एडवर्टाइजिंग का तय हो लक्ष्य 

एडवटा्रइजिंग को प्रभावी बनाने के लिए अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें। 
एडवर्टाइजिंग को सफल तभी बनाया जा सकता है, जब आपके दिमाग में यह स्पष्ट हो कि आप इसके जरिए हासिल क्या करना चाहते हैं। 
बिजनेस में जब प्रचार करते हैं तो हमेशा इसका लक्ष्य एक नहीं होता। कभी इसका उदद्ेश्य किसी नए प्रोडक्ट को लाने की जानकारी देना होता है, तो कभी पुराने प्रोडक्ट में नया फीचर लेकर आने के बारे में कभी पुराने नाम को बदलकर नया नाम रखने के किया जाता है तो कभी यह प्रचार अपने पूरे बिजनेस का नाम बनाने के लिए किया जाता है। यह पूरी तरह से प्रभावी तभी होता हैं, जब आपके सामने आपका यह लक्ष्य अच्छी तरह से स्पष्ट हो। 

प्रोडक्ट नया या फीचर 

जब नया प्रोडक्ट लाएं तो उसे पहले से मौजूद ऐसे प्रोडक्ट्स की तुनला में श्रेष्ठ साबित होगा। पुराने प्रोडक्ट में नया फीचर लाएं तो इस फीचर की प्रासंगिकता और जरूरत स्थापित होगी। 
 

बचाना है नाम 

जब कपंनी की साख को हाल ही में किसी विवाद के चलते नुकसान पहुचां होता है, तब नाम बचाने के लिए एडवर्टाइजिंग का सहारा लिया जाता है। इस दौरान जोर नए प्रोडक्ट पर नहीं, बल्कि कपनी के अच्छे कार्यो और उपलब्धियों पर रहता है। 
बदलना है नाम 

नाम बदलने के कई कारण होते हैं लेकिन उदद्श्य बिजनेस में सकारात्मकता लाना ही होता है। पिछले क्लाइंट बेस से हाथ नहीं धोना चाहते तो यह जरूर प्रचारित करें किहम पहले कौन थे और अब क्या बन रहे हैं।