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Latest MP SET Life Sciences Exam Question (Objective Questions), MCQ in Hindi
Subjects : Life Science
Question Bank MP SET Life Sciences Exam - Hindi
Life Science
प्रश्न 1 :
8 वर्ष की आयु में रमेश ने अपनी ऊँचाई चिन्हित करने के लिए एक विशाल वृक्ष में कील ठोकी। यदि वृक्ष के बढ़ने की दर 2 सेंमी प्रति वर्ष है तो 5 वर्ष पश्चात कील अपनी पूर्वावस्था से कितनी और ऊँची होगी?
A. 5 सेमी और ऊंची
B. 0 सेंमी और ऊँची
C. 10 सेंमी और ऊँची
D. 8 सेंमी और ऊँची
प्रश्न 2 :
प्रोटीनों के निम्न संशोधनों में कौन-सा सह-अनुवादी हैं ?
A. पॉमिटाइलीकरण
B. माइरिस्टोइलीकरण
C. फार्नसाइलीकरण
D. कोलेस्टरॉल का संयोजन
प्रश्न 3 :
एक अत्यंत पतले जलीय हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में उसके मोलर भाग को दो गुणा कर दिया गया तरह बने घोल की pH है
A. लगभग दुगुनी
B. लगभग आधी
C. बढ़ जाती है
D. घट जाती है
प्रश्न 4 :
प्रतिमिनट 70 बार धड़कने वाले एक सामान्य व्यक्ति के हृदय से होकर एक दिन में लगभग कितना खून गुजरता है, यदि हृदय का आयतन,फैलाव की स्थिति में 110 cc तथा संकुचित अवस्था में 70cc है?
A. 7150 litres
B. 4000 litres
C. 28000 litres
D. 11100 litres
प्रश्न 5 :
एक पत्ती सूर्य की रोशनी में ही दिखती है। यदि उस पत्ती को लाल प्रकाश में देखा जाये तो वह कैसी
दिखेगी?
A. हरी
B. काली-भूरी
C. लाल
D. नीली
प्रश्न 6 :
नेहरू नगर व गांधी नगर के बीच की दूरी 27 किमी.है। नेहरू नगर से गांधीनगर की ओर A तथा B क्रमशः 5 किमी:घंटा तथा 7 किमी./घंटा की चाल से चलना प्रारभ करते है। B गांधी नगर पहुंचने के बाद तुरंत गया। लौटकर A से इंदिरानगर पर मिलता है। नेहरू नगर व इंदिरा नगर के बीच की दूरी कितनी है? (माने कि तीनों शहर एक सरल रेखा में स्थित है)
A. 125km
B. 22.5km
C. 4.5km
D. 13.5km
प्रश्न 7 :
विद्यार्थी के एक समूह में 30% केवल क्रिकेट, 20% केवल फुटबॉल तथा 10% केवल बास्केट बॉल खेलते है। 20% विद्यार्थी फुटबाल एवं क्रिकेट दोनों खेलते हैं तथा 15% विद्यार्थी बास्केट बॉल एवं क्रिकेट दोनों खेलते हैंए 10% विद्यार्थी फुटबॉल एवं बास्केट बॉल दोनों खेलते हैं। 15 विद्यार्थी कोई खेल नहीं खेलते हैं जबकि 5% विद्यार्थी तीनों खेल खेलते हैं। कुल विद्यार्थी की संख्या क्या है?
A. 300
B. 250
C. 350
D. 400
प्रश्न 8 :
भुजा a का एक छोटा वर्ग DRQPएक A भुजा वाले बड़े वर्ग ABCD के एक कोने में है।यदि A/a=3 है तो चतुर्भुज PBRQव ABCD वर्ग के क्षेत्रफलों का अनुपात क्या है ?
A. 2/9
B. 1/6
C. 1/3
D. 2/7
प्रश्न 9 :
एक 100 मी. लंबी बाड़ स्टील के खंभों पर तार की जाली से बनायी जानी है। प्रत्येक खंभे की लंबाई
ऊर्ध्वाधर भाग 1 मीटर तथा ऊर्ध्व से 45° पर झुका भाग 1 मीटर है। आवश्यक तार की जाली का कुल
क्षेत्रफल कितना होगा?
A. 200m2
B. 241.4m2
C. 400m2
D. 170.7m2
प्रश्न 10 :
किसी कंपनी के स्टाफ की औसत तनख्वाह रु 8000/- है। एक नये चौकीदार व एक नये प्रबंधक को क्रमश:रू रु 5000/- तथा रु 20000/- के वेतन पर नियुक्त किया जाता है। यदि नई औसत तनख्वाह चौकीदार की
कुल संख्या अब कितनी होगी?
A. 7
B. 9
C. 10
D. 11
प्रश्न 11 :
एक समबाहु त्रिभुजाकार क्षेत्र की तीन भुजाओं के ऊपर एक चिड़िया क्रमशः 2,4,8 किमी/घंटा की गति से उड़ती है। चिड़िया की औसत गति है-
A. 24/7km/hr
B. 14/3 km/hr
C. 22/7 km/hr
D. 4 km/hr
प्रश्न 12 :
किसी पुस्तक की n प्रतियों को 20% छूट पर A खरीदता है। B को वहीं पुस्तक 30% छूट पर मिलती है। n का वह न्यूनतम मान ज्ञात कीजिये। जिससे कि समान धन खर्च कर B द्वारा खरीदी गई पुस्तकों की संख्या A द्वारा खरीदी गई पुस्तकों की संख्या से एक अधिक है ?
A. 7
B. 8
C. 6
D. जब तक कि पुस्तक का अंकित मूल्य अज्ञात है, इस प्रश्न को हल नहीं किया जा सकता है
प्रश्न 13 :
अंग्रेजी वर्णमाला को प्रयुक्त कर, उन तीन अक्षर वाले शब्दों की संख्या बताइये जिसमें प्रत्येक शब्द में कम से कम एक व्यंजन हो लेकिन लगातार दो व्यंजन ना हो |
A. 2205
B. 3780
C. 2730
D. 3360
प्रश्न 14 :
समान आयतन के दो गैस पार्सल, A तथा B एक ही ताप व दाब में हैं। पार्सल A का मोल जल वाष्प है।
जबकि पार्सल B एक मोल शुष्क हवा है। निम्न कथनों में से कौन.सा सही है?
A. पार्सल A पार्सल B से भारी है।
B. पार्सल B पार्सल A से भारी है।
C. दोनों पार्सल के भार समान है
D. ताप व दाब के मानों के बिना उनके आपेक्षिक द्रव्यमान निर्धारित नहीं किये जा सकते |
प्रश्न 15 :
निम्न संख्याओं में किस संख्या का घनात्मक र्वगमूल उसी संख्या के निकटतम है ?
A. 0.33
B. 0.99
C. 0.89
D. 0.10
प्रश्न 16 :
निम्न ʵ प्रोटीनों में से कौन-सा, अनुलेखन का एक सक्रियक तथा एक दमनकारी, दोनों के रूप में र्काय
करता है?
A. cl प्रोटीन
B. N प्रोटीन
C. cll प्रोटीन
D. Q प्रोटीन
प्रश्न 17 :
परिवर्तित पर्यावरण में अनुकूलनार्थ जीवाणु द्वारा उपयोग किये जाने वाली क्रियाविधियों में से एक है
अपने जीनों के अनुलेखन में परिवर्तन। इस संदर्भ में निम्न प्रतिक्रियाओं में से कौन-सा जीवाणुओं पायी नहीं जाती?
A. स्थितियों में अभिव्यक्ति हेतु दो भिन्न उन्नायकों वाला एक जीन |
B. जीनों के अनुलेखन हेतु विभिन्न सिग्मा कारकों का उपयोग |
C. एकांतर a,B तथा B` उपइकाइयों की अभिव्यक्ति
D. प्रति-सिग्मा कारकों की अभिव्यक्ति
प्रश्न 18 :
सुकेंद्रकीय कोशिका-विभाजन के दौरान, मध्यावस्था से पश्चावस्था में समोत्परिवर्तन, इसके निम्नीकरण द्वारा नियंत्रित है:
A. साइक्लिन B1
B. CDKI
C. अरोरा A काइनेज
D. पोलो जैसे काइनेज
प्रश्न 19 :
क्रोमैटिन के बारे में किये गये निम्न कथनों में से कौन-सा सही नहीं है?
A. न्यूक्लियोसोम् के गिर्द DNA लगभग 1.65 गुना लपेटता है
B. न्यूक्लियोसोम् DNA के प्रवेश तथा निर्गम सिरे, दोनों के साथ H2A-H2B बंधते हैं|
C. हिस्टोन का सहसंबंध परिवर्तन , क्रोमैटिन के संहनन को प्रभावित करता है
D. गैर-हिस्टोन प्रोटीन, समसूत्रणी गुणसूत्र के अंग होते है
प्रश्न 20 :
एक ऐसे कोशिकाई शरीर को चुनें जो केंद्रक शरीरों का एक भाग नहीं है |
A. P-शरीर
B. केंद्रिक
C. कैजल शरीर
D. अंतराक्रोमैटिन कणिका गुच्छ
प्रश्न 21 :
एक संकेतन घटना में किसी कोशिकाबाहय संलग्नी का आबंधन G-प्रोटीन युगलित ग्राही (GPCR) को
सक्रियित करता है जो अंततः फास्फोलिपेज C-B को सक्रियित करता है। निम्न कथनों में कौन.सा
फास्फोलिपेज C-B के कार्य को सत्यतः प्रतिवर्तित करता है ?
