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HP SET Sanskrit Free Mock Test
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HP SET Sanskrit Syllabus 2026, Exam Pattern
HP SET Sanskrit Syllabus 2026, Exam Pattern, HP SET Exam Date 2026
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Himachal Pradesh SET Syllabus 2026 - Overview
| Name of Exam | Himachal Pradesh State Eligibility Test |
| Conducting Body | Himachal Pradesh Public Service Commission |
| Exam Name | HP SET 2026 |
| Job Location | Himachal Pradesh |
| Mode of Exam | Offline/Online |
| Official Website | https://hppsc.hp.gov.in/ |
HP SET Sanskrit Syllabus 2026
Sanskrit :
इकाई-1
वैदिक-साहित्य
(क) वैदिक-साहित्य का सामान्य परिचय :-
वेदों का काल: मैक्समूलर, ए.वेबर, जैकोबी, बालगंगाधर तिलक, एम. बिन्टरनिज, भारतीय परम्परागत विचार
संहिता साहित्य
संवाद सूक्तः पुरुरवा-उर्वशी, यम-पमी, सरमा-पणि, विश्वामित्र- नदी
ब्राह्मण साहित्य
आरण्यक साहित्य
वेदांग: शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छत्द, ज्योतिष
इकाई-II
(ख) वैदिक साहित्य का विशिष्ट अध्ययन :-
1. निम्नलिखित सूक्तों का अध्ययन :-
ऋग्वेदः- अग्रि (1.1), बरुण (1.25), सूर्य (1.125), इन्द्र (2.12), उथम् (3.61), पर्जन्य (5.83), अज (10.34), ज्ञान (10.71), पुरुष (10.90), हिरण्यगर्भ (10.121), माक् (10.125), नासदीय (10.129)
शुक्लयजुर्वेदः
शिवसंकल्प, अध्याय - 34 (1-6),
प्रजापति, अध्याय 23 (1-5)
अथर्ववेदः राष्ट्राभिवर्धनम् (1.29), काल (10.53), पृथिवी (12.1)
2. ब्राह्मण-साहित्य
: प्रतिपाद्य विषय, विधि एवं उसके प्रकार, अग्निहोत्र, अग्निष्टोम, दर्शपूर्णमास यज्ञ, पंचमहायज्ञ, आख्यान (शुनःशेप, बाञ्चनस्)।
3. उपनिषद्-साहित्य : निम्नलिखित उपनिषदों की विषयवस्तु तथा प्रमुख अवधारणाओं का अध्ययन : ईश, कठ, केन, बृहदारण्यक, तैत्तिरीय, श्वेताश्वतर।
4. वैदिक व्याकरण, निरुक्त एवं वैदिक व्याख्या पद्धति :
ऋक्प्रातिशाख्य: निम्नलिखित परिभाषाएँ - समानाक्षर, सन्ध्यक्षर, अघोष, सोष्म, स्वरभक्ति, यम, रक्त, संयोग, प्रगृहा, रिफित ।
निरुक्त (अध्याय 1 तथा 2)
चार पद कोटियाँ, नाम विचार, आख्यात विचार, उपसगों का अर्थ, निपात की
निरुक्त अध्ययन के प्रयोजन
निर्वचन के सिद्धान्त
निम्नलिखित शब्दों की व्युत्पत्ति :
आचार्य, बीर, हृद, गो, समुद्र, वृत्र, आदित्य, उयस्, मेघ, यात्रु, उदक, नदी, अभ्ध, अप्रि, जातवेदस्, वैश्वानर, निघण्टु।
निरुक्त (अध्याय 7 दैवत काण्ड)
वैदिक स्वर: उदात्त, अनुदात्त तथा स्वरित।
