"वर्क  फ्रॉम  होम" के  दोहरे  लाभ

एंप्लॉइज  को  घर  से  काम  करने  का  मौका  देने  से  आपको  फायदा  है । महीने  में  कुछ  दिन  एंप्लॉइज  को  घर  से  काम  करने  का  अवसर देकर  कंपनियां  पहुंचा  रही  हैं, दोनो  ही  पक्षो  को  अच्छा - खासा  फायदा । आजकल  अक्सर  कंपनियां  अपने  एंप्लॉइज  को  कुछ  दिन  घर  से  ही  बैठकर  काम भेजने  का  अवसर  देती  हैं, जिसके  तहत, वैसे  तो  वे  एक  तरह  की  छुटटी  पर  होते  हैं, लेकिन  दिन  का  कुछ  समय  निकालकर  उन्हें  ऑफिस  का  काम  निपटाकर  भेजना  होता  है ।  अप्रोच  दोनो  पक्षों  के  लिए  करती  है ।  जानिए  कैसे -

छुटटी  का  लाभ

वर्क  फ्रॉम  होम  करने  वाले  एंप्लॉइज  को  अपने  घर  के  कामकाज  निपटाने  या  दोस्तों  से  मिलने  का  समय  मिल  जाता  है ।

होती  है  बचत

ऑफिस  का  काम  चूंकि  एंप्लॉइज  घर  बैठे  कर  करा  है, ऐसे  में  ऑफिस  के  कई  खर्च  बच  जाते  हैं ।  ये  खर्च  बिजली  से  लेकर  खान - पान  तक  के  हो  सकते  हैं । एंप्लॉइज  जब  घर  से  काम भेज  रहा  है, तो  आपके  पास  उन  दूसरे  एंप्लॉइज  के  लिए  स्पेस  भी  उपलब्ध  हो  जाता  है, जिन्हें  स्पेस  के  अभाव  में  आप  नियमित  रूप  से  बुला  नहीं  पाते ।

बढता  है  जुडाव

किसी  एंप्लॉई  को  इमरजेंसी  में  यह  विकल्प  राहत  देता  है  और  इससे  कंपनी  के  साथ  उसका  जुडाव  पहले  से  बेहतर  हो  जाता  है । सही  वजह  है  कि  वर्क  फ्रॉम  के  ऑप्शन  को  किसी  कंपनी  की  वर्कर्स  के  प्रति  उदारता  के  रूप  में  प्रचारित  किया  जाने  लगा  है ।

बढती  प्रोडक्टिविटी

लंबी  दूरी  तय  करके  आने  वाले  एंप्लॉइज  को  जब  घर  बैठकर  काम  करने   को  मिलता  है  तो  वह  तसल्ली  से  काम  कर  पाते  हैं  और  बेहतर  रिजल्ट  देते  हैं ।  इस  विकल्प  से  काम  की  उत्पादकता  बढती  है ।