A. फास्फोलिपेज C-B, PI (3,4,5) P3 PI (4,5) P2 में परिवर्तित करता है|
B. फास्फोलिपेज C-B converts PI (4) P को Pl (4,5)P2 में परिवर्तित करता है।
C. फास्फोलिपेज C-B, PI(4,5)P2 को डायसिलग्लि सेरॉल तथा IP3 में परिवर्तित करता है |
D. फास्फोलिपेज C-B, PI (5)P को PI (4,5)P2 में परिवर्तित करता है।
प्रश्न 22 :
सभी D-एमिनों अम्लों से बने एक B-रज्जुक के ф तथा Ψ मान, रामचन्द्रन प्लॉट के किस चतुर्थाश में मुख्यतः निवास करते है ?
A. ऊपरी बायीं
B. ऊपरी दायीं
C. निचली बायीं
D. निचली दायीं
प्रश्न 23 :
ग्लाइकोअपघटन अनुभव करते एक एरित्रोसाईट पर ATP तथा सिट्रेट के स्तरों में आकस्मिक वृद्धि का क्या प्रभाव है ?
A. वह ग्लाइको अपघटन को संदर्भित करती है |
B. वह ग्लाइको अपघटन को उद्दीपित करती है|
C. ग्लाको अपघटन की गति अपरिवर्तित रहती है।
D. ग्लाको अपघटन की गति धीरे-धीरे वृद्धित होती है।
प्रश्न 24 :
निम्न में से गलत कथन को इंगित करें:
A. अपरस्थली माडुलकों या प्रभावियों के व्युत्क्रमणीय असहसंयोजी आबंधन द्वारा अपरस्थली एन्जाईम कार्य करते हैं।
B. एकक्लोनी प्रतिरक्षी, जो ऐस्टरस् या कॉर्बोनेटों के जलाघटन को उत्प्रेरित करते हैं, का उत्पादन संभव है।
C. जैसे भारी धातुओं द्वारा एन्जाईम अनुत्क्रमणीयतः संदमित नहीं होते |
D. फास्फेट ऐस्टरस् को अम्ल फास्फेटज करते है|
प्रश्न 25 :
निम्न में से सही कथन को चुनेः
A. मात्र याद सिस्टाइनस् एक दूसरे कों बगल में हैं, किसी 20-अवशिष्ट पेप्टाईड डाई-सल्फाईड आबंध की सरंचना हो सकती है|
B. एमिनो-अम्ल आईसोल्यूसाईन का मात्र एक इंगिता केंद्र है|
C. न्यूक्लियिक अम्लों की इंगिता को क्षारक एवं शक्कर,दोनों योगदान दे हैं |
D. ग्लूटामिक अम्ल की अपेक्षा अस्पार्टिक अम्ल को PI कहीं कम है
प्रश्न 26 :
किसी दिये गये प्रयोग में, किसी 16-कोशिकाई समुदªी अर्चिन भ्रूण के अल्पक्रिय धुव से लघुखण्डों का, एक पोषी 16-कोशिकाई समुद्री अर्चिन भ्रूण के सक्रिय ध्रुव पर प्रतिरोपण इस पर परिणमित होगाः
A. प्रतिरोषित लघुखण्डों का, कोरकगुहाओं के अंदर अंतर्वलन ,कंकालजनकी मध्योतक कोशिकाओं के एक नये
सुमुच्चय की सृष्टि करने।
B. प्रतिरोपित लघुखण्डों का, कोरकगुहाओं के अंदर प्रवेश कंकालनकी मध्योतक कोशिकाओं के एक नये सुमुच्चय की सृष्टि करने।
C. पोषी लघुखण्डों के साथ प्रतिरोपित लघुखण्ड सम्मिलित हो जायेंगे, कोरकगुहाओं के अंदर प्रवेश करने तथा कंकालजनकी मध्योतक कोशिकाओं की सृष्टि करने के लिए |
D. प्रतिरोपित लघुखंड द्वितीयक आय-आंत्र को बनायेंगे।
प्रश्न 27 :
पुष्प विकास के दौरान ABC प्रतिरूप के आधार पर,वर्ग A गतिविधि का क्षय मात्र पुंकेसर तथा अंडप की संरचना में परणमित होता है। निम्न पुष्पांग परिचय जीनों में किसकी गतिविधि वर्ग A गतिविधि को नियंत्रित करता है ?
A. APETALA 1 and APETALA 2
B. APETALA 3 and PISTILLATA
C. Only PISTILLATA
D. Only AGAMOUS
प्रश्न 28 :
चुहियों में पाद विकास के बारे मे किये गये निम्न कथनों में से कौन.सा एक सही है?
A. Tbx5 को कोडित करता जीन पश्चपादों के पाद क्षेत्रों में अनुलिखित होता है
B. Tbx4 को कोडित करता जीन अग्रपादों के पाद क्षेत्रों में अनुलिखित होता है।
C. Islet I .Tbx4 तथा Pitex को कोडित करते जीन संभावित पश्चपाद में अभिव्यक्ति होते हैं |
D. Tbx4 तथा Pitx का कोडित करते जीन संपादित अग्रपाद में अभिव्यक्तिा होते है |
प्रश्न 29 :
निम्न विदलन प्रतिमानों को प्रजातियों,जिनमें वे पाये जाते हैं, से सुमेलित करें |
प्रजाति विदलन प्रतिमान
A. सपाट कृमित अंशभंजी डिस्काभा
B. मेढ़क अंशभंजी पृष्ठीय
C. पक्षी पूर्णभंजी विस्थापित आरीय
D. कीड़ा पूर्णभंजी सर्पिल
A. A-iv, B-iii.C-i, D-ii
B. A-iii, B-i, C-iv, D-ii
C. A-ii, B-iii,C-i, D-iv
D. A-ii, B-iv, C-iii, D-i
प्रश्न 30 :
प्रतिष्ठित पूरक स्थिरण पथ में, निम्न मानवीय सीरम इम्यूनोग्लोबुलिनों में से कौन-सा भाग लेता है?
A. IgD
B. IgE
C. IgA
D. IgG
प्रश्न 31 :
कोशिका के अंदर कोशिकापंजरी तंतुओं को खूटे पर बांधती संधियां कहलाती हैं-
A. स्थिकी संघियां
B. अघिघारित संघियां
C. प्रणाल-रचयिता संधियां
D. संकेत-प्रसारण संधियां
प्रश्न 32 :
निम्न में से कौन-सा संकेतन अणुओं का एक समूह है जो किसी जीव के विकास के दौरान आकारजन के रूप में काम करता है तथा जिसके प्रभाव ग्राही 'पैच्ड' तथा उसका बंधन जोड़ा 'स्मूदेन्ड' द्वारा माध्यित है?
A. हेड्जहाँग प्रोटीन
B. नोच प्रोटीन
C. Wnt प्रोटीन
D. B- प्रोटीन
प्रश्न 33 :
टाइरोसीन काइनेस् गतिविधि युक्त कोशिकाद्रव्यी क्षेत्र युक्त प्रोटीन इसके ग्राही के रूप में काम नहीं करते।
A. अधिचर्म वृद्धि कारक
B. विम्बाणु व्युत्पन्न वृद्धि कारक
C. ट्रांस्फरिन
D. ट्रांस्फरिन
प्रश्न 34 :
सुकेंद्रकी प्रोटीन संश्लेषण के दौरान प्रतिबल स्थितियां, विशिष्ट काइनेसों के सक्रियण में परणिमित होती हैं, जो कई कोशिकाई mRNA से प्रोटीन संश्लेषण को संदमित करने वाले एक कुजी अनुवाद कारक के फास्फोरिलीकरण की तरफ ले जाता है। काइनेस का लक्ष्य निम्न कारको में से कौन-सा एक है ?
A. elF4E
B. eIF4G
C. eIF2a
D. Gen4
प्रश्न 35 :
TFIIH के फास्फोरिलीकरण गतिविधि को लक्ष्यित करते एक अति.विशिष्ट संदमक,एक पात्रे अभिक्रिया में मिलाया जाता है। निम्न चरणों में कौन- से एक के अति प्रायः प्रभावित होने की संभावना है?
A. उन्नायक अनुक्रम के साथ RNAN का बंधन
B. उन्नायक अंतराल
C. की भर्ती
D. विवृत उन्नायक संकुल संरचना
प्रश्न 36 :
एक सहलग्नता मानचित्र में, दो जीन A तथा B दूसरे से 70 cm दूरी रखते हैं। यदि दोनों जीनों के लिए विषमयुग्मी व्यष्टियों को परीक्षण-प्रसंक्रमित जाता है, तो जनकीय लक्षणप्ररूप संतान की होगी:
A. युक्त संतान की संख्या के समान
B. पुनर्योजनी लक्षणप्ररुप युक्त संतान की संख्या से अधिक
C. पुनर्योजनी लक्षणप्ररुप युक्त संतानकी संख्या से कम
D. पुनयोजनी लक्षणप्ररुप युक्त संतान की संख्या से अधिक या कम, या विपक्ष में सहलग्नित हैं, इस पर निर्भर
प्रश्न 37 :
दोनो श्वेत पुष्पवाले , उत्परिवर्ती दो पादप प्रसंकरित किये गये। सभी F1 पादपों के पुष्प लाल थे। जब एक F1 पादप को स्वसंकरित किया गया, उसने 9:7 अनुपात में लाल या श्वेत पुष्पों वाली संतान को उत्पादित की। इस सूचना के आधार पर निम्न निष्कर्षों में से कौन-सा एक सही है?