वैदिक व्याख्या पद्धति प्राचीन एवं अर्वाचीन
इकाई-III
दर्शन-साहित्य
(क) प्रमुख भारतीय दर्शनों का सामान्य परिचय : प्रमाणमीमांसा, वत्त्वमीमांसा, आचारमीमांसा (चार्वाक, जैन, बौद्ध, न्याय, सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा के संदर्भमें)
इकाई-IV
(ख) वर्शन-साहित्य का विशिष्ट अध्ययन :
ईश्वरकृष्ण; सांख्यकारिका सत्कार्यवाद, पुरुषस्वरुप, प्रकृतिस्वरूप, मृष्टिक्रम, प्रत्ययसर्ग, कैवल्य।
सदानन्दः वेदान्तसार : अनुगन्ध-चतुष्ट्य, अज्ञान, अध्यारोप-अपवाद, लिंगशरीरोत्पात्ति, पंचीकरण, विवर्त, महावाक्य, जीवन्मुक्ति।
अर्धचट्टः तर्कसंग्रह / केशव मिथः तर्कभाषा:
पदार्थ, कारण, प्रमाण (प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, शब्द), प्रामाण्यवाद, प्रमेय।
1. लौगाधिभास्कर, अर्थसंग्रह
2. पतंजलि: योगसूत्र, (व्यासभाष्य) चित्तभूमि, चित्तवृत्तियों, ईश्वर का स्वरूप, योगाङ्ग, समाधि, कैवल्य।
3. बादरायणः ब्रह्मसूत्र 1.1 (शांकरभाष्य)
4. विश्वनाथपंचाननः न्यायसिद्धान्तमुक्तावली (अनुमानखण्ड)
5. सर्वदर्शनसंग्रहः जैनमत, बौद्धमत
इकाई-V
व्याकरण एवं भाषाविज्ञान
(क) सामान्य-परिचय : निम्नलिखित आचार्यों का परिचय -
पाणिनि, कात्यायन, पतंजलि, भर्तृहरि, वामनजयादित्य, भट्टोजिदीक्षित, नागेशभट्ट, जैनेन्द्र, कैय्यट, शाकटायन, हेमचन्द्रसूरि, सारस्वतव्याकरणकार।
पाणिनीय शिक्षा
भाषाविज्ञान :
भाषा की परिभाषा, भाषा का वर्गीकरण (आकृतिमूलक एवं पारिवारिक), ध्वनियों का वर्गीकरण: स्पर्श, संघर्षी, अर्धस्वर, स्वर (संस्कृत ध्वनियों के विशेष संदर्भ में), मानवीय ध्वनियंत्र, ध्वनि परिवर्तन के कारण, ध्वनि नियम (ग्रिम, ग्रासमान, वर्तर) अर्थ परिवर्तन की दिशाएँ एवं कारण, वाक्य का लक्षण व भेद, भारोपीय परिवार का सामान्य परिचय, वैदिक संस्कृत एवं लौकिक संस्कृत में अन्तर, भाषा तथा वाङ् में अन्तर, भापा तया बोली में अन्तर।
इकाई-VI
(ख) व्याकरण का विशिष्ट अध्ययन :
परिभाषाएँ - संहिता, संयोग, गुण, वृद्धि, प्रातिपदिक, नदी, घि, उपथा, अपृक्त, गति, पद, विभापा, सवर्ण, टि, प्रगृहा, सर्वनामस्थान, भ, सर्वनाम, निष्ठा।
सन्धि -अच् सन्धि, हन् सन्धि, विसर्ग सन्धि (लघुसिद्धान्तकौमुदी के अनुगार)
सुबन्त -अजन्त राम, सर्व (तीनों लिंगों में), विश्वपा, हरि, वि (तीनों लिंगों में), सखि, सुधी, गुरु, पितृ, गौ, रमा, मति, नदी, धेनु, मातृ, ज्ञान,
वारि, मधुः हलन्त लिहू, विश्ववाह, चतुर् (तीनों लिंगों में), इदम् (तीनों बिंगों में), किम् (तीनों लिंगों में), तत् तीनों लिंगों में), राजन्, मघवन्, पचिन्, विद्धस्, अस्मद्, युष्मदा
