लिमिटेशन्स की बढाएं थोडी लिमिट
बिजनेस हो या नौकरी , अक्सर लोग अपनी क्षमताओं के सीमित होने की बात कहकर कई ऐसे कामों को टाल जाते है, जो वास्तव में उनकी तरक्की के द्वार खोल सकते है। ये लिमिटेशन्स अक्सर वास्तविक नहीं होतीं क्योंकि आपकी ओर से प्रयास किए जाने पर ये टूट जाती है। तो क्यां न आपकी क्षमताओं को ज्यादा से ज्यादा विस्तार देने पर काम किया जाए। आज जानिए इसके कुछ तरीके.
कोई मददगार हो
लंबे समय से जिस स्तर को आप अपनी क्षमताओं की लिमिटेशन मानकर चले आ रहे हैं, उसे तोडने के लिए किसी की मदद तो आपको चाहिए ही होगी। यह मददगार आपका कोई सीनियर भी हो सकता है और ऑफिस के बाहर कोई अनुभवी विशेषज्ञ भी। इसलिए कुछ भी नया सीखने के लिए और किसी भी फील्ड में आगे बढने के लिए अनुभवी लोगों से मदद मांगने से नहीं चूकें।
लेना सीखें जोखिम
हमारी क्षमताएं तब तक सीमित हो जाती हैं ,जब हम नए जोखिम लेना बंद कर देते है। अपनी प्रोफेशनल लाइफ में थोडा.थोडा जोखिम लेना सीखें। इस तरह से आपका ज्यादा कुछ दांव पर भी नहीं लगता और आप नए.नए लक्ष्य तय करके आगे बढते जाते है। जोखिम बहुत बडा न हो। इसके साथ ही अपना बैकअप प्लान बनाकर चलें।
पता लगाएं कमी
किसी बिंदु को अपनी लिमिट मान लेने की एक वजह यह है कि उसके पार जाने के लिए
हम अपने आप में कोई कमी देख रहे हैं। सबसे पहले तो उस कमी का पता लगाएं कि आपको क्यों लग रहा है कि आप किसी काम को अंजाम नहीं दे सकते। कमी के रेखांकित होने के बाद अपना ध्यान पहले उस कमी को दूर करने में लगाएं।