A. जनको में उत्परिवर्तन एक दूसरे के पूरक नहीं है
B. जनको में उत्परिर्वतन एल्लीलिक है।
C. जनको में उत्परिर्वतन गैर-एल्लीलिक है।
D. जनकों में उत्परिवर्तन सहलग्नित हैं।
प्रश्न 38 :
प्रतिवर्ति अण्डोत्सर्ग इनमें घटित नहीं होता-
A. बिल्लियां
B. खरगोश
C. विस्रक
D. चूहे
प्रश्न 39 :
चूचुकाभ शरीर यहां उपस्थित है-
A. चेतक
B. अघि चेतक
C. अव चेतक
D. मध्य मस्तिष्क
प्रश्न 40 :
Na+ की अपेक्षाK+ की सांद्रता निम्न शरीर द्रवों में से किसमें कहीं अधिक है?
A. प्लाज्मा
B. परिलसीका
C. अंतः लसीका
D. प्रमस्तिष्कमेरू द्रव
प्रश्न 41 :
आंत्र में लोहे के अवशोषण में, निम्न में से कौन-सा एक शामिल नहीं है
A. द्विसंयोजक धातु परिवाहक
B. फेरॉपोर्टिन I
C. हेफेविस्टन
D. ट्रांस्फरिन
प्रश्न 42 :
कैस्पेरी पट्टी के लिए निम्न कथनों में से कौन-सा सही नहीं है
A. वह जल गतिशीलता की संततता को अपलवक पथ द्वारा तोड़ती है
B. मूल के विकासशील भाग में वह बनायी जाती है।
C. कई मि.मी. या कई से.मी. दूर वह बनायी जाती है
D. वह अंतः चर्म, जो लिग्निन से भरा हुआ है, की आरीय कोशिका भित्तियों के अंदर की एक पटटी है|
प्रश्न 43 :
पादप हार्मोन, गिब्बेरेल्लिक अम्ल, साधारणतः इसके संग नहीं है
A. स्तंभ विस्तरण
B. अनिषेकफलन
C. अनिषेकजनन
D. माल्ट उत्पादन
प्रश्न 44 :
निम्न में से कौन-सा JAZ (जास्मोनेट जिम-क्षेत्र) प्रोटीन कुटुंब, जास्मोनिक अम्ल (JA) संकेतन अनुक्रिया का एक कुंजी नियंत्रक, का सही कार्य है
A. MYC2 के साथ बंधता है तथा JA निर्भर जीनों का दमन करता है।
B. MYC2 के साथ बंधता है तथा JA निर्भर जीनों का अनुलेखन करता है |
C. JA संकेत के ग्राही के रूप में काम करता है।
D. JA निर्भर जीनों के सीधे प्रेरण में शामिल है।
प्रश्न 45 :
निम्न में से कौन-सा एक अंधेरे में विकसित नवोद्भिदों जो पांडुरित हैं, का एक लक्षण प्ररूप नहीं है?
A. लघु बीजपत्राधर
B. एक शीर्ष अंकुश
C. बंध बीजपत्र
D. गैर-प्रकाशसंश्लेषी प्राक्लवक
प्रश्न 46 :
प्रजातियों की विविधिता प्रतिमानों के संदर्भ में निम्न कथनों में से कौन-सा गलत है?
A. आल्फा विविधता एक एकल समुदाय कें अंदर की विधिता है।
B. बीटा विधिता एक समुदाय या निवास.स्थल से दूसरे तक की प्रजाति का परिवर्तन का एक माप है|
C. अल्फाॅ विघिता किसी भौगोलिक क्षेत्र में समुदायों के परिसर में पायी जानेवाली क्षेत्रीय विधिता है|
D. गामा विविघता किसी भौगोलिक क्षेत्र में समुदायों/निवास-स्थलों के पायी जाने वाली क्षेत्रीय विधिता है।
प्रश्न 47 :
एक प्रजाति, जिसकी जीवन इतिहास युक्तियां नैज वर्धन गतियों को अनुमत करती है(r-युद्धनीतिज्ञ) निम्न का भी प्रदर्शन करेगा।
A. र्पयावरीण अस्थायिता तथा अल्प गुणवत्ता के संसाधन, दोनो के लिए उच्च सहिष्णुता |
B. अल्प अवधि का चरघातांकी आबादी विकास (r) |
C. प्रजनन युक्ति जिसमें यादृच्छिक मैथुन,एकसंतानिता तथा अल्प या शून्य प्रजननी निवेश सम्मिलित है।
D. उत्तरजीविता जो घनता निर्भर मत्र्यता , प्रकार 1 या 2 के उत्तरजीविता वक्रो को लक्षणतः दर्शाते हुये |
प्रश्न 48 :
पादपों में दारु के बारे मे किये गयें निम्न कथनों में सें कौन-सा सही हैं?
A. संवहनी पादपों में जल के वहन के लिए उत्तरदायी द्वारावाहिकायी तत्वों की उपस्थिति से व लक्षणित है।
B. जल के परिवहन के लिए उत्तरदायी तथा मृदुतक कोशिकायें तथा दृढोतक जैसे चालनी तत्वों से संलक्षणित है।
C. संवहनी पादपों में संश्लेषजों के परिवहन के लिए उत्तरदायी है तथा द्वारवाहिकायी तत्वों से वह संलक्षणित है |
D. संवहनी तथा असहवनी, दोनों प्रकार के पादपों में वह संश्लेषजों के परिवहन के लिए उत्तरदायी है
प्रश्न 49 :
निम्न कथनों में से कौन-सा सही है जो एक मूलप्ररूप को उल्लेखित करता है?
A. विभिन्न स्थानों से एकत्रित निदर्श तथा कर्ता द्वारा प्ररूप निर्देश निर्दिष्टित।
B. एक एकल निदर्श या चित्र जिस पर नाम निर्भर है तथा कर्ता द्वारा नाम पद्धति प्रकार निर्दिष्टित |
C. विभिन्न स्थानों से एकत्रित निदर्श तथा प्ररूप निदर्श निर्दिष्टित |
D. एक एकल प्रदर्श नामपद्धति प्रकार में सेवा करने निर्दिष्टत, जब वर्गक का नाम जिन पदार्थों पर आधारित था, वे सभी गायब हों |
प्रश्न 50 :
विकास समीकरण निम्नवत है जहां dN/dt की परिभाषा की गयी है|
A.rN/K
B.rN
C.rN[(K-N)/N]
D.πN[(K-N/K]
उपरोक्त समीकरणों के संदर्भ में निम्न कथनों में से कौन-सा सही है?
A. चरघातांकी विकास का, तथा वृद्धिपात विकास का प्रतिनिधित्व करता है।
B. B चरघातांकी विकास का, तथा D वृद्धिपात विकास का प्रतिनिधित्व करता है|
C. B शून्य विकास का, तथा वृद्धिपात विकास का प्रतिनिधित्व करता है|
D. A चरघातांकी विकास का, तथा D वृद्धिपात विकास का प्रतिनिधित्व करता है।
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जीन प्ररूप cys+ leu+ thr+ के एक संक्रमित E. coli दाता प्रभेद से विभेजियों को प्राप्त किया जाता है तथा जीन प्ररूप cys- leu- thr- के एक ग्राही को पारक्रमण करने क लिए उपयोग किया जाता है। उपचारित ग्राही आबादी को एक निर्धाथत माध्यम जो ल्यूसीन तथा थियोनाईन से संपूरित किया गया है, के ऊपर प्लेट किया जाता है। कई निवह विकसित हुये। जीन प्ररूपों के निम्न संयोजनों में से कौन-से विकसित निवह के लिए उपयुक्त हैं?
A. cys+ leu+ thr+, cys+ leu- thr, cys- leu+ thr-
B. cys- leu+ thr+, cys+ leu- thr-, cys+ leu+ thr-
C. cys- leu- thr-, cys- leu- thr+, cys- leu+thr-
D. cys+ leu- thr-, cys+ leu- thr+, cys+ leu+ thr-
प्रश्न 52 :
डोसोफिला डिंभकों को उनके विकास के दौरान एक अनुसंधानकर्ता ने 37°से, के अधीन कराया | प्राप्त वयस्क मक्खियों में एक में एक अनुप्रस्थ शिराहीन लक्षणप्ररूप पाया गया। डोसोफिला में अनुप्रस्थ शिराहीन एक विदित उत्परिवर्ती है। जब इस अनुप्रस्थ शिराहीन मक्खी को एक ज्ञात अनुप्रस्थ शिराहीन मक्खी के साथ प्रसंकरित किया गया, सभी संतानों का लक्षणप्ररूप सामान्य था। । प्रेक्षित लक्षणप्ररूप की श्रेष्ठतम व्याख्या जा सकती है कि वह एक उदाहरण इसका है:
A. प्रतिबंघित उत्परिवर्ती
B. लक्षणकृति
C. भेदन
D. बहुप्रभाविता
प्रश्न 53 :
एक अटूट-कोशिका पैबंद-क्लैंप प्रयोग में-
A. साईटीसॉल में दो इलैक्ट्रोड घुसेडे जाते हैं, परंतु अलग गहराइयों में|
B. मात्र वसा रखते क्षेत्र में प्लाज्मा झिल्ली पर एक इलेक्ट्रोड रखा जाता है तथा एक साइटोसॉल के अंदर।
C. प्लाज्मा झिल्ली पर दो इलैक्ट्रोड रखा जाता है तथा एक साइटोसॉल के अंदर |
D. एक या, कुछ ऑयन, प्रणाल समेत एक प्लाज्मा झिल्ली में एक इलैक्ट्रोड तथा एक कोशिकाविलेय के अंदर घुसेड़ा जाता है।
प्रश्न 54 :
YACs पर किये गये निम्न कथनों में से कौन-सा गलत है?