समास - अव्ययीभाव, तत्पुरुप, बहुब्रीहि, इन्द्र, (लघुसिद्धान्तकौमुदी के अनुसार)
तद्धित -
तिङन्त -
प्रत्ययान्त -
कृदन्त -
अपत्यार्थक एवं मत्वर्थीय (सिद्धान्तकौमुदी के अनुसार)
भू, एथ्, अद, अस्, ह, विव, पुन्, तुद, तन्. कृ. रुथ, की, चुर।
णिजन्तः सन्नन्तः यङन्तः यङ्लुगन्तः नामधातु।
तव्य / तव्यत्ः अनीयः यत्ः ण्यत्ः क्यपूः शतृ, शानन्, क्त्वाः क्तः क्तवतुः तुमुन्ः णमुल्।
श्रीप्रत्यय लघुसिद्धान्त कौमुदी के अनुसार
कारक प्रकरण सिद्धान्तकौमुदी के अनुसार
परस्मैपद एवं आत्मनेपद विधान सिद्धान्तकौमुदी के अनुसार
महाभाष्य (पस्पशाहिनक) - शब्दपरिभाषा, शब्द एवं अर्थ संबंध, व्याकरण अध्ययन के उद्देश्य, व्याकरण की परिभाषा, माधु शब्द के प्रयोग का परिणाम, व्याकरण पद्धति।
वाक्यपदीयम् (ब्रह्मकाण्ड) - स्फोट का स्वरूप, शब्द-ब्रह्म का स्वरूप, शब्द-ग्रा की शक्तियाँ, स्फोट एवं ध्यनि का संबंध, शब्द-अर्थ संबंध, ध्वनि के प्रकार, भाषा के स्वर।
इकाई-VII
संस्कृत-साहित्य, काव्यशास्त्र एवं छन्दपरिचय :
(क) निम्नलिखित का सामान्य परिचय :
भास, अश्वघोष, कालिदास, शूद्रक, विशाखदत्त, भारयि, माघ, हर्ष, बाणभट्ट, दण्डी, भवभूति, भट्टनारायण, बिल्हण, श्रीहर्ष, अम्बिकादत्तव्यास, पंडिता क्षमाराव, वी. राघवत्, श्रीधरभास्कर वर्णकर।
काव्यशाख: रससम्प्रदाय, अलंकारसम्प्रदाय, रीतिसम्प्रदाय, ध्वनिसम्प्रदाय, ब्रकोक्तिसम्प्रदाय, औचित्यसम्प्रदाय ।
पाश्चात्य काव्यशाला अरस्तू, लॉन्जाइनस, कोचे।
इकाई-VIII
(ख) निम्नलिखित का विशिष्ट अध्ययन :
मद्यः बुद्धचरितम् (प्रथम) रघुवंशम् (प्रचमसर्ग), किरातार्जुनीयम् (प्रवमसर्ग), शिशुपालवधम्, (प्रथमसर्ग), नैषधीयचरितम् (प्रथमसर्ग)
नाट्य: स्वप्नवासवदत्तम्, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, वेणीसंहारम्, मुद्राराक्षसम्, उत्तररामचरितम्, रखावली, मृच्छकटिकम्।
गद्य: दशकुमारचरितम् (आष्टम-उच्छवास), हर्षचरितम् (पञ्चम-उच्छवास), कादम्बरी (शुकतासोपदेश)
चम्पूकाव्य: नम्त्तचम्पूः (प्रथम-उच्छवास)
साहित्यदर्पणः
काव्यपरिभाषा, काव्य की अन्य परिभाषाओं का खण्डन, शब्दशक्ति-(संकेतग्रह, अभिधा, लक्षणा, व्यंजना), काव्यभेद (चतुर्भ परिच्छेद) श्रव्यकाव्य (गद्य, पद्य, मिथ काव्य-लक्षण)
काव्यप्रकाशः
काव्यप्रयोजन, काव्यहेतु काव्यनेद, शब्दशक्ति, अनिहितात्ययवाद, अन्विताभिधानयाद, रसस्वरूप एवं रगसूत्र विमर्श, रसदोष, काव्यगुण, व्यंजनान्ति की स्वापना (गाम उल्लास) अंलकारः-
वक्रोक्ति, अनुप्रास, धमक, क्षेप, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, समायोक्ति, अपहनुति, निदर्शना, अर्थान्तरन्यास, दृष्टान्त, विभाषना, विशेषोक्ति, म्वभाबोक्ति, विरोधाभास, मकर, संमुष्टि।
