बिजनेस में तोडें अपने ‘मेंटल ब्लॉक‘
एंटरप्रेन्योरशिप में अच्छी खासी जगह बना लेने के बावजूद कई एंटरप्रेन्योर्स अपने मन में तरह-तरह के भ्रमो को पालकर बैठे रहते है, जो उन्हे बिजनेस में साहसी निर्णय लेने से रोकते रहते है। इनमें से कई धारणाआें का कोई वास्तविक आधार ही नही होता और इन्हे मिटाने का जरा सा प्रयास करते ही धाराशायी हो जाती है। आप भी ऐसी धारणाआें पर गौर करके इनसे पाएं मुक्ति-
1 जोखिम में है डर
बिजनेस फील्ड में थोडा बहुत स्थापित हो चुके कई नए एंटरप्रेन्योर्स में जोखिम को लेकर डर पाया जा सकता है। वे सोचते हैं कि मेरे पास कोई मजबूत बैकअप तो हैं नही, ऐसे में मेरे जोखिम लेने से यह सब भी मिट्टी में मिल सकता है। यह अप्रोच गलत है क्योंकि जोखिम के दम पर ही तो आप यहां तक पंहुचे हैं।
2 एक ही है ट्रेंक
नए एंटरप्रेन्योर्स में एक यह भी धारणा पाई जाती है कि वे हाल मे मिली विफलता को चिरस्थायी मान बैठते हैं और दोबारा उस काम में हाथ ही नही डालते। इस धारणा को मिटाने के लिए विफलता के कारणो का विश्लेषण करें और अगली बार कोशिश करते हुए उन सभी खामियो को दूर करके नए तरीके अपनाएं। विफलता कोई ट्रेंड नही।
3 अकेले नही चलना
जिन नए एंटरप्रेन्योर्स में विफलता का डर हावी होता है, वे कुछ नयापन लाने मे कतराते हैं। उनका मानना होता हे कि किसी चीज के जमे-जमाए बाजार में तो खपा जा सकता है लेकिन इनोवेटिव अप्रोच कहीं अकेला ही न कर दें। इस धारणा को तोडने के लिए तर्कसंगत विश्लेषण कर कदम उठाएं। अकेला चलना अक्सर आगे ले जाता है।