A. YAC,1Mb वाले DNA टुकड़ो का वहन कर सकते हैं
B. YAC/एक सकल खमीर में एक से अधिक YAC पाये जा सकते है
C. पुनर्विन्यास दुर्लभ है क्योंकि खमीर में पुनसंयोजन कमजोर है
D. परवर्ती हेरफेर के लिए को जीवाणुओं पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए
प्रश्न 55 :
संरचना अध्ययनों के लिए ग्लाइकोसाइलीकृत प्रोटीनों की अधिक मात्रा को अभिव्यक्त करने के लिए श्रेष्ठतम उपयुक्त, निम्न पोषी प्रक्रमों में कौन.सा है?
A. Ecoli में GST संलयन प्रोटीन
B. E.coli में His-चिहिनत प्रोटीन
C. बाकुलाविषाणु में प्राकृत प्रोटीन
D. प्यूडोमोनास् फ्लूरोसेन्स में प्राकृत प्रोटीन
प्रश्न 56 :
प्रोटीनों के बारे में किये गये निम्न कथनों में से कौन-सा सही है?
A. n->σ* समोत्परिवर्तन के लिए n→π* समोत्परिवर्तन की अपेक्षा कहीं कम ऊर्जा की आवश्यकता है, तथा द्रव्यमान स्पैक्ट्रोमैट्री द्वारा मानीटर किया जा सकता है।
B. n->π* समोत्परिर्वतन की अपेक्षा n->π* समोत्परिवर्तन की कहीं अधिक ऊर्जा की आवश्यकता है, तथा UV-Vis स्पेक्ट्रोमैट्री द्वारा सकते हैं मानीटर किया जा सकता है।
C. n->π*समोत्परिवर्तन की अपेक्षा,n->π* समोत्परिवर्तन की कहीं कम ऊर्जा की आवश्यकता है, तथा CD स्पैक्ट्रोमेट्री द्वारा मानीटर किया जा सकता है।
D. n->π* समोत्परिवर्तन की अपेक्षो, σ->σ* समोत्परिवर्तन की कहीं कम ऊर्जा की आवश्यकता है, तथा CD स्पैक्ट्रोमैट्री द्वारा मानीटर किया जा सकता है।
प्रश्न 57 :
पादप जीनोम अभियांत्रिकी के लिए संकर न्यूक्लियेजों के उपयोग पर किये गये निम्न कथनों में से कौन-सा एक गलत है?
A. जीन बाहर धकेलो प्रयोगों के लिए, न्यूक्लियेज दाता टेम्पलेट के बिना अभिव्यकत किया जाता है|
B. संकर न्यूक्लियेज क्षेत्र में डाइमर बनते हैं|
C. जस्ता-अंगली न्यूक्लियेज (ZFNs) सभी केंद्र की जीनों को समान क्षमता के साथ लक्ष्यित कर सकते हैं|
D. तथा अंतः न्यूक्लियेज के विदलन क्षेत्रों के साथ संलयित किये जाते हैं|
प्रश्न 58 :
किसी जीवित कोशिका में एक उपयुक्त प्रतिवेदी के साथ संलयित प्रोटीन को दृश्यमान करने के लिये निम्न सूक्षदर्शियों में से आप किसका उपयोग करेंगे ?
A. प्रतिदीप्ति सूक्ष्मदर्शी
B. क्रमवीक्षण इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
C. अंतरामापी व्यतिकरण विपर्यास सूक्ष्मदर्शी
D. कला विपर्यास सूक्ष्मदर्शी
प्रश्न 59 :
समजात विलक्षण पर किये गये निम्न कथनों कौन-सा सही नहीं है?
A. समरूप विशेषकों को समजात होने की अवाश्यकता नही है
B. समरूप विशेषक अभिसारी विकास का एक परिणाम हो सकते है
C. एक सार्व पूर्वज से प्राप्त तथा साझा किया हुआ एक समजात विशेषक आटोमाॅफी कहलाता है
D. समजात विलक्षण संरचनीय समरूपता दर्शा सकते हैं परंतु र्काय विविधता नही
प्रश्न 60 :
मोटू किमूरा द्वारा प्रस्तावित उदासीन सिद्धांत के बारे में किये गये निम्न कथनों में से कौन-सा सही नहीं है|
A. लाभकारी उत्परिवर्तनों के सिवायए अधिकतर एल्लील उदासीन वरण के अधीन हैं|
B. अधिकतर जीनों के क्रमविकास की गति उदासीन उत्परिवर्तन गति के समान होगी?
C. लाभकारी उत्परिवर्तन अत्यंत दुर्भम है
D. अनुक्रमों के स्तर पर, आनुवंशिक क्रम विकास से बलवान है।
प्रश्न 61 :
कोशिका चक्र जांचबिंदु,कोशिका चक्र की घटनाओं के क्रम तथा कर्तव्यपरायणता को सुनिश्चित करनेवाले निगरानी प्रक्रम होते हैं। जांच बिंदु प्रोटीनों में कुछ तथा उनके कार्य निम्न दिये गये हैं|
A.Mad2 (i) सक्रियण पर रोक
B.Tem1 (ii) सक्रियण पर रोक
C.ATM,ATR (iii) p21CIP का संदमन
(iv) सेपरेस क्रिया का संदमन
A. A-iv, B-i and ii, C-iii
B. A-ii and iv, B-i,C-iii
C. A-ii, B-i and iii, C-iv
D. A-ii and iv, B-iii, C-i
प्रश्न 62 :
अंगकों (स्तंभ A) तथा अंगकों से संगत गुणधर्म (स्तंभ B) निम्न दिये गये हैं |
A.लयनकाय (i) ER से गॉल्जी तक अग्रश्रेणी परिवहन
B.गॉल्जी (ii) क्लैथ्रीन -लेपित पुटिकायें
C.गॉल्जी (iii)Cop I पुटिका मुकुलन
D.Cop II पुटिकायें (iv) मैग्नोस-6- फास्फेट ग्राही
E.अंतःकोशिकी पुष्टिकायें (v) स्राव हेतु प्रोटीन संचय
उस विकल्प को चुनें जो अंगक को उपयुक्ततम गुणधर्म से मिलाना करता हो|
A. A-(iv); B-(iii), C-(v); D-(i), E-(ii)
B. A-(v), B-(iv); C-(i), D-(v), E-(ii)
C. A-(iii): B-(v); C-(i): D-(iv); E-(ii)
D. A-(iv); B-(v), C-(ii): D-(i); E-(iii)
प्रश्न 63 :
एक उदीयमान खमीर से अभिनवतः शुद्धीकृत एक मोटर प्रोटीन की सूक्ष्मनलिका निर्भर मोटर गतिविधि
को समझने के लिए, एक शोधकर्ता ने सूक्ष्मनलिका आधारित सरकती परख की प्रतिष्ठा की। ऐसे एक परख में, जहां सूक्ष्मनलिकायें उद्दीपितः अपने (+) सिरे पर चिहिनत हैं, शोधकर्ता ने प्रेक्षण किया कि निम्न दर्शाये अनुसार यह मोटर प्रोटीन सूक्ष्मनलिका को अपने (+) सिरे की दिशा में गतिशील करता है:
नवीनतः पहचानित मोटर प्रोटीन है-
A. डाईनीन्
B. मायोसीन्
C. किनेसीन् 1
D. या तो डाईनीन् या किनेसीन
प्रश्न 64 :
वसा विपरत के स्फिंगोवसा (S) तथा कोलेस्टरॉल (C) अणु, एक एकल बृहत रैफ्ट की अपेक्षा कई लघु रैफ्टो में एकत्रित होते हैं। यह मानते हुए कि एक वसा रैफ्ट का आमाप S तथा C में आपसी आकर्षण तथा झिल्ली में उपस्थित अन्य वसाओं के प्रति आकर्षण आदि पर निर्भर हैए इस गुणधर्म का श्रेष्ठतम वर्णन करते विकल्प को चुने:
A. S तथा C एक दूसरे के साथ कसकर बंधते हैं, तथा किसी अन्य वसा अणुओं से स्वतंत्र
B. झिल्ली के अन्य वसा प्रजातियों से जैसे वे बधते है, उसी आकर्षण के साथ S तथा C आपस में बंधते हैं|
C. कुछ कोशिकापंजर तत्वों के प्रभाव के अधीन S तथा Cआपस में उच्च आकर्षण के साथ बंधते हैं |
D. झिल्ली के अन्य वसा अणुओं की अपेक्षा S तथा C किंचित् उच्चतर आकर्षण रखते हैं तथा अपने मुक्त रूपों के साथ गतिक साम्यावस्था में रहते हैं|
प्रश्न 65 :
एक अनिगित ऐमिनों अम्ल से एक बहुलक का संश्लेषण किया जाता है। निम्न तकनीकी द्वारा बहुलक
के संरूपण का अध्ययन किया जा सकता है|
1.रेशा विर्वतन
2.नाभिकीय चुंबकीय अनुनादी स्पैक्ट्रॉस्कोपी
3.वृत्तीय दविवर्णता स्पैक्ट्रॉस्कोपी
4.विभेदी क्रमवीक्षण ऊष्ममापन
उन संयोजन को चुने जो यह इंगित करेगा कि बहुलक एक कुडंलिनीय संरूपण अपनाता है।
A. 1,3
B. 2,4
C. 1,2
D. 3,4
प्रश्न 66 :
ऑक्सीकरणीय फास्फोरिलीकरण प्रक्रिया में अपने संगत कार्य शैली के साथ, हस्तक्षेप करते रासायनिक र्कमकों को सुमेलित करें:
A.ऐन्टीमाइसीन A (i)ATPसिन्थेस के F0घटक को संदमित करता है
B.ओलिगोमाइसीन (ii)आंतरिक सूत्रकणिकीय झिल्ली विभव को भंग करता है।
C.वैलिनोमाइसीन (iii) Fe/S गुच्छ से यूबिक्विनोन् तक इलैक्ट्रॉन परिवहन की रोकता है।
D.रोटेनोन (iv)साईटोक्रोम से साईटोक्रोम C1, तक इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण का अवरोध
करता है
(v)ऐडेनीन न्यूक्लियाइड ट्रॉन्स्लोकेस् को संदमित करता है।
सही संयोजन को निम्न में से चुने
A. A-(ii), B-(iv),C-(v), D-(iii)
B. A-(iv), B-(i),C-(ii), D-(iii)
C. A-(i), B-(iii),C-(ii), D-(v)
D. A-(v), B-(ii),C-(i), D-(ii)
प्रश्न 67 :
निम्न कथनों में से-
A.एन्जाइम अभिक्रिया गतियों को 2 से 10 तक के गुणांक से वृद्धि करते हैं।
B.एन्जाईम अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को एन्जाइम घटाते हैं।
C.एन्जाईम तथा अवस्तरों के बीच की अन्योन्यक्रिया होती है हाईड्रोजन आबंधी, जलविरागी तथा आयनिक।
D.अवस्तर की सांद्रता एन्जाईम उत्प्रेरित अभिक्रियाओं की गति को प्रभावित नहीं करता।
गलत कथनों के संयोजन को चुनें-
A. A,B
B. B,C
C. A,C
D. A,D
प्रश्न 68 :
निम्न कथन किये जाते है।
A.ग्लूकोज के a तथा B ऐनोमर परस्पर रूपांतरणीय है ताकी उनकी प्रचुरता का अनुपात क्रमशः 1:2 है।
B.एकल शृंखला वसाये (>C14) मिसेल बनाते हैं तथा द्विशृंखला वसायें जल में द्विपरत बनाते हैं।
C.किसी a-कुडलिनी के N-सिरे की अपेक्षा C-सिरे पर प्रोलाइन ऊर्जत: अनुकूलित है।
D.प्रोटीन में DNA के अप्रधान खांचे की अपेक्षा प्रधान खांचा कई सार्व संरचनात्मक अनुकल्पों को समायोजित करता है।
E.एक विहित वाट्सन-क्रिक युगलन का वॉब्बल क्षारक युगलों द्वारा प्रतिस्थापन, t-RNA के सतही गुणधर्मों को परिवर्तित नहीं करता|
निम्न संयोजनों में से कौन-सा गलत है?