ध्वन्यालोकः (प्रथम उद्योत)
वक्रोक्तिजीवितम् (प्रथम उन्मेष)
भरत-नाट्यशास्त्रम् (द्वितीय एवं षष्ठ अध्याय)
दशरूपकम् (प्रथम तथा तृतीय प्रकाश)
छन्द परिचय - आर्या, अनुष्टुत्, इन्द्रवजा, उपेन्द्रवजा, वमन्ततिलका, उपजाति, वंशस्थ, द्रुतविलम्बित, शालिनी, मालिनी, शिखरिणी, मन्दाक्रान्ता, हरिणी, शार्दूलविक्रीडित, सरधरा।
इकाई-IX
पुराणेतिहास, धर्मशास्त्र एवं अभिलेखशास्त्र
(क) निम्नलिखित का सामान्य परिचयः
रामायण - विषयवस्तु, काल, रामायणकालीन समाज, परवतीं ग्रन्थों के लिए प्रेरणास्रोत, साहित्यिक महत्त्व, रामायण में आख्यान
महाभारत - विषयवस्तु, काल महाभारतकालीन समाज, परवर्ती ग्रन्थों के लिए प्रेरणास्रोत, साहित्यिक महत्व, महाभारत में आख्यान।
पुराण पुराण की परिभाषा, महापुराण उपपुराण, पौराणिक सृष्टि-विज्ञान, पौराणिक आख्यान।
प्रमुख स्मृतियों का सामान्य परिचय।
अर्थशाख का सामान्य परिचय।
लिपि : ब्राह्मी लिपि का इतिहास एवं उत्पत्ति के सिद्धान्त।
अभिलेख का सामान्य परिचय
इकाई-X
(ख) निम्नलिखित ग्रन्थों का विशिष्ट अध्ययन
कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (प्रथम-विनयाधिकारिक)
मनुस्मृतिः (प्रथम, द्वितीय तथा सप्तम अध्याय)
याज्ञवल्क्यस्मृतिः (व्यवहाराध्याय)
लिपि तथा अभिलेख
> गुप्तकालीन तथा अशोककालीन ब्राह्मी लिपि।
अशोक के अभिलेख प्रमुख शिलालेख, प्रमुख स्तम्भमेव
मौयॉतरकालीन अभिलेख कनिष्क के शासन वर्ष 3 का सारनाथ बौद्ध प्रतिमा लेख, रुद्रदामन् का गिरनार शिलालेख, बारवेस का हाथीगुम्फा अभिषेख
> मुतकालीन एवं मुधोत्तरकालीन अभिलेख समुद्रगुप्त का इलाहाबाद स्तम्भलेख, पशोधर्मन् का मन्दगौर
शिलालेख, हर्ष का बांसखेड़ा ताम्रपट्ट अभिलेख, पुलकेशिन् द्वितीय का ऐहोल शिलालेख
वैदिक-साहित्य
(क) वैदिक-साहित्य का सामान्य परिचय :-
वेदों का काल: मैक्समूलर, ए.वेबर, जैकोबी, बालगंगाधर तिलक, एम. बिन्टरनिज, भारतीय परम्परागत विचार
संहिता साहित्य
संवाद सूक्तः पुरुरवा-उर्वशी, यम-पमी, सरमा-पणि, विश्वामित्र- नदी
ब्राह्मण साहित्य
आरण्यक साहित्य
वेदांग: शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छत्द, ज्योतिष
इकाई-II
(ख) वैदिक साहित्य का विशिष्ट अध्ययन :-
1. निम्नलिखित सूक्तों का अध्ययन :-
ऋग्वेदः- अग्रि (1.1), बरुण (1.25), सूर्य (1.125), इन्द्र (2.12), उथम् (3.61), पर्जन्य (5.83), अज (10.34), ज्ञान (10.71), पुरुष (10.90), हिरण्यगर्भ (10.121), माक् (10.125), नासदीय (10.129)
शुक्लयजुर्वेदः
शिवसंकल्प, अध्याय - 34 (1-6),
प्रजापति, अध्याय 23 (1-5)
अथर्ववेदः राष्ट्राभिवर्धनम् (1.29), काल (10.53), पृथिवी (12.1)
