय हैः
79
स्थापना (Asseration) (A) : विरुद्धों का सामंजस्य कर्मक्षेत्र का सौंदर्य है जिसकी ओर आकर्षित हुए बिना मनुष्य का हृदय नहीं रह सकता।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि विरुद्धों का सामंजस्य चमत्कृत करता है और यही लोकधर्म का सौंदर्य है
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि विरुद्धों का सामंजस्य चमत्कृत करता है और यही लोकधर्म का सौंदर्य है
80
स्थापना (Asseration) (A) : ‘रसौ वै सः।’
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए रस को ब्रह्मास्वाद सहोदर कहा गया है।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए रस को ब्रह्मास्वाद सहोदर कहा गया है।
81
स्थापना (Asseration) (A) : छायावाद केवल व्यक्ति के प्रेम, सौंदर्य और यौवन की कविता है।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए उसमें सामाजिक नैतिकता की उपेक्षा मिलती है।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए उसमें सामाजिक नैतिकता की उपेक्षा मिलती है।
82
स्थापना (Asseration) (A) : ‘रहस्य- भावना के लिए द्वैत की स्थिति भी आवश्यक है और अद्धैत का आभास भी।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि एक के अभाव में विरह की अनुभूति असंभव हो जाती और दूसरे के बिना मिलन की इच्छा आधार खो देती है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि एक के अभाव में विरह की अनुभूति असंभव हो जाती और दूसरे के बिना मिलन की इच्छा आधार खो देती है।
83
स्थापना (Asseration) (A) : प्रसाद के अनुसार काव्य मन की और आत्मा की संकल्पात्मक अनुभूति है, जिसका संबंध विश्लेषण, विकल्प या विज्ञान से नहीं है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि काव्य आत्मा की मनन- शक्ति की वह असाधारण अवस्था है जो श्रेय सत्य को उसके मूल चारूत्व में सहसा ग्रहण कर युगों समष्टि अनुभूतियों में अंतर्निहत शाश्वत चेतनता का काव्यमय सृजन करती है। इसीलिए छायावादी काव्य की मूल चेतना रहस्यवादी है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि काव्य आत्मा की मनन- शक्ति की वह असाधारण अवस्था है जो श्रेय सत्य को उसके मूल चारूत्व में सहसा ग्रहण कर युगों समष्टि अनुभूतियों में अंतर्निहत शाश्वत चेतनता का काव्यमय सृजन करती है। इसीलिए छायावादी काव्य की मूल चेतना रहस्यवादी है।
84
स्थापना (Asseration) (A) : ‘शुद्ध वियोग का दुख केवल प्रिय के अलग हो जाने की भावना से उत्पन्न क्षोभ या विषाद है जिसमें प्रिय के दुख या कष्ट आदि की कोई भावना नहीं रहती।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि जिस व्यक्ति से किसी की घनिष्टता और प्रीति होती है वह उसके जीवन के बहुत से व्यापारों तथा मनोवृत्तियों का आधार होता है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि जिस व्यक्ति से किसी की घनिष्टता और प्रीति होती है वह उसके जीवन के बहुत से व्यापारों तथा मनोवृत्तियों का आधार होता है।
85
स्थापना (Asseration) (A) : आद्य बिंब आदिम मनुष्य की ऐंद्रिक कल्पना है।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए आगे चलकर कथात्मक तत्वों के सम्मिलन से यही आद्य विंब मिथक के रूप में विकसित हुआ।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए आगे चलकर कथात्मक तत्वों के सम्मिलन से यही आद्य विंब मिथक के रूप में विकसित हुआ।
86
पूंजीवादी अर्थतन्त्र और मध्य वर्ग ने साहित्य की किस विधा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया?
87
हिन्दी उपन्यास के सम्बन्ध में किस सामान्यीकरण को संगत नहीं माना जा सकता?
88
1870-90 की अवधि में हिन्दी क्षेत्र में किस अर्थतन्त्र का वजूद नहीं था?
89
1870-90 की अवधि में भारत किसके चंगुल में तड़फड़ा रहा था?
90
हिन्दी उपन्यास किसकी राष्ट्रीय आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति था?
General Awareness, General Mental ability & Reasoning
1
नीचे दिये जा रहे अक्षर समूह की श्रृंखला में प्रश्न चिन्ह (?) के स्थान पर क्या होगा ?
I L J M P N Q T R ?
I L J M P N Q T R ?
2
नीचे दिए गए अक्षर अनुक्रम में आगे क्या आएगा?
A A B A B C A B C D A B C D E A B C D E F A B
A A B A B C A B C D A B C D E A B C D E F A B
3
निम्नलिखित अंक श्रृंखला में अगली संख्या क्या होगी?
2, 23, 234, 2345, 23456, 23456, ?
2, 23, 234, 2345, 23456, 23456, ?
4
कलम : लेखक : : ..... : बल्लेबाज
5
बावर्ची: रेस्टोरेंट :: ड्रगिस्ट : ?
6
किस वर्ष हरियाणा राज्य का गठन किया गया ?
7
किस समिति की रिपोर्ट केआधार पर हरियाणा राज्य का गठन किया गया ?
8
हरियाणा राज्य की राजधानी कहाँ है ?
9
भारत नवाचार सूचकांक 2024 में कौन सा राज्य शीर्ष पर रहा?
10
किस देश ने रिमोट वर्कर्स के लिए डिजिटल नोमाड वीज़ा पेश किया?