A. A and D
B. B and E
C. C and E
D. B and C
प्रश्न 69 :
निम्न कथनों में से.
A.L-थ्रियोनाइन तथा L-एल्लो-थ्रियोनाइन समतल ध्रुवीकृत प्रकाश के साथ सवर्थासमानतः अन्योन्यक्रिया करते हैं।
B.वानडेल्स अन्योन्यक्रियों हमेशा आकर्षक होती है।
C.पॉली (प्रो) II-कुंडलिनी अंतरा अण् हाईड्रोजन आबंधी द्वारा स्थायीकृत नहीं होती।
D.किसी प्रोटीन का वलन मुक्त ऊर्जा में एक समग धन परिवर्तन तथा एंट्रॉपी में ऋण परिवर्तन के साथ संगत है।
E.हिस्टोन पर लाइसीन ऐसटिलीकरण DNA से हिस्टोन संकुल के शिथिलन के साथ संगत है |
निम्न संयोजनों में से कौन-सा नहीं है?
A. A and C
B. B and D
C. C and E
D. D and E
प्रश्न 70 :
स्तंभ I के सहएन्जाइमों को,जो स्तंभ II के विशिष्ट परमाणुओं या कार्यशील समूहो के अस्थाई वाईकों के रूप में सेवा करते हैं, से सुमेलित करें
A.सहएन्जाइम A (i) आल्डीहाईड समूह
B.फ्लैविन अडेनिन (ii) एमिनों समूह
डाइन्यूक्लियोटाइड
C.पाइरिडोक्सल फॉस्फेट (iii) हाईड्रोजन परमाणु
D.थायामीन पाइरोफास्फेट (iv) ऐसाइल समूह
निम्न विकल्पों में से सही संयोजनों को चुनें
A. A-(iv), B-(iii),C-(ii), D-(i)
B. A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii)
C. A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
D. A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii)
प्रश्न 71 :
कर्कटरोग के विकास में दो वर्ग के जीन-प्राकअर्बुद जीन तथा अर्बुद निरोधक जीन-प्रायः योगदान देते है।
दोनों जीनों के बारे में किये गये कुछ कथन निम्नवत है
A.कार्य-की-लब्धि उत्परिवर्तन द्वारा प्राकअर्बुद जीन कर्कटरोग के विकास में परणमित होते है जबकि अर्बुद
निरोधक जीन कार्य-का-क्षय द्वारा र्ककटरोग के विकास की तरफ ले जाता है।
B.कार्य-का-क्षय उत्परिवर्तन द्वारा प्राकअर्बुद जीन र्ककटरोग के विकास में परणमित होते हैं, जबकि अर्बुद निरोधक जीन कार्य-की-लब्धि द्वारा कर्कटरोग के विकास तरफ ले जाता है|
C.कर्कटरोग के प्रेरण हैतु एक प्राकअर्बुद जीन के दोनों एल्लीलों में उत्परिर्वतन आवश्यकता है जबकि अर्बुद निरोधक जीन के दो एल्लीलों में से एक में उत्परिवर्तन अर्बुदजनन उननायन के लिए उपर्युक्त है।
D.कर्कटरोग के प्रेरण हेतु एक प्राकअर्बुद जीन के दो एल्लीलों में से एक में उत्परिवर्तन पर्याप्त है जबकि अर्बुद निरोधक जीन कें दोनों एल्लीलों में उत्परिवर्तन अर्बुदजनन के उन्नायन के लिए आवश्यक हैं।
उपरोक्त कथनों के कौन-सा संयोजन दोनों जीनों के लिए सही है?
A. A and B
B. A and C
C. A and D
D. B and C
प्रश्न 72 :
संकेत पारक्रमण पथ के एक प्रकार में ग्राही के साथ संलग्नी का बंधन एक ग्राही-संगत काइनेस् को सक्रिय करता है। यह काइनेस् या तो ग्राही प्रोटीन का अंतर्भूत भाग हो सकता है, या ग्राही के साथ कसकर बंधा हुआ हो सकता है। वे ग्राही,जिनमें टाईरोसीन काईनेस् उसके अपने पॉलीपैप्टाइड शृंखला का एक अंतर्भूत भाग है ग्राही टाईरोसीन काईनेस (RTK) कहलाते हैं। RTK के बारे में किये गये निम्न कथनों में से कौन.सा गलत है?
A. सभी RTKs के तीन अनिवार्य घटक होते हैं, एक कोशिकाबाहय क्षेत्र जिसमें संलग्नी बंधन स्थल है, एक
पारझिल्ली क्षेत्र, तथा एक कोशिकाद्रव्यी खण्ड जिसमें प्रोटीन टाईरोसीन काईनेस् गतिविधि युक्त एक क्षेत्र
समविष्ट है|
B. अधिकतर RTKs एकलकी है तथा कोशिकाबाहय क्षेत्र के साथ संलग्नी का बंधन ग्राही विलकों की संरचना को प्रेरित करता है
C. सभी साइटोकाइन ग्राही RTKs के सदस्य है, तथा साइटोकाइन बंधन टाईरोसीन काईनस तथा ग्राही टविलकन को सक्रिय करता है
D. RTKs के साथ संलग्नी का बंधन कोशिकाद्रव्यी क्षेत्र में प्रोटीन टाईरोसीन काईनेस के स्वफास्फोरिलीकरण तक ले जाता है। सक्रियित काईनेस तदपश्चात ग्राही के काशिका द्रव्यी क्षेत्र में कई टाईनोसीन अवशिष्टो को फास्फोरिलीकरित करता है|
प्रश्न 73 :
एक ग्राम धन जीवाणु के tRNA जीनों को अनुक्रमित किया गया। जबकि tRNA के -CCA सिरे से संगत अनुक्रम कुछ जीनों में पाया गया, अन्यों में वह नहीं पाया। रुचिपूर्णतः tRNA के -CCA सिरे से संगत अनुक्रम में अभाव वाले जीन भी एक कार्यशील tRNA के लिए कोडन करते पाये गये। यह इसलिये है कि-
A. tRNA में -CCA सिरा, उसके कार्य के लिए अनिवार्य नहीं है
B. tRNA में -CCA सिरा के संगत अनुक्रम जिन जीनों में अनुपस्थित था, उनका अनुलेखन पूर्व सुधार किया जाता है|
C. tRNA के साथ -CCA सिरा उनके परिपक्वन के दौरान जोड़ा जाता है
D. -CCA सिरे से संगत अनुक्रम में अभाव वाले जीनों का प्राथमिक अनुलेख, उनके परिपक्वन पूर्व g-RNA माध्यित संपादन के अधीन किया जाता है|
प्रश्न 74 :
सभी जीवों में, यह क्रांतिक है कि प्रतिकृतियन प्रारंभन कसकर नियंत्रित हो इसके सुनिश्चित किया
लिए कि गुणसूत्र संख्या तथा कोशिका संख्या लगभग संतुलित हैं। E.coli में प्रतिकृतियन के नियंत्रण के बारे में कई कथन निम्न दिये गये हैं।
A.Seq A नामक एक प्रोटीन द्वारा अर्धमैथिलीकरण तथा oric (प्रतिकृतियन की उत्पति) का पृथक्करण, प्रतिकृतियन के प्रारंभन को रोकता है
B.प्रतिकृतियन के प्रारंभन के लिए DnaA प्रोटीन की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
C.क्योंकि प्रतिकृतियन प्रारंभन के लिए ADP के उच्च स्तर की आवश्यकता है, ADP : ATP का अनुपात महत्वपूर्ण है।
D.प्रतिकृतियन के प्रारंभन के लिए ATP जलापघटन को, सरकते शिकंजों द्वारा Hda प्रोटीन की भर्ती, संदमित करता है|
उपरोक्त कथनो में से कौन-सा सही नहीं है?
