क्लाइंट रिलेशन की कर ले सेफ्टी
बिजनेस में जिन क्लाइंट्स के साथ आप कारोबार करते है, उनके साथ रिश्ते अच्छे बनाए रखने के लिए कुछ सेफ्टी प्लानिंग आपको करके रखनी पडती है। इस प्लानिंग में आप कुछ ऐसे कदम उठाते है, जिनके चलते आप भविष्य में आपके और क्लाइंट के बीच हो सकने वाली गलतफहमियों को होने से रोक सकते है। इस तरह से आप क्लाइंट रिलेशन्स की नींव को बनाते है। मिसअंडरस्टेंडिंग प्रूफ। क्लाइंट रिलेशन को सही दिशा में ही रखने के लिए रिकॉर्ड मेंटेनेंस पर भी ध्यान दें। ये रिकॉर्ड्स आपकी क्लाइंट्स के साथ होने वाली मीटिंग्स के मिनट्स और ऑर्डर में होने वाले बदलावो, डिलीवरी की तारीखों आदि से जुडे हो सकते है।
अग्रीमेंट है जरूरी
अपने क्लाइंट के जिस भी ऑर्डर को आप पूरा करने वाले है, उसके लिए यदि लिखित में अग्रीमेंट कर लेते है, तो बेहतर रहेगा। लिखित रिकॉर्ड होने का फायदा यह रहता है कि ऑर्डर डिलीवरी, इससे जुडे निंयमो और शर्तो का लिखित प्रूफ आपके पास रहता है और क्लाइंट बीच में अपनी नई माँगे नही उठा पाता। आपका पक्ष भी साफ रहता है।
लें फीडबैक भी
क्लाइंट से फीडबैक लेने का लाभ यह है कि आपको उन बातों पर गौर करने का मौका मिल जाता है, जो सही दिशा में नही जा रहीं। एक बार अग्रीमेंट हो जाने के बाद यदि आप दोनो के बीच कुछ इश्यूज पैदा हो रहे है तो जरूरी नही कि अग्रीमेंट पर अडे ही रहा जाए। यदि आपसी सहमति हो तो इसमें कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं।