कंपनी में रखें स्ट्रेटेजिक थिंकर
कंपनी में एंम्प्लॉइज को हायर करते समय सिर्फ उनके स्किल्स ही नहीं ,थिकिंग पर भी गौर करें।
हायरिंग प्रोसेस में किसी एंप्लॉई के अनुभव , टेक्नीकल स्किल्स और अब तक की उपलब्धियों को देखने के अलावा एक और चीज है, जिस पर पारखी एंप्लॉयर्स गौर करते है। यह चीज है उनकी ष्स्ट्रेटेजिक सोचष् नियुक्ति के लिए आने वाले इन आवदेको की इनोवेशन से भरी सोच को परखने के पीछे उनका मकसद एक ऐसा थिंक टैंक भी तैयार करना होता हैं, जो समय आने पर कंपनी के काम आ सके।
बना दिया बॉस
अपनी ही कंपनी के प्रति कोई नया नजरिया देखने के इच्छुक एंटरप्रेन्येर आवेदक को ऐसा सिचुएशनल टेस्ट देते है, जहां उसे कंपनी का बॉस मान जाता है। बॉस की पोजिशन पर होने के दौरान उसके द्वारा लिए जाने वाले फैसलों से उसकी स्ट्रेटेजिक थिंकिंग के साथ साथ टीम स्प्रिट की झलक भी मिल जाती है।
ढूंढ दो खामी
किसी भी आवेदक की स्ट्रेटेजिक थिंकिंग की परख करने के लिए आप उसे अपनी कंपनी की किसी मौजूदा नीति में खामी ढूंढने के लिए और फिर उसे दॅर करने के उनाय के बारे में भी पूछ सकते है और चाहें तो खुद कोई सिचुएशन देकर उचित निर्ण्य लेने के लिए भी कह सकते है।
सोच में इनोवेशन
तमाम डिग्रीज और मैकेनिकल स्किल्स के बावजूद यदि कोई एंप्लॉई इनोवेटिव ढंग से सोच नहीं पाता तो उसका योगदान आपकी कंपनी की ग्रोथ में बहुत सीमित ही रहेगा। अपने एंम्प्लॉइज से इनोवेशन की उम्मीद रखने वाले एंप्लॉयर अक्सर इनोवेटिव थिंकिंग को प्रोत्साहन देते है। इसकी पहचान के लिए वे उन्हें टास्क देते है। किसी मुश्किल काम को ये कुछ नए तरीके से करके दिखाते हैं तो एप्लॉयर्स को उनकी तकनीकी दक्षता के साथ एक नया एसेट मिल जाता है।