फर्श चित्रकलाए रंगोली
भारत की एक प्राचीन और परमपरागत लोक कला हैं । इसे सामान्यत : त्योहार, पूजा, उत्सव तथा विवाह आदि शुभ अवसरों पर बनाया जाता हैं । इसमें सूखे और प्राकृतिक रंगो का प्रयोग किया जाता है । प्राचीन काल से इसके लिए प्रयोग में लाये जाने वाले रंगो में पिसा हुआ चावल, सिन्दूर, हल्दी, आटा, चूना इत्यादि का प्रयोग होता था, परन्तु अब इसमें रासयनिक रंगो का भी प्रयोग किया जाता हैं । इसे आध्यात्मिक प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता हैं । इसमें भूमि शुद्धिकरण एवं समृद्धि की भावना निहित होती हैं ।