2. ब्राह्मण-साहित्य
: प्रतिपाद्य विषय, विधि एवं उसके प्रकार, अग्निहोत्र, अग्निष्टोम, दर्शपूर्णमास यज्ञ, पंचमहायज्ञ, आख्यान (शुनःशेप, बाञ्चनस्)।
3. उपनिषद्-साहित्य : निम्नलिखित उपनिषदों की विषयवस्तु तथा प्रमुख अवधारणाओं का अध्ययन : ईश, कठ, केन, बृहदारण्यक, तैत्तिरीय, श्वेताश्वतर।
4. वैदिक व्याकरण, निरुक्त एवं वैदिक व्याख्या पद्धति :
ऋक्प्रातिशाख्य: निम्नलिखित परिभाषाएँ - समानाक्षर, सन्ध्यक्षर, अघोष, सोष्म, स्वरभक्ति, यम, रक्त, संयोग, प्रगृहा, रिफित ।
निरुक्त (अध्याय 1 तथा 2)
चार पद कोटियाँ, नाम विचार, आख्यात विचार, उपसगों का अर्थ, निपात की
निरुक्त अध्ययन के प्रयोजन
निर्वचन के सिद्धान्त
निम्नलिखित शब्दों की व्युत्पत्ति :
आचार्य, बीर, हृद, गो, समुद्र, वृत्र, आदित्य, उयस्, मेघ, यात्रु, उदक, नदी, अभ्ध, अप्रि, जातवेदस्, वैश्वानर, निघण्टु।
निरुक्त (अध्याय 7 दैवत काण्ड)
वैदिक स्वर: उदात्त, अनुदात्त तथा स्वरित।
वैदिक व्याख्या पद्धति प्राचीन एवं अर्वाचीन
इकाई-III
दर्शन-साहित्य
(क) प्रमुख भारतीय दर्शनों का सामान्य परिचय : प्रमाणमीमांसा, वत्त्वमीमांसा, आचारमीमांसा (चार्वाक, जैन, बौद्ध, न्याय, सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा के संदर्भमें)
इकाई-IV
(ख) वर्शन-साहित्य का विशिष्ट अध्ययन :
ईश्वरकृष्ण; सांख्यकारिका सत्कार्यवाद, पुरुषस्वरुप, प्रकृतिस्वरूप, मृष्टिक्रम, प्रत्ययसर्ग, कैवल्य।
सदानन्दः वेदान्तसार : अनुगन्ध-चतुष्ट्य, अज्ञान, अध्यारोप-अपवाद, लिंगशरीरोत्पात्ति, पंचीकरण, विवर्त, महावाक्य, जीवन्मुक्ति।
अर्धचट्टः तर्कसंग्रह / केशव मिथः तर्कभाषा:
पदार्थ, कारण, प्रमाण (प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, शब्द), प्रामाण्यवाद, प्रमेय।
1. लौगाधिभास्कर, अर्थसंग्रह
2. पतंजलि: योगसूत्र, (व्यासभाष्य) चित्तभूमि, चित्तवृत्तियों, ईश्वर का स्वरूप, योगाङ्ग, समाधि, कैवल्य।
3. बादरायणः ब्रह्मसूत्र 1.1 (शांकरभाष्य)
4. विश्वनाथपंचाननः न्यायसिद्धान्तमुक्तावली (अनुमानखण्ड)
5. सर्वदर्शनसंग्रहः जैनमत, बौद्धमत
इकाई-V
व्याकरण एवं भाषाविज्ञान
(क) सामान्य-परिचय : निम्नलिखित आचार्यों का परिचय -
पाणिनि, कात्यायन, पतंजलि, भर्तृहरि, वामनजयादित्य, भट्टोजिदीक्षित, नागेशभट्ट, जैनेन्द्र, कैय्यट, शाकटायन, हेमचन्द्रसूरि, सारस्वतव्याकरणकार।
पाणिनीय शिक्षा
भाषाविज्ञान :