A. A and B
B. B and C
C. C and D
D. D and A
प्रश्न 75 :
कल्पना कीजिए कि निम्न RNA अनुक्रम स्थनी कोशिकाविलेय तथा सूत्रकणिकाओं में बनते पैप्टाइडों के सही संयोजन को खोजे
RNA अनुक्रम:
कुछ अनुमानित पेप्टाइड अनुक्रम निम्नवत है:
कोशिकार्य सूत्रकणिकायें
(a) Met-Ile-Leu (i)Met-Ile-Leu-Trp- n
Leu-Arg-Leu
(b)Met-Ile-Leu- (ii) Met-Met-Leu-
Trp-Leu-arg-
Trp-Leu
कोशिकाविलेय तथा सूत्रकणिकाओ में बनतें पैप्टाइडो के सही संयोजन को खोजे
A. (a) (i)
B. (a) (ii)
C. (b) (i)
D. (b) (ii)
प्रश्न 76 :
निम्न तालिका दवैधों के दो प्रमुख रूपों, शक्कर के साथ लगे क्षारक के संरुपण तथा प्रधान तथा अप्रधान
खांचों की प्रकृति को सूचीबद्ध करता है
DNA दवैध गुणर्घम
(A)A रूप (i) शक्कर के साथ क्षारक का Syn संरूपण
(B)B रुपा (ii)शक्कर के साथ क्षारक का Anti संरूपण
(iii)चौड़ा प्रधान खांच
(iv) पतला प्रधान खांच
(v)चौड़ा अप्रधान खांच
(vi) पतला अप्रधान खांच
DNA वैधों तथा उनके गुणथों (कोष्ठक को अंदर संख्यित) को सही तरह निम्न संयोजनों में से कौन-सा दर्शाता है?
A. A-(i) (iii) (vi), B- (ii) (iii) (vi)
B. A-(i) (iii) (vi); B-(ii) (iii) (v)
C. A-(ii) (iv) (v), (B)- (ii) (iii) (vi)
D. A-(ii) (iv) (v): (B)- (ii) (iii) (vi)
प्रश्न 77 :
एक नवीनतः पहचाने गये औषण के प्रभावए जब यह HeLa कोशिकाओं के एक उप-संगामी संवर्ध से मिलाया जाता है, के निर्धारण के लिए एक शोधकर्ता अनुपचारित (-.औषध) बनाम उपचारित (+औषध) कोशिकाओं के उद्दीपन.सक्रियित कोशिका छाटन (FACS) परिच्छेदिका का विश्लेषण करता है।
A. कोशिका चक्र की G1,अवस्था को
B. कोशिका चक्र की S अवस्था को
C. कोशिका चक्र की G2/M अवस्था को
D. कोशिका चक्र की G0, अवस्था को
प्रश्न 78 :
आपने एक नये पारांतरेक, TnX का अविष्कार किया है तथा उसकी प्रतिकृतियन रीति को पहचाना चाहेंगे। TnX अनुक्रम का एक विषद्ववैध, कछ बेमेल के साथ बनाया जाता है तथा जीवाण । अंदर ले जाया जाता है। नवीनतः पारांतरित संजीनी विस्थल अनुक्रमित किये जाते हैं। आप पाते है कि पारांतरेक का अनुक्रम उसके अपने एक जनक रज्जुक के साथ मेल खाता है। यह प्रस्तावित करता है कि-
A. TnX संरक्षी पारंतरण प्रक्रम द्वारा पारंतरण करता है।
B. TnX एक स्थल विशिष्ट पुनर्योजन प्रक्रम के उपयोग से, पारांतरण करता है |
C. द्ववैध के एकल रज्जुक अंतर्ग्रसित होते है
D. प्रतिकृतियन प्रक्रम द्वारा पारातरण करता है।
प्रश्न 79 :
यदि आपूर्ति के 90% अंगच्छेदन से पूर्व तंत्रिका कट जाये, सरटिका पाद पुनर्जनन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A. शीर्षस्थ बहिचमी आच्छद प्रमुकुल के विकास FGF8 को स्रावण उद्दीपित करता है परंतु पुनर्जनन घटित नहीं होता।
B. पाद पुर्नजनन घटित होगा, तथा बिना कोई तंत्रिका आपूर्ति का पाद बनेगा |
C. बहिःविकास घटित होगा परंतु बने पाद की पहचान, स्पष्ट अग्र-पश्च ध्रुवता। के अभाव में, खो जाएगी |
D. तंत्रिका आपूर्ति के साथ पाद पुनर्जनन घटित होगा
प्रश्न 80 :
ड्रोसोफीला के पूर्व भूणी विकास में पृष्ठीय-अधर अक्ष विनिर्देशन के दौरान हो सकती घटनायें निम्नवत हैं
A.'टापीडो' ग्राही सक्रियण
B.'पाइप' संश्लेषण
C.प्रोटियेस् गतिविधि का एक सोपानपात
D.'कैक्टस' विफास्फोरिलीकरण
E.संकोशिकीय कोरकचर्म चरण भ्रूण के केंद्रक में 'पृष्ठीय' का प्रवेश
उपरोक्त घटनाओं का कौन-सा संयोजन मातृक मुर्केन में अभावी भ्रूण के पूर्वगामी पृष्ठीय पक्ष में घटेगा?
A. A only
B. B and C only
C. B, C and E only
D. B,C, D and E only
प्रश्न 81 :
सी. एलीगनसम भ्रूण स्वायत्त तथा सप्रतिबंध, दोनों प्रकार के विर्निदशन का उपयोग करता है। अंतः चर्म कोशिका वंशक्रम के विकास में तथा पृष्ठीय-अधर पक्ष की संस्थपना में भी 4-कोशिका चरण पर सप्रतिबंध विनिर्देशन देखा जा सकता है देखा जा सकता है। इस पर कुछ कथन निम्नवत है:
A.यदि पूर्व 4-कोशिका चरण पर P2, कोशिका निकाल दी जाती है तो EMS कोशिका दो MS कोशिकाओं में विभाजित होगी तथा कोई अंत: चर्म बनेगा नहीं।
B.भ्रूणों में, दोनों EMS पुत्री कोशिकायें E कोशिकाये बन जाती हैं।
C.जब ABa तथा ABp के स्थान उत्क्रमित हुये, उनकी नियतियों का भी उत्क्रमण होता है तथा कोई सामान्य भ्रूण नहीं बनता।
D.उत्परिवर्ती glp-/ रखती माता के भ्रूणों में, ABp, ABa कोशिका में रूपांतरित होता है।
उपरोक्त कथनों में कौन-से सही है?
