पार्थियाई / पहलव
1. पार्थियाई मध्य एशिया के ईरान से आए थें । पश्चिमोतर भारत में शकों के आधिपत्य के बाद पार्थियाई लोगो का आधिपत्य हुआए जिन्हे भारतीय स्त्रोंतो में पहलाव कहा गया हैं । भारत में पार्थियन साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक मिथेडेटस प्रथम ( 171 - 130 ई. पू. ) था ।
2. इस वशं का सर्वाधिक शक्तिशाली शासक गोन्दोफर्निस ( 20 - 41 ई. ) था । खरोष्ठी लिपि में उत्कीर्ण तख्तेबही अभिलेख में इसे तख्तेबही कहा गया हैं ।
3. गोन्दोफर्निस के शासनकाल में "सेण्ट टॉमस" ईसाई का धर्म का प्रचार करने के लिए भारत आया था । इसकी राजधानी तक्षशिला थी ।
4. पार्थियन शासको के सिक्को पर ध्रमयि ( धार्मिक ) उपाधि उत्कीर्ण मिलती हैं । समभवत : पार्थियनों की आर्थिक दशा अच्छी नहीं थींए क्योंकि उनके समय में बहुत कम चाँदी के सिक्के प्राप्त होते हैं ।
5. पार्थियन राजाओं ने बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया था । गोन्दोफर्निस ने देवव्रत की उपाधि ली थी । इस साम्राज्य का अन्त कुषाणों द्धारा हुआ ।