भाषा की परिभाषा, भाषा का वर्गीकरण (आकृतिमूलक एवं पारिवारिक), ध्वनियों का वर्गीकरण: स्पर्श, संघर्षी, अर्धस्वर, स्वर (संस्कृत ध्वनियों के विशेष संदर्भ में), मानवीय ध्वनियंत्र, ध्वनि परिवर्तन के कारण, ध्वनि नियम (ग्रिम, ग्रासमान, वर्तर) अर्थ परिवर्तन की दिशाएँ एवं कारण, वाक्य का लक्षण व भेद, भारोपीय परिवार का सामान्य परिचय, वैदिक संस्कृत एवं लौकिक संस्कृत में अन्तर, भाषा तथा वाङ् में अन्तर, भापा तया बोली में अन्तर।
इकाई-VI
(ख) व्याकरण का विशिष्ट अध्ययन :
परिभाषाएँ - संहिता, संयोग, गुण, वृद्धि, प्रातिपदिक, नदी, घि, उपथा, अपृक्त, गति, पद, विभापा, सवर्ण, टि, प्रगृहा, सर्वनामस्थान, भ, सर्वनाम, निष्ठा।
सन्धि -अच् सन्धि, हन् सन्धि, विसर्ग सन्धि (लघुसिद्धान्तकौमुदी के अनुगार)
सुबन्त -अजन्त राम, सर्व (तीनों लिंगों में), विश्वपा, हरि, वि (तीनों लिंगों में), सखि, सुधी, गुरु, पितृ, गौ, रमा, मति, नदी, धेनु, मातृ, ज्ञान,
वारि, मधुः हलन्त लिहू, विश्ववाह, चतुर् (तीनों लिंगों में), इदम् (तीनों बिंगों में), किम् (तीनों लिंगों में), तत् तीनों लिंगों में), राजन्, मघवन्, पचिन्, विद्धस्, अस्मद्, युष्मदा
समास - अव्ययीभाव, तत्पुरुप, बहुब्रीहि, इन्द्र, (लघुसिद्धान्तकौमुदी के अनुसार)
तद्धित -
तिङन्त -
प्रत्ययान्त -
कृदन्त -
अपत्यार्थक एवं मत्वर्थीय (सिद्धान्तकौमुदी के अनुसार)
भू, एथ्, अद, अस्, ह, विव, पुन्, तुद, तन्. कृ. रुथ, की, चुर।
णिजन्तः सन्नन्तः यङन्तः यङ्लुगन्तः नामधातु।
तव्य / तव्यत्ः अनीयः यत्ः ण्यत्ः क्यपूः शतृ, शानन्, क्त्वाः क्तः क्तवतुः तुमुन्ः णमुल्।
श्रीप्रत्यय लघुसिद्धान्त कौमुदी के अनुसार
कारक प्रकरण सिद्धान्तकौमुदी के अनुसार
परस्मैपद एवं आत्मनेपद विधान सिद्धान्तकौमुदी के अनुसार
महाभाष्य (पस्पशाहिनक) - शब्दपरिभाषा, शब्द एवं अर्थ संबंध, व्याकरण अध्ययन के उद्देश्य, व्याकरण की परिभाषा, माधु शब्द के प्रयोग का परिणाम, व्याकरण पद्धति।
वाक्यपदीयम् (ब्रह्मकाण्ड) - स्फोट का स्वरूप, शब्द-ब्रह्म का स्वरूप, शब्द-ग्रा की शक्तियाँ, स्फोट एवं ध्यनि का संबंध, शब्द-अर्थ संबंध, ध्वनि के प्रकार, भाषा के स्वर।
इकाई-VII
संस्कृत-साहित्य, काव्यशास्त्र एवं छन्दपरिचय :
(क) निम्नलिखित का सामान्य परिचय :
भास, अश्वघोष, कालिदास, शूद्रक, विशाखदत्त, भारयि, माघ, हर्ष, बाणभट्ट, दण्डी, भवभूति, भट्टनारायण, बिल्हण, श्रीहर्ष, अम्बिकादत्तव्यास, पंडिता क्षमाराव, वी. राघवत्, श्रीधरभास्कर वर्णकर।
काव्यशाख: रससम्प्रदाय, अलंकारसम्प्रदाय, रीतिसम्प्रदाय, ध्वनिसम्प्रदाय, ब्रकोक्तिसम्प्रदाय, औचित्यसम्प्रदाय ।
पाश्चात्य काव्यशाला अरस्तू, लॉन्जाइनस, कोचे।
इकाई-VIII
(ख) निम्नलिखित का विशिष्ट अध्ययन :
मद्यः बुद्धचरितम् (प्रथम) रघुवंशम् (प्रचमसर्ग), किरातार्जुनीयम् (प्रवमसर्ग), शिशुपालवधम्, (प्रथमसर्ग), नैषधीयचरितम् (प्रथमसर्ग)
