शक शासन

1. शक  मूलत : सीरिया  के  उतर  में  निवास  करने  वाली  जाति  थी । वे  बोलन  दर्रे  से  भारत  आए  थे । भारतीय  स्त्रोंतो  में  शको  को  सीथियन  नाम  दिया  गया  हैं । 
2. 161 ई. पू. में  यू - ची  नामक  एक  मध्य  एशियाई  जाति  ने  शकों  को  इनके  निवास  स्थान  सरदरिया  नदी  इलाके  से  खदेड़  दिया  था ।
3. प्रथम  शक  शासक  मोगा  या  माऊस  था । उसकी  राजधानी  तक्षशिला  थी । सिक्को  के  आधार  पर  उसका  साम्राज्य  पुष्कलावतीए कपिशा  तथा  पूरब  में  मथुरा  तक  विस्तृत  था । 
4. महाराष्ट्र  के  पश्चिमी   शक  शासक  में  क्षहरात  वशं  का  नहपान  सबसे  प्रसिद्ध  शासक  था । नहपान  ने  अपने  सिक्कों  में  अपने  को  राजा  लिखा  हैं । इसके  सिक्के  अजमेर  से नासिक  तक  मिलते  हैं । 
5. मालवा  के  शासक  ने  58 ई. पू. में  शक  शासकों  को  पराजित  कर  विक्रमादित्य  की  उपाधि  धारण  की  तथा  57 ई. पू. में  विक्रम  संवत  की  शुरूआत  की । 
6. रूद्रदामन ( 130 - 150 ई. ) भारत  में  शकों  का  सर्वाधिक  प्रसिद्ध  शासक  था । इसने  अपने  समकालीन  शातकर्णी  द्धितीय ( विशिष्टीपुत्र  पुलुमावि ) को  दो  बार  पराजित  किया  था । 
7. रूद्रदामन  ने  सुदर्शन  झील  की  मरम्मत  कराई । इस  झील  का  निर्माण  मौर्य  काल  में  हुआ  था । इसके  समय  सौराष्ट्र  प्रान्त  का  शासक  सुविशाख  था । 
8. रूद्रदामन  संस्कृत  का  बड़ा  प्रेमी  था । उसने  ही  सबसे  पहले  विशुद्ध  संस्कृत  भाषा  में  लम्बा  अभिलेख ( गिरनार  अभिलेख ) प्राकृत  भाषा  में  रचित  थें ।