A. A,B and D
B. A,B and C
C. B,C and D
D. A,C and D
प्रश्न 82 :
सी. एलीगन्स, में भग विकास के दौरान, कोशिका Lin-3 प्रोटीन का उत्पादन करता है, जो एक तुल्यता समूह बनाते छह भगीय पूर्वगामी कोशिकाओं (VPCs) पर स्थित लेट-23 प्रोटीन के साथ अन्योन्यक्रिया करता है। केन्द्रीय वंशक्रम कोशिका प्राथमिक नियति को अपनाती है, पास के VPCs (P5.p तथा P7.p) द्वि-वितीयक नियति को अपनाती है (P6.p) शेष VPCS तृतीयक नियति को अपनाती हैं। कुछ उत्परिवर्ती (स्तंभ A) तथा लक्षणप्ररूप (स्तंभ B) निम्न तालिका में सूचीबद्ध है:
स्तंभ A स्तंभ B
A.लिन-3का कार्य i. P5.p. P6.p तथा P7.p प्राथमिक नियति को अपनाती हैं, P4.p
तथा P8.p द्वितीयक नियति को अपनाती है।
B.लिन-3 का कार्य क्षय तथा ii. बहुभग
ले-23 की कार्य- लब्धि
C.लिन-3 के कार्य में गिरावट iii.प्राथमिक नियति को अपनाती है तथा शेष तृतीयक नियति को
अपनाती हैं
D.लिन-3 की अति अभिव्यक्ति iv. तृतीयक नियति को अपनाती है
सही उत्परिवर्ती को प्रेक्षित लक्षण प्ररुप सुमेलित करें।
A. A-IV,B-II,C-III,D-I
B. A-IV,B-III,C-I,D-II
C. A-II, B-III,C-IV,D-I
D. A-III, B-I,C-lI,D-IV
प्रश्न 83 :
पादपों मे भ्रूण जनन तथा नर तथा या मादा युग्मकोदभिद के विकास के साथ संगत जीनों की
पहचान में T-DNA माध्यिता सन्निवेशनीय उत्परिवर्तजनन सुविधा देता है। एक प्रयोग में एक
पारजीनी पादप का जनन किया गया, एक जीन A के अंदर T-DNA (जिसमें एक कानामाईसीन प्रतिरोघ
जीन समाविष्ट था) के सन्निवेशन द्वारा T0 पादप का स्वपरागण द्वारा F1 संतान पायी गयी जो कानामाईसीन के लिए प्रतिरोधः प्रतिरोधः संवेदनशीलता के लिए 2:1 अनुपात में विसंयोजित हुआ। ये प्रेक्षण इंगित करत हैं कि-
A. उत्परिवर्ती एलील वन्य प्रकार की एल्लील से विसंयोजित नहीं हुआ |
B. जीन 'A' में उत्परिवर्तन नर युग्मकोदभिद में घातकता प्रेरित करता है |
C. जीन 'A' में उत्परिवर्तन मादा युग्मकोदमिद में घातकता प्रेरित करता है|
D. जीन 'A' में उत्परिवर्तन, युग्मज घातकता प्रेरित करता है।
प्रश्न 84 :
अर्बुदजनक विषाणु या तो या संजीन रख निम्न सूचीबद्ध हैं कुछ अर्बुदजनक विषाणु (स्तंभ A),उनके संजीन प्रकार (स्तंभ B) तथा इन विषाणुओं (c) द्वारा कारणित कर्कटरोग ( स्तंभ C)-
A B C
(a) हैपटाईटिस B (i)DNA (x) बर्किट लसिकार्बुद
(b)एप्स्टीन-बार विषाणु (ii)RNA (y) T कोशिका श्वेताणुरक्तता
(c) HTLV (z) यमृतकोशिकायी उपकलार्बुद
सही संयोजन को खोजें:
A. (a) (i) (x), (b) (ii) (y), (c) (ii) (Z)
B. (a) (ii) (v), (b) (i) (Z), (C) (ii) (x)
C. (a) (ii) (y), (b) (ii) (z), (C) (i) (y)
D. (a) (i) (z), (b) (i) (x), (C) (ii) (y)
प्रश्न 85 :
प्रधान ऊतकसुसंगति संकुल (MHC) अणु MHC विस्थल नामक एक जीनों के गुच्छ द्वारा कोडित होते है। एक कोशिका के सतह पर क्यों MHCअणु महत्वपूर्ण है, इसके कई कारण है। निम्न कारणों में से कौन-सा सही नहीं है?
A. स्वयं को वर्ग I में प्रदर्शित करने, कोशिका सामान्य तथा स्वस्थ है इसको प्रमाणित करने |
B. वर्ग I में पराये पैप्टाईड को प्रदर्शित करने, यह दर्शाने के लिए कि कोशिका संक्रमित है तथा उत्क्रियक टी सहायक कोशिकाओं के साथ उलझने|
C. र्वगो I तथा II में एक स्व-पैप्टाईड को र्दशानें विकासशील T कोशिकाओं की स्वाभिक्रियाओं के लिए परीक्षण करने|
D. र्वगो I तथा II में एक स्व-पैप्टाईड को र्दशानें स्व प्रोटीनो के लिए सहिष्णुता बनायें रखनें
प्रश्न 86 :
जब किसी कंकाल पेशी को निष्क्रियत: विस्तृत किया गया,वह प्रतिवर्तित संकुचित हुआ। तथापि जब पेशी का अति-विस्तरण किया गया उसने संकुचन आकस्मिक समाप्ति दर्शायी, तद्पश्चात शिथिलन| इन प्रेक्षणों की संभाव्य व्याख्या निम्न कथनों में ने दी:
A.पेशी के निष्क्रिय विस्तरण ने पेशी तर्क के विस्तरण को कारणित किया |
B.पेशी के अतिविस्तरण ने गाल्जी कंडरा अंग को प्रेरित किया।
C.पेश तर्कु के विस्तरण द्वारा समूह 1b संवेदी तंत्रिका रेशे उद्दीपित हुई|
D.समूह 1b की रेशों ने a-प्रेरक तंत्रियोनों को उद्दीपित की जिसने पेशी की आपूर्ति की थी जहां से ये रेशे आये थे।
E.संवेदी तंत्रिका रेशे गॉल्जी कंडरा अंग के साथ जुडी थी |
F.समूह 1a संवेदी तंत्रिका रेशो के उद्दीपन ने, जिन a-प्रेरक तंत्रियानों ने पेशी की आर्पूित जहां से ये रेशे आये थे, उनपर IPSP के उत्पादन कारणित किया|
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा (स) सही है/हैं?
A. A and B
B. C and D
C. E and F
D. C and F
प्रश्न 87 :
केशिकागुच्छी केशिका (GC) में बोमन संपुट के अंदर द्रव करीब-करीब उसकी पूरी लंबाई से गुजरता है परंतु पेशी केशिका (MC) में अंतराकाशी आकाश के अंदर दव उसके धमनिकायी अंत में अंत में गतिशील होता है। इन दो कोशिकाओं के बीच का अंतर निम्न प्रस्तावित कथनों में व्याख्यायित है:
A.GC के दो सिराओं में अभिवाही तथा अपवाही धमनिकायें उपस्थित हैं, MC परंतु में सिराओं में धमनिका तथा शिरिका उपस्थित है|
B.MC की अपेक्षा GC में जलस्थैतिक दान कहीं अधिक है|
C.GC के दो सिराओं के बीच जलस्थैतिक दाब का अंतर अपेक्षाकृत अधिक है, परंतु MC में वह नगण्य है|
D.MC के दो सिराओं के बीच ऑनकॉटिक दाब का अंतर नगण्य है, परंतु GC में वह अपेक्षाकृत अधिक है।
E.MC के दो सिराओं के बीच ऑनकॉटिक दाब का अंतर नगण्य हैं, परंतु GC में वह साथ अपेक्षाकृत अधिक है।
F.GC के अपवाही सिरे में कुल निस्पंदन दाब शून्य तक गिर जाता है, परंतु MC के शिरिकायी सिरे में वह 9मिमी. पारा अंदर की तरफ हैं |
उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही नहीं है?
A. A and B
B. C and D
C. E and F
D. B and F
प्रश्न 88 :
कोटरालिंद आसंधिक (SA आसंधि) की गतिप्रेरक कोशिकायें वेगस तंत्रिका के उहीप्ति द्वारा संदर्भित होती है। इस संदमन के संभाव्य प्रक्रम निम्नवत कथित हैं
A.ऐसेटिल-कोलाईन-नियंत्रित K+ प्रणाल सक्रियित होते हैं |
B.बहिगामी K+ गतिपरक कोशिकाओं अंदर का अतिध्रुवण कारणित करता है|
C.बहिगामी गतिप्रेरक कोशिकाओं का अतिध्रुवण कारणित करता है|
D.मस्कारिनिक ग्राहियों के सक्रियण से प्रेरित वृद्धि अंतरकोशिकीय CAMP, Ca++ प्रणाली के खुलने को मंदित करता है।
सही कथनों वाले उत्तर को चुनें |
A. A and C
B. B and C
C. A and B
D. C and D
प्रश्न 89 :
काटी के अंग के बाहय रोम कोशिकाओं (OHC) के संभाव्य कार्यों का निम्न कथन वर्णन करते हैं
A.दृढपक्ष्माभ की गतिशीलता की दिशा पर निर्भर बाहृय रोम कोशिकाये (OHC) अथुवित या अतिध्रुवित होती है|
B.अध्रुवीकरण में विस्तरित तथा अतध्रुवीकरण में लघुकरित होती हैं।
C.ध्वनि के आयाम तथा स्पष्टता को OHC कम करती हैं, लघुकरण तथा विस्तीर्णन द्वारा।
D.OHC की संवेदनशीलता को वर्तुलिका-कर्णवर्त पूल के अपवाही तंत्रिका रेशे नियमन करते हैं।
F.वर्तुलिका- कर्णवर्त पूल के उद्दीपन का OHC पर प्रभाव उत्तेजनीय है।
निम्न विकल्पों में से कौन-सा सही कथनों की प्रतिनिधित्व करता है?
A. A and B
B. C and D
C. A and D
D. D and E
प्रश्न 90 :
जीर्णता-संगत ग्राही काईनेस् (PSARK) के उन्नयक क्षेत्र के अधीन आईसीपैंटनिल ट्रांस्फेरस (IPT) की अतिअभिव्यक्ति करते पारजीनी तंबाकू पादपों को 15 दिनों के लिए जलाभाव अनुभवित करते पारजीनी तंबाकू पादपो को 15 दिनों के लिए जलभाव अनुभवित किया गया, तद्पश्चात 7 दिन के लिए पुनःसींचन किया गया। 7 दिन के पुनः सीजन के अंत में पारजीनी पादपों में परिवर्तन के बारे में निम्न परिकल्पनायें प्रस्तावित की गयी
A.पादप मुरझा जायेंगे तथा जीवित रहने में असफल रहेंगे
B.पादप स्वस्थ रहेंगे तथा जीवित रहेंगे।
C.पादप वन्य प्रकार के पादपों की अपेक्षा साईटोकाईनीन का उच्चतर उत्पाद दर्शायेंगे।
D.पादप, वन्य प्रकार के पादपों की अपेक्षा ऐब्सिसिक अम्ल का उच्चतर उत्पाद दर्शायेंगे।
उपरोक्त परिकल्पनाओं के निम्न संयोजनों में से कौन-सा सही है?