नाट्य: स्वप्नवासवदत्तम्, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, वेणीसंहारम्, मुद्राराक्षसम्, उत्तररामचरितम्, रखावली, मृच्छकटिकम्।
गद्य: दशकुमारचरितम् (आष्टम-उच्छवास), हर्षचरितम् (पञ्चम-उच्छवास), कादम्बरी (शुकतासोपदेश)
चम्पूकाव्य: नम्त्तचम्पूः (प्रथम-उच्छवास)
साहित्यदर्पणः
काव्यपरिभाषा, काव्य की अन्य परिभाषाओं का खण्डन, शब्दशक्ति-(संकेतग्रह, अभिधा, लक्षणा, व्यंजना), काव्यभेद (चतुर्भ परिच्छेद) श्रव्यकाव्य (गद्य, पद्य, मिथ काव्य-लक्षण)
काव्यप्रकाशः
काव्यप्रयोजन, काव्यहेतु काव्यनेद, शब्दशक्ति, अनिहितात्ययवाद, अन्विताभिधानयाद, रसस्वरूप एवं रगसूत्र विमर्श, रसदोष, काव्यगुण, व्यंजनान्ति की स्वापना (गाम उल्लास) अंलकारः-
वक्रोक्ति, अनुप्रास, धमक, क्षेप, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, समायोक्ति, अपहनुति, निदर्शना, अर्थान्तरन्यास, दृष्टान्त, विभाषना, विशेषोक्ति, म्वभाबोक्ति, विरोधाभास, मकर, संमुष्टि।
ध्वन्यालोकः (प्रथम उद्योत)
वक्रोक्तिजीवितम् (प्रथम उन्मेष)
भरत-नाट्यशास्त्रम् (द्वितीय एवं षष्ठ अध्याय)
दशरूपकम् (प्रथम तथा तृतीय प्रकाश)
छन्द परिचय - आर्या, अनुष्टुत्, इन्द्रवजा, उपेन्द्रवजा, वमन्ततिलका, उपजाति, वंशस्थ, द्रुतविलम्बित, शालिनी, मालिनी, शिखरिणी, मन्दाक्रान्ता, हरिणी, शार्दूलविक्रीडित, सरधरा।
इकाई-IX
पुराणेतिहास, धर्मशास्त्र एवं अभिलेखशास्त्र
(क) निम्नलिखित का सामान्य परिचयः
रामायण - विषयवस्तु, काल, रामायणकालीन समाज, परवतीं ग्रन्थों के लिए प्रेरणास्रोत, साहित्यिक महत्त्व, रामायण में आख्यान
महाभारत - विषयवस्तु, काल महाभारतकालीन समाज, परवर्ती ग्रन्थों के लिए प्रेरणास्रोत, साहित्यिक महत्व, महाभारत में आख्यान।
पुराण पुराण की परिभाषा, महापुराण उपपुराण, पौराणिक सृष्टि-विज्ञान, पौराणिक आख्यान।
प्रमुख स्मृतियों का सामान्य परिचय।
अर्थशाख का सामान्य परिचय।
लिपि : ब्राह्मी लिपि का इतिहास एवं उत्पत्ति के सिद्धान्त।
अभिलेख का सामान्य परिचय
इकाई-X
(ख) निम्नलिखित ग्रन्थों का विशिष्ट अध्ययन
कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (प्रथम-विनयाधिकारिक)
मनुस्मृतिः (प्रथम, द्वितीय तथा सप्तम अध्याय)
याज्ञवल्क्यस्मृतिः (व्यवहाराध्याय)
लिपि तथा अभिलेख
> गुप्तकालीन तथा अशोककालीन ब्राह्मी लिपि।
अशोक के अभिलेख प्रमुख शिलालेख, प्रमुख स्तम्भमेव
मौयॉतरकालीन अभिलेख कनिष्क के शासन वर्ष 3 का सारनाथ बौद्ध प्रतिमा लेख, रुद्रदामन् का गिरनार शिलालेख, बारवेस का हाथीगुम्फा अभिषेख
> मुतकालीन एवं मुधोत्तरकालीन अभिलेख समुद्रगुप्त का इलाहाबाद स्तम्भलेख, पशोधर्मन् का मन्दगौर
शिलालेख, हर्ष का बांसखेड़ा ताम्रपट्ट अभिलेख, पुलकेशिन् द्वितीय का ऐहोल शिलालेख
HP SET Sanskrit Exam Pattern 2026
| Paper | Subject | No.of Question | Marks | Duration |
| Paper - 2 | Sanskrit | 100 | 200 | 120 Minutes |
| Total | 100 | 200 | 120 Minutes |
HP SET Exam Date 2026 : Notified Soon
Starting Date of Applcation Form : 05th January 2026
Last Date to Application Form : 30th January 2026
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3. 1500 (+) Current Affairs MCQ with Answer PDF in.
4. 1000 (+) GK MCQ with Answer PDF Book.
2. Question Bank - 2000 Questions with Answer.
3. 1500 (+) Current Affairs MCQ with Answer PDF in.
4. 1000 (+) GK MCQ with Answer PDF Book.
₹281₹311
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HP SET Sanskrit
Combo - 3 (Sanskrit)
1. Online Mock Test Series in Sanskrit = 20 Tests.
2. Question Bank - 2000 Questions with Answer.
3. Printed Material 10 Mock Test Papers with OMR Sheet.
4. 1500 (+) Current Affairs MCQ with Answer PDF in.
5. 1000 (+) GK MCQ with Answer PDF Book.
2. Question Bank - 2000 Questions with Answer.
3. Printed Material 10 Mock Test Papers with OMR Sheet.
4. 1500 (+) Current Affairs MCQ with Answer PDF in.
5. 1000 (+) GK MCQ with Answer PDF Book.
₹701₹771
Combo Package

HP SET Sanskrit
Combo - 4 (Sanskrit)
1. Online Mock Test Series in Sanskrit = 30 Tests.
2. Question Bank - 2000 Questions with Answer.
3. Printed Material 10 Mock Test Papers with OMR Sheet.
4. EBook of HP SET Sanskrit (1000 MCQ) PDF Format.
5. 1500 (+) Current Affairs MCQ with Answer PDF.
6. 1000 (+) GK MCQ with Answer PDF Book.
2. Question Bank - 2000 Questions with Answer.
3. Printed Material 10 Mock Test Papers with OMR Sheet.
4. EBook of HP SET Sanskrit (1000 MCQ) PDF Format.
5. 1500 (+) Current Affairs MCQ with Answer PDF.
6. 1000 (+) GK MCQ with Answer PDF Book.
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FAQs
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Mock tests are practice exams to prepare the students for the final one. Taking mock test regularly helps students to improve time management skills and boost confidence.
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