A. A and C
B. A and D
C. B and C
D. B and D
प्रश्न 91 :
पादप जीवीय अन्योन्यक्रियाओं के संदर्भ में स्तंभ । के शब्दों को स्तंभ II के उपयुक्तम शब्द के साथ सुमेलित करें:
स्तभ I स्तभ II
A.पोआसिये के पादाश्म (i) पोषवाह भक्षी
B.सैलिसिलिक अम्ल संकेतन पथ (ii)रंध्री द्वार में संकुचन
C.MAMP (iii) NBS LRR ग्राही
D.प्रभावी-प्रवर्तित प्रतिरक्षा (iv) शाकभक्षता के लिए भौतिकीय अवरोघ
A. A-(ii) B- (iv),C-(i), D-(iii)
B. A-(iii), B-(i), C-(ii), D- (iv)
C. A-(iv), B-(ii),C-(iii), D-(i)
D. A-(iv), B-(i),C-(ii), D-(iii)
प्रश्न 92 :
हरे पादपों से प्रग्रहित प्रकाश तीव्रता निम्न प्रक्रियाओं में उपयोग में लिया जाता है
(i)प्रकाश संश्लेषण
(ii)ऊष्मा का जनन
(iii)सूपरआक्साइड एकक ऑक्सीजन जैसे आविषालु उत्पादों के उत्पादन
(iv)PSII के D1 प्रोटीन की क्षति
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर प्रकाश संदमन घटित होगी जब
A. समूची प्रकाश तार संश्लेषण में उपयोगित हो जाती है।
B. अधिशेष प्रकाश तीव्रता, ऊष्मा जनन में पूर्णतः उपयागित हो जाती है|
C. अधिशेष प्रकाश तीव्रता, ऊष्मा जनन तथा आविषालु उत्पादों की संरचना में उपयोगित होती है|
D. अधिशेष प्रकाश तीव्रता, प्रोटीन की क्षति पर ले लाती है|
प्रश्न 93 :
एक शोधकर्ता ने चतुष्क उत्परिवर्ती को विकसित किया, जिसने पादपवर्णक अन्योन्यक्रिया कारक (PIF) कुटुंब सदस्यों के कार्य को भंग किया। अंधेरे में विकसित उत्परिवर्ती पादपों के लक्षण प्ररूप के बारे में निम्न परिकल्पनायें प्रस्तावित की गयीः
A.पादप लघु बीजपावाधर प्रदर्शित करेंगे।
B.पादप पांडुरित होंगे
C.प्रकाश-प्रेरित जीन सक्रियित होंगे।
D.बीजपत्र खुले होंगे।
उपरोक्त परिकल्पनाओं के निम्न संयोजनों में से कौन-सा सही |
A. A, B and C
B. A, B and D
C. A,C and D
D. B,Cand D
प्रश्न 94 :
पादपों में द्विवीयक उपापचयजों के बारे में कुछ कथन निम्नवत हैं|
A.ग्लूकोसिनोलेट्स उनके पूर्वगामी एमिनीअम्लो के पार्श्व शृंखलाओं के विस्तारण द्वारा संश्लेषित होते हैं।
B.शाकों तथा मसालों में निर्मित सभी अपीन तेली द्रव हैं, जो इन पादपों की स्वादिष्ठता (भोज्य मूल्य) को कम करते हैं |
C.सायनोजेनिक ग्लाईसाईइस पादपों में आविषाणु रूप में निर्मित तथा संग्रहित होते हैं |
D.पादपों से रक्षा अणु, ऐल्केलाईड (या उनके पूर्वगामी) संग्रहित किये जाते हैं तथा कुछ कीड़ों से तथा परभक्षियों से अपने स्वयं की रक्षा के लिए उपयोग में लिये जाते हैं|
A. B and C only
B. A and B only
C. C only
D. A and D only
प्रश्न 95 :
ऐरॉबिडोप्सिस पादपों में एक विशिष्ट समसूत्रजन सक्रियित प्रोटीन काईनेस् (MAPK) सोपानतपात जिसमें MEKK1 (a MAP3K), MKK1 (a MAP2K)तथा MPK6 (a MAPK) शामिल है, उसी क्रम में आनुक्रमितः सक्रियित किया जाता है, अबकुछ अजीवी प्रतिबल उद्दीपक देखे जाते हैं। सक्रियित MPK6 एक अनुलेखन कारक 'X' को फास्फोरिलीकृत तथा संक्रियित करता है उसके द्वारा अजीवी प्रतिबल के लिए पादप को सहिष्णु बनाते हुए। MKK1 उत्परिवर्ती ऐरॉविडोप्सिस पादप में mkAI प्रोटीन के दो अलग परिवर्त, एक काईनेस् निष्क्रिय (KI) तथा एक मूलभूततः सक्रिय (KI) तथा एक मूलभूततः सक्रिय (CA) रूप, स्वतंत्रः अभिव्यक्तित किये गये। उपरोक्त तथ्यों पर विचारते हुए निम्न कथनों में से कौन-सा सही है?
A. CA पादपों में उद्दीपकों के अभाव में भी 'X' सक्रियित होगा |
B. CA पादपों में उद्दीपकों के अभाव में भी 'X' सक्रियित नहीं होगा |
C. KI पादपों में उद्दीपकों के अभाव में भी 'X' सक्रियित होगा |
D. अजीवी प्रतिबल के लिए KI पादप सहिष्णु होंगे |
प्रश्न 96 :
दो कवकी परंपराओं के कुछ कुंजी लक्षण पर किये गये कथन निम्नवत हैं |
A.लघुबीजाणवीयों में सच्ची सूत्रकणिकायें नहीं होती|
B.अधिकतर किट्रिड कशाभी युग्मक बनाते हैं |
C.लघुबीजाणवी सामान्यतः मुक्त जीवी हैं |
D.किट्रिड लैंगितकतः जनन करते हैं बिना एक द्विकेंद्रक चरण के|
सही कथनों के संयोजन को चुने:
A. A,B and C only
B. A, B and D only
C. B,C and D only
D. A and B only
प्रश्न 97 :
यूफोबायासिये सामान्यतः दूधियारस वहन करते पादपों का प्रतिनिधित्व करता हैए परंतु इस कुटुंब में कुछ अदुघिा - रस वहन करते पादप भी शामिल है | कुटुंब युफोर्बाया में शामिल निम्न दिये गये पादपो संयोजन को पहचानें |
A. Terminalia bellirica, Euphorbia Nerium indicum
B. Mallotus philippense, Ficus religiosa communis
C. Mallotus philippense, Acalypha Emblica officinalis
D. Acalypha indica, Ricinus Mangifera indica
प्रश्न 98 :
सेम के दो अंतःप्रजात वंशक्रम आपस में किये गये। F1 में सेम लंबाई में प्रसरण 2.0 मापा गया को F1 स्वनिषेचित करके F2 पायी गयी तथा सेम लंबाई में प्रसरण 7.0 था। आबादी में मोटे तौर पर
सेम लंबाई की वंशागम्यता होगी:
A. 0.75
B. 9.0
C. 5.0
D. 0.71
प्रश्न 99 :
ड्रोसोफीला में,'बार' नेत्र (B) एक प्रभावी उत्परिवर्तन है जबकि लघु पंख (m)तथा पीत शरीर (y) अप्रभावी उत्परिवर्तन है। इन उत्परिवर्तनों के लिए विषमयुग्मी मादायें सामान्य नेत्र,लघु पंख तथा पीत शरीर र्वण के नरो के साथ प्रसंकरित किये गये। यह मानें कि निम्न संतान प्राप्त की गयी।
लक्षणप्ररूप संख्या
B+m+y+ 30
Bmy+ 25
Bm+y+ 165
B+my+ 120
Bmy 20
Bm+y 110
B+m+y 45
पाये गये परिणामों के आधार पर, जीनों का क्रम होगाः
A.Bmy
B.mBy
B तथा Y के बीच आनुवंशिक दूरी होगी:
C. 40 CM
D. 17.1 CM
उत्तरों का सही संयोजन है।
A. A and C
B. B and C
C. A and D
D. B and D
प्रश्न 100 :
बर्किट लसीकार्बुद में गुणसूत्रों 8 तथा 14 के बीच एक पारस्परिक स्थानांतरण प्रेषित किया जाता है। इस स्थानांतरण के लिए यदि एक व्यष्टि विषमयुग्मी है तो अर्धसूत्रण पर परिणाम निम्नवत होगाः
A.चार गुणसूत्र अर्थात् सामान्य गुणसूत्र 8 तथा 14, तथा स्थानांतरित गुण सूत्र 8 तारी 14 साथ में युगलित होते है |
B.दो सामान्य गुणसूत्र 8 तथा 14, तथा दो स्थानांतरित गुण सूत्र अलग-अलग युगलित होते हैं।
C.इस अर्धसूत्रण से उत्पन्न सभी युग्मक जीवनाक्षम है क्योंकि उनमें लोपन तथा अनुलिपीकरण पाया जाता है|
D.तिर्यक विन्यासों में एक में, जो एकांतर विसंयोजन कहलाता है, सामान्य तथा स्थानांतरित गुणसूत्र युक्त सभी युग्मक उत्तरजीवी हैं।
E.मात्र सामान्य गुणसूत्र युक्त युग्मक उत्तरजीवी है जबकि स्थानांतरित गुणूसत्र युक्त सभी युग्मक जीवनाक्षम हैं, अतः स्थानांतरण विनिमय संदमकों के रूप में काम में लिये जाते हैं।
निम्न संयोजनों में से कौन-सा उपरोक्त वर्णित स्थानांतरण के अर्थसूत्रणी परिणामों का श्रेष्ठतम वर्णन करता है?